यह धरती वक्त के समरथ सतगुरु से कभी खाली नहीं रहती है...




यह धरती वक्त के समरथ सतगुरु से कभी खाली नहीं रहती है
जानकर अगर कोई गलती करता है तो सख्त सजा मिलती हैं
उज्जैन (म.प्र.) : आपको-हमको थोड़े समय के लिए मिले इस अनमोल मनुष्य का असली उद्देश, लक्ष्य बताने समझाने वाले, उसे प्राप्त करवाने वाले, सही जानकारी करवा कर गलतियों से बचाने वाले, भक्तों के प्रेम तड़प आंसुओं से पिघल कर तुरंत मदद करने वाले, अपने बच्चों की कमियों को दूर करने के लिए चाहे प्यार से समझाए या खूब कड़क बोलना पड़े, सब तरह के यतन करने वाले, साफ़ बोलने वाले, वक़्त के पूरे समरथ सन्त सतगुरु, दुःखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त महाराज ने 4 अप्रैल 2023 दोपहर राजनंदगांव (छत्तीसगढ़ ) में दिए व अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में बताया कि वक्त गुरु जब मिल जाते हैं, रास्ता बता देते हैं तब तो जीवन के बचे समय में अपना काम हो जाता है। अपना काम क्या है? इस जीवात्मा को जीते जी प्रभु तक पहुंचाना, परमधाम की सैर कराना, यही इस जीवन का लक्ष्य, उद्देश्य है। मां के पेट में जब इसकी जानकारी थी तब इसी काम के लिए मनुष्य शरीर को प्रभु से प्रार्थना करके मांगा था और उसने दया करके कुछ समय के लिए इस मनुष्य शरीर रूपी किराए के मकान को दिया था। हमारे गुरु महाराज जैसे गुरु इस धरती पर हमेशा रहे और लोगों को रास्ता बताए। यह धरती समरथ गुरु सतगुरु, वक्त के गुरु से कभी खाली नहीं रही। कहा है- घिरी बदरिया पाप की, बरस रहे अंगार, सन्त न होते जगत में, जल मरता संसार। सबने यही काम किया।
जानकर बूझकर गलती करने पर सख्त सजा मिलती है
महाराज ने 1 जनवरी 2021 प्रातः उज्जैन आश्रम में बताया कि प्रेमियों ! जब आप स्वयं ध्यान भजन करोगे तब दूसरों को करने के लिए कहने के हकदार बनोगे, आपकी जबान में कीमत आएगी, आपके कहने का असर पड़ेगा। तो आपको वह भी करना पड़ेगा। और अगर खुद सेवा, परमार्थ नहीं करोगे, अपने अंदर स्वार्थ ही भरे रहोगे, दुनियादारी, छल कपट, लोभ, लालच आपके अंदर रहेगा, आपकी नीयत खराब रहेगी तो उसका (आपकी बात का) कोई असर नहीं पड़ेगा और आपको कर्मों की सजा मिल जाएगी। आपको तो ज्यादा मिलेगी क्योंकि आप जानकार हो। जानकार अगर कोई गलती करता है तो उसको सख्त सजा मिलेगी। और अगर आप इस परमार्थ के रास्ते पर चलोगे, गुरु भक्ति करोगे तो लोग आपके पीछे चल पड़ेंगे।
प्रार्थना आरती रोज करो, सतगुरु को ही प्रकट कर लो
महाराज ने 31 अक्टूबर 2020 प्रातः उज्जैन आश्रम में बताया कि सतगुरु की प्रार्थना करो। प्रार्थना ऐसी होनी चाहिए जिसकी सुनवाई हो जाए। उनको जब पुकारो, याद करो तो वह आपको देखे, आपसे आकर के मिल ले, आपके घट में ही प्रकट हो जाए, ऐसी प्रार्थना होनी चाहिए। और कहा गया आरती रोज करो। आरती कैसी? दिया चिराग की आरती अन्य मत की आरती है। यह बिन घृत दीप आरती साजू, दोउ आंखियन मझदारे यानी दोनों आँखों के बीच में सुरत बैठी हुई है, वहां से उनके शब्द को पकड़ो, उनकी वाणी को याद करो। याद करना और शब्द से जुड़ना यही आरती होती है। तो इस तरह की आरती रोज करो।
सतगुरु साफ बात करते हैं
महाराज ने 1 जनवरी 2023 प्रातः उज्जैन आश्रम में बताया कि फोड़े पर दवा लगाते रहो तो नासूर बन जाता है। लेकिन अगर फोड़े को काट करके उसी समय दवा भर दिया जाए तो नासूर नहीं बनेगा। थोड़ी दर्द, तकलीफ तो होगी लेकिन नासूर नहीं बनेगा, हड्डी-अंग नहीं काटना पड़ेगा। इसलिए (मैं) सीधा कहता हूं। कहा है गोस्वामी जी ने- राजा का मंत्री अगर राजा की मुंह देखी बात करे तो राज्य का नाश हो जाए। वैद्य अगर मरीज की इच्छानुसार खाने-पीने का बतावे तो रोग ठीक नहीं होगा। और जो उपदेश देने का, नाम दान देने का, दीक्षा देने का काम करते हैं, वो अगर मुंह देखी बात करे, कमियों को दूर न करे तो समझो धर्म-कर्म-परमार्थ सब खत्म हो जाता है। इसीलिए स्पष्ट बताना जरूरी है। एक- एक को बताने का समय नहीं है, (संगत में आने वालों की) संख्या बहुत बढ़ गई है इसीलिए इन बातों को मंच से ही बता देता हूं। अगर आपको विश्वास न हो तो अलग-अलग आदमी (हमसे) पूछ लेना, आपकी मन की सब बात बता सकता हूं। बोलो जयगुरुदेव।