अनुसूचित जाति का 16 प्रतिशत आरक्षण रखें यथावत : बसपा




सुकमा- गुरुवार को बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अनुसूचित जाति के प्रस्तावित आरक्षण 13% को सुधार कर 16% करने की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जिलाध्यक्ष पुनेम दुला, सालोमल गांडा, मासाराम मड़काम उपस्थित रहे।
बसपा ने कहा कि अविभाजित मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति का आरक्षण सदैव 16 प्रतिशत ही रहा है, जिसे छत्तीसगढ बनने के बाद 4% कम कर दिया, फिर उसमें 1% बढ़ाने का प्रस्ताव लाया गया जो कि उचित नहीं है। जनसंख्या के आधार पर सभी वर्ग को आरक्षण दिया जाए। परन्तु भूपेश सरकार ने अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के साथ भेदभाव करने का काम किया है। दिनांक 24.11.2022 को छत्तीसगढ सरकार की केबिनेट ने एसटी, एससी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस को क्रमशः 32, 13, 27 और 4% आरक्षण देने का प्रस्ताव पारित किया है, जो कि कुल 76% हो है। हमारी मांग है कि इसे बढ़ाकर 79% किया जाए।
बसपा ने आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ सरकार की इस आरक्षण नीति को देखने से यह स्पष्ट होता है कि सरकार राज्य के अनुसूचित जातियों के प्रति घृणित मानसिकता रखती है, और इस तरह भेदभाव पूर्ण फैसला लेकर राज्य के एसटी, एससी, ओबीसी को ही आपस में लड़ाने का कार्य कर रही है, जो कि निंदनीय है।