ऑपरेशन सेव दीपेंद्र सक्सेस BIG ब्रेकिंग: घंटो की मशक्कत के बाद बोरवेल में गिरे 5 साल के मासूम को बाहर निकाला गया... दीपेंद्र को देखने उमड़ा जन सैलाब... देखें पहली तस्वीरें.....
Operation Save Deependra Success, 5 year old boy fell in borewell update, Trapped in 30 feet depth छतरपुर. बोरवेल में फसे बच्चे दीपेंद्र को सकुशल निकाला गया. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ओरछा थाना क्षेत्र के नारायणपुरा-पठापुर के बीच गांव में खेत में खेलते वक्त पांच साल का मासूम दीपेंद्र यादव बोरवेल गिर गया था. रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा. CM ने कहा की रंग लाईं आप सभी की दुआएं! प्रदेशवासियों की दुआओं, जिला प्रशासन और रेस्क्यू टीम के अथक प्रयासों से बोरवेल में फंसे बेटे दीपेंद्र को सकुशल और सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. दीपेंद्र पूर्ण रूप से स्वस्थ है. फिलहाल उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.




Operation Save Deependra Success, 5 year old boy fell in borewell update
छतरपुर. बोरवेल में फसे बच्चे दीपेंद्र को सकुशल निकाला गया. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ओरछा थाना क्षेत्र के नारायणपुरा-पठापुर के बीच गांव में खेत में खेलते वक्त पांच साल का मासूम दीपेंद्र यादव बोरवेल गिर गया था. रेस्क्यू ऑपरेशन सफल रहा. CM ने कहा की रंग लाईं आप सभी की दुआएं! प्रदेशवासियों की दुआओं, जिला प्रशासन और रेस्क्यू टीम के अथक प्रयासों से बोरवेल में फंसे बेटे दीपेंद्र को सकुशल और सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. दीपेंद्र पूर्ण रूप से स्वस्थ है. फिलहाल उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.
कलेक्टर संदीप जी आर एवं एसपी सचिन शर्मा स्वयं डॉक्टरों की टीम के साथ एम्बुलेंस से बच्चे को अस्पताल लेकर निकले. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में जहां 5 साल के दीपेंद्र यादव (deependra yadav) को 7 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सकुशल जीवित निकाल लिया गया है. बोरवेल से निकालते ही प्रशासन ने दीपेंद्र को परिजनों के साथ चेक अप के लिए अस्पताल भेज दिया है. 7 घंटे चले इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में स्टेट डिजास्टर इमरजेंसी रिस्पॉन्स फोर्स, स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन के साथ सेना ने मोर्चा संभाला था.
बालक दीपेंद्र लगभग दोपहर दो बजे खेत पर खेलते वक्त 40 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया था. इसके बाद कलेक्टर संदीप जीआर और बाकी टीम ने मीडिया को जानकारी दी कि बच्चा लगभग 25 फीट की गहराई पर जाकर फंस गया है. जब प्रशासन द्वारा गड्डे में रस्सी डाली गई तो बच्चे ने उसे पकड़ लिया. इसके बाद बच्चे को बोरवेल में लगातार ऑक्सीजन की सप्लाई भी दी गई. ओरछा रोड पर नारायणपुर और पठापुर के पास की हुई.
ग्वालियर, जबलपुर और सागर की SDERF को टीम के साथ, NDRF की टीम और आर्मी यूनिट ने साथ मिलकर इस रेस्क्यू ऑपरेशन को सफल बनाया. इसके अलावा उपस्थित ग्रामीणों ने भी पूरी तरह इस रेस्क्यू में साथ निभाया. इस घटना की जानकारी के बाद इस बोरवेल के बराबर एक 28 फुट का एक गड्डा खोदने की कवायद शुरू की गई. इस बीच हो रही बारिश के चलते भी प्रशासन और सेना को इस रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा था.