CG - कोबरा से अठखेलियां : नाग-नागिन को दूध पिलाने उमड़ी भीड़, नाग को गले में डालकर ले रहा था झप्पी, फिर जो हुआ......

बैकुंठपुर से 10 किलोमीटर दूरी पर चारपारा गांव है। इस गांव का तालाब इन दिनों आस्था का केंद्र बना हुआ है। क्योंकि इस तालाब में नाग और नागिन के जोड़े ने लोगों को दर्शन दिए हैं। पहले तो लोगों ने इसे सामान्य घटना माना। लेकिन जब ग्रामीणों ने आए दिन नाग के जोड़ों को तालाब में देखा तो इसे दैवीय चमत्कार मानने लगे।

CG - कोबरा से अठखेलियां : नाग-नागिन को दूध पिलाने उमड़ी भीड़, नाग को गले में डालकर ले रहा था झप्पी, फिर जो हुआ......
CG - कोबरा से अठखेलियां : नाग-नागिन को दूध पिलाने उमड़ी भीड़, नाग को गले में डालकर ले रहा था झप्पी, फिर जो हुआ......

कोरिया। बैकुंठपुर से 10 किलोमीटर दूरी पर चारपारा गांव है। इस गांव का तालाब इन दिनों आस्था का केंद्र बना हुआ है। क्योंकि इस तालाब में नाग और नागिन के जोड़े ने लोगों को दर्शन दिए हैं। पहले तो लोगों ने इसे सामान्य घटना माना। लेकिन जब ग्रामीणों ने आए दिन नाग के जोड़ों को तालाब में देखा तो इसे दैवीय चमत्कार मानने लगे। ग्रामीणों ने इसके बाद नाग को दूध पिलाने के लिए तालाब किनारे कटोरी रखी। फिर क्या था नाग आया और कटोरी से दूध पी गया। इस घटना के बाद मानो लोगों को लगने लगा कि सच में उनके गांव में दैवीय कृपा हुई है। ये बात पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैली। बस फिर क्या था,लोग हाथों में दूध की कटोरी लिए तालाब किनारे आज भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। 

बताया जा रहा है कि बैंकुठपुर अंतर्गत ग्राम चारपार में दो नाग नदी के आसपास लगातार दिख रहे है। जिनमें से एक नाग पूरे तालाब में घूमता रहता है। यहां के लोग इसे आस्था से जोड़कर जहां जहरीले सांप को दूध पिला रहे है। वहीं एक शख्स ने सांप को पकड़ने की कोशिश को सांप ने उसे डस लिया, जिससे उसकी मौत हो गयी।

अंधविश्वास और जान से खिलवाड़ का पूरा मामला बैकुंठपुर के चारपार गांव का है। बताया जा रहा है कि यहां पिछले एक पखवाड़े से सांप का जोड़ा लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लोग बताते है कि इनमें से एक सांप पूरे तालाब में घूमता है। सांप को देखने लोगों की जहां भीड़ जुट रही है, वही लोग अब इसे श्रद्धा-भक्ति से जोड़कर सांप का दूध पिलाने के लिए नदी के किनारे पहुंच रहे है।

बताया जा रहा है कि गांव के अमर सिंह ने नाग को गले मे उठाकर वहां से ले जाने की कोशिश थी। इसी दौरान जहरीले सांप ने उसे काट लिया, जससे उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ इस घटना के बाद भी गांव के बाकी लोग नाग को छू रहे हैं, जिन्हें नाग कुछ नहीं करता। नाग के तालाब में घूमने और लोगों द्वारा सांप को दूध पिलाने का ये सिलसिला पिछले 15 दिन से जारी है। ग्रामीण नागदेवता मानकर पूजा पाठ कर रहे हैं।