बाबा उमाकान्त ने बताया घर का लड़ाई झगड़ा बंद करने, मुक्ति लेने का उपाय......

बाबा उमाकान्त ने बताया घर का लड़ाई झगड़ा बंद करने, मुक्ति लेने का उपाय......
बाबा उमाकान्त ने बताया घर का लड़ाई झगड़ा बंद करने, मुक्ति लेने का उपाय......

बाबा उमाकान्त ने बताया घर का लड़ाई झगड़ा बंद करने, मुक्ति लेने का उपाय

प्रभातफेरी निकालने से घुटने, गैस, आदि बहुत बीमारियां ठीक हो गई

आंख पेट सिर के फायदे के लिए बताये प्राकृतिक आसान नुस्खे


बावल (हरियाणा)। सेवा के प्रैक्टिकल फायदे समझाने वाले, प्राकृतिक उपचार बताने वाले, झगड़ा झंझट शुरू ही न हो उसका और अगर शुरू हो जाए तो बचने का तरीका बताने वाले, इस समय के युगपुरुष, पूरे समरथ सन्त सतगुरु, परम दयालु, त्रिकालदर्शी, दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त महाराज ने 8 जून 2021 प्रातः उज्जैन आश्रम में दिए व अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि सुबह शाकाहारी की प्रभात फेरियां लोग निकालते थे। दरवाजे के सामने से जाते थे। उसमें जाने से स्वास्थ्य भी सही रहता था, घुटने का दर्द, गैस और बहुत सी चीजें लोगों की ठीक हो गई। तो शाकाहारी का नारा लगाते हुए चले जाते थे। एक दिन एक आदमी घर से निकला, कहा रोज दरवाजे पर आते हो, कहते हो - हाथ जोड़ कर विनय हमारी, तजो नशा बनो शाकाहारी। चलो आज से छोड़ दिया। घर में नहीं आएगा, नहीं खाएंगे। कोई नहीं खाएगा हमारे घर में। अब इधर प्रचार की जरूरत नहीं है, बाबा लोग उधर प्रचार करो। ऐसा भी होता है अंदर से प्रेरणा हो जाती है, संस्कार जग जाते हैं। इस तरह का सिस्टम बनाओ। कंप्यूटर, मोबाइल का कोई भरोसा नहीं है। लेकिन लिखा-पढ़ी का पक्का भरोसा है। पक्का काम वो होता है। वह हमेशा कामयाब होते हैं। अनपढ़ लोग भी दिमाग में कोई चीज भर लेते थे तो हमेशा याद रहता था।

आंख पेट सिर के फायदे के लिए हरड़ बहेड़ा आंवला

बाबा उमाकान्त ने 8 फरवरी 2020 दोपहर बावल आश्रम में बताया कि यहां रुकोगे तो आनंद मस्ती आ सकती है, आती है। आदमी जगह बदल देता है। डॉक्टर भी कहता है, हवा बदल दो, चले जाओ वहां पहाड़ियों पर। वहां का मौसम वातावरण अच्छा है जहां जड़ी-बूटियों का घुला हुआ पानी झरने से नीचे निकल रहा है। जड़ी बूटियों के बहुत तरह के पेड़ रहते हैं। उसमें उनके कुछ फल पत्तियां डालें गिरती है। तो कहा गया है आंवला हरड़ बहेड़ा रात को भिगो दो और उसका पानी पियो, पेट साफ होगा, आंख की रोशनी बढ़ेगी, सिर का दर्द खत्म होगा। अब उसमें सब घुला हुआ रहता है तो झरने का पानी जब आदमी पीता है, (उन जड़ी-बूटियों को स्पर्श करती) हवा जब लगती है तो ऐसे ही रोग जाता रहता है। जैसे कहते हैं भीड़ में दम घुट रहा है, खुली हवा में चलो। तो हम यह नहीं कहते हैं कि सब के सब आप यहां रुको। हम ऐसा कोई काम नहीं बताते हैं जिससे आपको असुविधा हो लेकिन यह भी कहते हैं- आटो में घाटो नहीं, नहीं दाल का दर्शन, दूध और घी का नाम न लेना पड़े रहो चाहे बरसन। यह प्रेमियों का, प्रेम का भंडारा है, यहां तो आपको नमक रोटी मिलती ही रहेगी, उसमें कमी होने वाली नहीं है। लेकिन हम यह चाहेंगे कि समय से कार्यक्रम खत्म हो जाए। अब जो नए लोग आप आए हो, आपको जीते जी प्रभू से मिलने का रास्ता (नामदान) बताऊंगा।

झगड़ा झंझट से मुक्ति ले लो

बाबा उमाकान्त ने 8 फरवरी 2020 दोपहर बावल आश्रम में बताया कि गम खाना यानी कोई कुछ कहे तो दो बात बर्दाश्त कर लो। इससे झगड़ा झझंट से छुटकारा मिल जाएगा। नहीं तो अगर एक मुकदमे में फंस गए तो जूतियां घिस जाएँगी। एक पीड़ी मुकदमा लड़ते-लड़ते खत्म हो जाएगी, दूसरी पीढ़ी आ जाएगी। यहां तक कि तीन चार पीढ़ी से मुकदमे चल रहे हैं, खत्म नहीं हो रहे हैं। तो दो बात बर्दाश्त कर लो, झगड़ा झंझट से मुक्ति ले लो।

घर का लड़ाई झगड़ा बंद हो गया

बाबा उमाकान्त ने  8 फरवरी 2020 दोपहर बावल आश्रम में बताया कि मैं जयगुरुदेव नाम की ध्वनी बोलने के बारे में काफी दिन से बता रहा है लेकिन इसे आप सब लोग नहीं बोलते हो। हमको मालूम है। सतसंगी तो अपने को कहते हो और कई सतसंग सुन चुके हो लेकिन बोलते नहीं हो। देखो! डाक्टर कितनी ही बढ़िया दवा दे दे लेकिन अगर दवा नहीं खाओगे तो मर्ज तकलीफ कैसे जाएगी? आपके बच्चे, परिवार वाले ही मुसीबत में नहीं बोल पाएंगे। तब आप कहोगे गुरु ने मदद नहीं किया, हम तो ध्यान भजन भी करते हैं, प्रचार-प्रसार भी करते हैं और देखो हमारे बच्चों को तकलीफ हो गई। इसलिए नाम ध्वनी बराबर होना चाहिए। जिन घरों में होती है, वहां से बीमारियां हट रही है। जिस घर में पूरा परिवार ध्यान भजन करता है वहां लड़ाई झगड़ा बंद हो गया, बिगड़े काम भी बनने लग गए। तो करोगे तब तो विश्वास होगा।