Online Learning Programmes: छात्रों! पर दिखा ऑनलाइन क्लास का 'असर', ABCD भी भूल बैठे 8वीं-10वीं के छात्र... जाने कैसे होगी आगे की पढ़ाई ...
Online Learning Programs: Students! But the 'effect' of the online class was shown, even the students of class 8th-10th forgot ABCD... know how to study further... Online Learning Programmes: छात्रों! पर दिखा ऑनलाइन क्लास का 'असर', ABCD भी भूल बैठे 8वीं-10वीं के छात्र... जाने कैसे होगी आगे की पढ़ाई ...




Online Learning Programmes :
कर्नाटक (Karnataka Online Learning Programmes) के हाई स्कूल (आठवीं से दसवीं क्लास) के स्टूडेंट्स अब शुरुआत से ही अल्फाबेट सीखने में जुटे हुए हैं. ऑनलाइन क्लास की वजह से सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. बेहतर टेक्नोलॉजी व्यवस्था नहीं होने की वजह से उनकी बेसिक अर्थमैटिक और अल्फाबेट स्किल खराब हो गई है. (Online Learning Programmes)
यही वजह है कि अब स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने स्टूडेंट्स के बीच सीखने की खाई को पाटने के लिए कालिका चेतारिके या ‘लर्निंग रिकवरी प्रोग्राम’ का ऐलान किया है. लेकिन इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, टीचर्स ने ये पाया है कि प्रोग्राम की वर्कशीट की प्रैक्टिस करने के लिए भी स्टूडेंट्स को बेसिक अल्फाबेट सीखने की जरूरत होगी. साथ ही उन्हें वर्कशीट को करने के लिए सेटेंस कैसे बनाए जाते हैं, ये भी सिखाना होगा. दरअसल, लर्निंग रिकवरी प्रोग्राम का उद्घाटन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई द्वारा 16 मई को तुमकुर में किया गया था. इसका मकसद पिछले दो सालों के दौरान पढ़ाए गए कॉन्सेप्ट को फिर से रिवाइज करना था, जिन्हें महामारी के दौरान स्टूडेंट्स भूल चुके हैं. (Online Learning Programmes)
दो साल पीछे के क्लास के कॉन्सेप्ट को समझाने में जुटे टीचर्स
आठवीं क्लास के स्टूडेंट्स को वर्तमान अकेडमिक ईयर में छठी और सातवीं क्लास के कॉन्सेप्ट को सीखाया जाएगा. बेंगलुरू में साराक्की गवर्नमेंट हाई स्कूल की हेडमास्टर शोभा ने कहा, ‘हम वास्तव में आठवीं और नौवीं क्लास के स्टूडेंट्स को कन्नड़ सिखाने और समझाने के लिए ए, बी, सी से शुरू कर रहे हैं. ऐसा लर्निंग रिकवरी प्रोग्राम के तहत किया जा रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘जहां तक मैथमैटिक्स का सवाल है, हमने अभी सिंगल डिजिट एडिशन का रिवीजन पूरा किया है. स्टूडेंट्स को वास्तव में योग्यता के मामले में भारी कमी से जूझना पड़ा है. टीचर्स को स्टूडेंट्स को फिर से पटरी पर लाने में बहुत मुश्किल हो रही है.’(Online Learning Programmes)
कर्नाटक के 10 लाख बच्चे एजुकेशन सिस्टम से बाहर
इससे पहले, राज्य की शिक्षा प्रणाली उस समय अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई, जब ये मालूम चला कि 10 लाख से अधिक स्टूडेंट्स एजुकेशन सिस्टम से बाहर हो चुके हैं. बच्चों को एजुकेशन सिस्टम में वापस लाने के लिए 2013 में शुरू की गई एक स्वत: संज्ञान जनहित याचिका के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट में सौंपी गई एक रिपोर्ट में बताया गया कि 10,12,800 बच्चे स्कूल और आंगनबाड़ी नहीं जा रहे हैं.(Online Learning Programmes)