2024 में सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस पार्टी की नई रणनीति, उनका आकर्षक चुनाव घोषणापत्र देश के लोकतंत्र के लिए है, लेकिन अपने पिछले 60 वर्षों के शासन में, कांग्रेस ने देश में विकास के बजाय ज्यादातर भ्रष्टाचार को बढ़ाया है, यह भाजपा, पीएम मोदी के 10 साल और कांग्रेस के 60 साल के बीच का अंतर है।
Congress party's new strategy to gain power in 2024,




NBL, 07/04/2024, Lokeshwar Prasad Verma Raipur CG: Congress party's new strategy to gain power in 2024, Their attractive election manifesto is for the democracy of the country but in its last 60 years of rule, Congress has mostly increased corruption instead of development in the country, this is the difference between BJP, PM Modi's 10 years and Congress' 60 years. पढ़े विस्तार से....
आज किसी भी तरह से सत्ता हासिल करने की होड़ मची हुई है। देश की विपक्षी राजनीतिक पार्टियों में उसमे से कांग्रेस सर्वोच्च पार्टी है। सत्ता की भूख क्या नहीं करवाती? आज 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने इतना लुभावना घोषणापत्र जारी किया है कि अगर देश का लोकतंत्र अपने हित में सोचे तो कांग्रेस देश की सत्ता में आ सकती है। और बीजेपी के पीएम नरेंद्र मोदी की गारंटी बेकार हो जाएगी और उनके 400 प्लस 40 पर ही रह जाएंगे और देश में कांग्रेस बदले की भावना से ग्रसित हो जाएगी और पीएम नरेंद्र मोदी का भारत को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का सपना बेकार हो जाएगा और एक बार फिर भारत में भ्रष्टाचारियों का बोलबाला बढ़ जाएगा क्योंकि आज कांग्रेस गठबंधन दलों के कई नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं और कई नेताओं के खिलाफ देश की अदालतों में मामले चल रहे हैं और कई कांग्रेस गठबंधन भ्रष्टाचारी नेता आज जेल में और जमानत पर हैं।
भाजपा के पीएम नरेंद्र मोदी भी सत्ता के भूखे हैं, ये तो राजनीति का एक हिस्सा है लेकिन भूख दो तरह की होती है एक तो सत्ता में बैठकर सत्ता का आनंद लेना और पूरी ईमानदारी से देश की सेवा करना होता है और दूसरी भूख होती है सत्ता का सुख भोगना और सत्ता की आड़ में देश को लूटना और अपनी पीढ़ियों के लिए धन इकट्ठा करना और देश में भ्रष्टाचार रोकने की जगह वो खुद भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देते हैं। यही हाल आज कांग्रेस का है जो अपने सहयोगी दलों के भ्रष्ट नेताओं के बारे में कुछ नहीं कहती बल्कि उन्हें बढ़ावा देती है जैसे आज उदाहरण के तौर पर आम आदमी पार्टी के दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और कांग्रेस खुद उनके बचाव में बयान देती रहती है और भाजपा के पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को घेरती रहती है। जो कांग्रेस आज देश में न्याय करने की बात करती है वो खुद अन्याय करने वालों का साथ देती है।
देश के बहुत से लोग जो कांग्रेस के पक्षधर हैं और कांग्रेस को अपना हितैषी मानते हैं, वे कांग्रेस के आकर्षक घोषणापत्र को देखकर और पढ़कर बहुत खुश होंगे कि अब कांग्रेस देश में सत्ता हासिल करने में सफल होगी, लेकिन देश के लोकतंत्र को भाजपा के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को हटाने का कारण भी देखना चाहिए और भाजपा के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास कांग्रेस और उसके गठबंधन दलों को घेरने के बहुत से कारण हैं, जिन्हें देश का लोकतंत्र साफ तौर पर समझता है कि भाजपा के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस और उसके गठबंधन दलों की नीति और नीयत देश हित में क्या है, यही फर्क देश के लोकतंत्र को देखने को मिलता है।
जबकि कांग्रेस अपने आकर्षक घोषणापत्र में ईमानदारी जरूर रखेगी और उसे पूरा करने में सक्षम भी होगी, लेकिन भाजपा के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दस साल ने देश के लोकतंत्र को अपने भ्रष्टाचार मुक्त शासन से आश्वस्त किया, जिससे कांग्रेस का आकर्षक घोषणापत्र देश के लोकतंत्र के लिए फीका पड़ जाता है और आने वाले 4 जून को 2024 के लोकसभा चुनाव का नतीजा बताएगा कि कांग्रेस के आकर्षक घोषणापत्र में कितना दम है या वह फेल हो गया है। यह सब भारतीय लोकतंत्र के हाथ में है, अबकी बार कांग्रेस सरकार या अबकी बार भाजपा मोदी सरकार।
