सीआरपीएफ 223 वीं वाहिनी कमांडेंट रघुवंश कुमार के निर्देशन में नशा से होने वाले दुष्परिणाम के प्रति लोगो को जागरूक करने निकाली रैली




सुकमा:-आज 26 जून अन्तर्राष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस के उपलक्ष्य में दोरनापाल स्थित सीआरपीएफ 223 वीं वाहिनी के कमांडेंट श्री रघुवंश कुमार के निर्देशन पर डिप्टी कमांडेंट लोकेश कुमार ,डॉक्टर संतोष कुमार के मौजूदगी में 233 वीं वाहिनी हेडक्वेटर से अधिकारियों वा जवानों ने रैली निकाल कर लोगो को नशा से होने वाले दुष्परिणाम के प्रति जागरूक करने के साथ नशा से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी।
नशीले प्रदार्थ के सेवन से युवा वर्ग के साथ बच्चे और महिलाओं का एक बड़ा हिस्सा नशे का शिकार हो रहा है
नशा, एक ऐसी बीमारी है जो कि युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में लेकर उसे कई तरह से बीमार कर रही है। शराब, सिगरेट, तम्बाकू एवं ड्रग्स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर युवा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा नशे का शिकार हो रहा है। नशे की लत ने इंसान को उस स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब व्यक्ति मादक पदार्थों के सेवन के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, वह नशे के लिए जुर्म भी कर सकता है। नशे के मामले में महिलाएं भी पीछे नहीं है। महिलाओं द्वारा भी मादक पदार्थों का बहुत अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है!
डिप्टी कमांडेंट लोकेश कुमार ने लोगो को नशे से होने वाली हानि के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि:- नशा करने वाला व्यक्ति हमेशा चिढ़ा हुआ और मानसिक तनाव से ग्रसित होता है।नशा करने वाला व्यक्ति आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक तौर से कमजोर होता है। साथ ही मादक पदार्थों के सेवन से सबसे बड़ी हानि, स्वास्थ्य की हानि है। इससे आपके शरीर के कई अंगों पर एक साथ विपरीत असर पड़ता है। खास तौर से यह आपके दिमाग को भी अपनी चपेट में ले लेता है।