देश के लोकतंत्र के लिए कांग्रेस का मास्टर प्लान, उनके गठबंधन दल उनके आकर्षक घोषणापत्र से काफी खुश हैं, इसीलिए वो देश में बड़े गर्व के साथ कहते हैं कि इस बार बीजेपी को 400 नहीं बल्कि कम से कम 40 के पार जाना मुश्किल है. कांग्रेस और उसके गठबंधन दल इस आकर्षक घोषणापत्र से इतना गर्वित हैं क्योंकि कांग्रेस देश के लोकतंत्र को मुफ्त में खाने और फायदा उठाने वाले लालची मानती है, लेकिन अब के भारत के लोकतंत्र और पहले के भारत के लोकतंत्र में बहुत बड़ा अंतर है, भारत का लोकतंत्र भारत की अस्मिता के लिए लुभावने घोषणा से देश को दांव पर लगा नही सकता है या देश के हित के लिए कांग्रेस के लुभावने प्लान को फेल भी कर सकता है।
इन लुभावने वादों से देश का लोकतंत्र लाभान्वित हो सकता है, लेकिन देश मजबूत नहीं बन सकता, देश कई कारणों से मजबूत बनता है, जो आज बीजेपी पीएम नरेंद्र मोदी सरकार के शासन काल में देश के लोकतंत्र में देखने को मिल रहा है और धीरे-धीरे देश का लोकतंत्र भी मजबूत हो रहा है, अगर घर की नींव मजबूत होती है तो उसमें रहने वाले लोग भी सुरक्षित होते हैं, इसी तरह देश भी घर की नींव जितना मजबूत होना चाहिए, पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को भरोसा दिलाया है कि हम अब हम विदेशियों पर निर्भर नहीं हैं। हम मजबूती से खड़े हैं, वास्तव में दुनिया का भविष्य अब भारत पर निर्भर है।
कांग्रेस पिछले 60 सालों में यही नारा देकर सत्ता में रही कि गरीबों की गरीबी हटाएंगे, लेकिन गरीबों की गरीबी नहीं हटी, बल्कि देश में गरीबों की संख्या और बढ़ गई, जबकि पहले देश में जातियों के नाम पर झगड़े होते थे, दो धर्मों हिंदू/मुस्लिम के नाम पर दंगे होते थे, बम विस्फोटों से देश में जान-माल का नुकसान होता था, आतंकवादी देश में पनाह लेकर देश को नुकसान पहुंचाते थे और देश की हालत ऐसी थी कि देश में गंदगी के अलावा और कुछ और नहीं दिखाई देता था, चारों तरफ दुर्गंध फैली हुई थी, बस स्टैंड से लेकर रेलवे स्टेशन तक आपको दुर्गंध मिलती, पहले देश में जहां भी आप देखते झुग्गियों में सिसकती, बिलखती और रोती हुई जिंदगियां नजर आती थीं।
अमीर साहूकारों ने देश को लूट लिया था, गरीब लोगों की संपत्ति पर उनकी गिद्ध जैसी नजर रहती थी, अपनी भूख मिटाने के लिए ये गरीब लोग इन अमीर साहूकारों से चंद रुपए लेकर अपनी कीमती संपत्ति गिरवी रख देते थे और जैसे ही कर्ज चुकाने में असमर्थ हो जाते थे, ये अमीर साहूकार उन्हें और कर्ज नहीं देते थे इन गरीबों की बहुमूल्य संपत्ति को छीनने में एक सेकंड की भी देरी नहीं करते थे। यह सब कांग्रेस के शासन में यही स्थिति थी। देश के लोकतंत्र ने ये सब देखा है, अनुभव किया है। उपर से कांग्रेस के और कांग्रेस में अभी शामिल उनके गठबंधन दलों की शासन काल में भ्रष्टाचारियों का बोलबाला था जो आज एक के बाद एक इन भ्रष्टाचारियों के घरों से बरामद रुपिया धन दौलत देश के लोकतंत्र को देखने को मिल रहा है ट्रकों ट्रक। बीजेपी पीएम नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने की उनके कसमे इन भ्रष्टाचारियों का जीना हराम कर दिया है।
देश में राजनीतिक दलों के लिए लुभावने ऐलान करके सत्ता हासिल करना तो आसान है लेकिन आप देश के लोकतंत्र को मजबूत नहीं कर सकते। आप मुश्किल से अपने बजट के हिसाब से पूरा महीना गुजार पाते हैं, अपनी मेहनत से पांच हजार रुपए कमाते हैं और फिर भी आप कर्जदार बन जाते हैं। तो जरा सोचिए कि एक सत्ताधारी पार्टी आपको मुफ्त में चीजें देकर देश को कितना कर्जदार बना देगी, देश के विकास के लिए कर्ज लेना तो समझ में आता है लेकिन मुफ्त में चीजें देकर कर्जदार बनना देश के लिए गंभीर समस्याएं खड़ी कर सकता है और देश के लोकतंत्र को मुफ्त में चीजें देने वाले राजनीतिक दलों की कड़ी निंदा करनी चाहिए, चाहे वह आपकी अपनी पसंदीदा राजनीतिक पार्टी ही क्यों न हो।