जब भी भारतीय हिंदू धर्म के लोग भारत में हिंदू राष्ट्र की बात करते थे, देश के कुछ धार्मिक समूहों ने देश में अराजकता, गुंडागर्दी और दंगे भड़काने की कोशिश की, ऐसा क्यों?

Whenever the people of Indian Hindu religion used to talk about Hindu Rashtra in

जब भी भारतीय हिंदू धर्म के लोग भारत में हिंदू राष्ट्र की बात करते थे, देश के कुछ धार्मिक समूहों ने देश में अराजकता, गुंडागर्दी और दंगे भड़काने की कोशिश की, ऐसा क्यों?
जब भी भारतीय हिंदू धर्म के लोग भारत में हिंदू राष्ट्र की बात करते थे, देश के कुछ धार्मिक समूहों ने देश में अराजकता, गुंडागर्दी और दंगे भड़काने की कोशिश की, ऐसा क्यों?

NBL, 04/04/2023, Lokeshwer Prasad Verma Raipur CG: Whenever the people of Indian Hindu religion used to talk about Hindu Rashtra in India, some religious groups of the country tried to incite anarchy, hooliganism and riots in the country, why so?

सदियों तक ग़ुलाम रहा भारत और इनमें से क़रीब एक हज़ार साल की ग़ुलामी मुसलमान शासकों के अधीन रही. इससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि मुस्लिम शासकों के आने से पहले, भारत विदेशी प्रभावों से मुक्त एक हिंदू राष्ट्र था, जो आजके हिंदू हिंदुस्थान को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए एकजुट होने के लिए कह रहा है, जबकि भारत देश सदियों पहले हिंदू राष्ट्र था, लेकिन अब इस विषय पर विवाद क्यों? 

सबसे बड़ी बात यह है कि जितने भी भारत में आज अन्य धर्म आपको दिखाई देता है वह सब एक सनातन धर्म संस्कृति का एक हिस्सा है, केवल अभी के मुस्लिम धर्म और ईसाई धर्म को छोड़कर अभी बाकी सब धर्म सनातनी हिंदू रीति रिवाजों का अंश मानता है अपने आप को जो सत्य है, जो हिंदू धर्म से अलग होकर अन्य धर्मो के मानने वाले बहुत से लोग अंजान है जबकि मुस्लिम धर्म और ईसाई धर्म भी हमारे पुरातन काल युग में सनातन धर्म संस्कृति का एक हिस्सा था जो आज के तारीख में इसका सनातनी इतिहास गुमनाम है। 

जो सदियों पहले ही नष्ट कर दिया गया धर्म  निर्माता के द्वारा जो पुनः सनतानी न बन जाए करके जबकि आजके मुस्लिम धर्म और ईसाई धर्म के लोग नहीं मानते की हम सनातनी संस्कृति का एक हिस्सा थे करके जबकि सदियों पुराने काल खंड में आज इनके धर्म ग्रंथ में इनके धर्म का निर्माण कब हुआ किस समय हुआ और किसके द्वारा किया गया यह सब उल्लेख उस धर्म ग्रंथ में है, जबकि सनातन धर्म का इतिहास गवाह है कि संसार के सभी मानव जाति का विकास का मूल था सनातनी धर्म संस्कृति है जो ऋषि मुनियों के द्वारा ज्ञान लेकर मानव से इंसान बनने का सीख दिया और आज भी इन्ही शिक्षा के माध्यम से आजके इंसान विकास कर रहे हैं, अच्छे से जीवन जीने की कला सीख रहे हैं, क्योकि हिंदू सनातन धर्म संस्कृति मानव जीवन को बेहतर से बेहतर बनाने के लिए व मानवता वादी सोच पैदा कर एक मानव दूसरे मानव के सहयोग  सेवा ,प्रेम कर मानवता वादी बने, सनातन धर्म का जन हिताय जन सुखाय इनके मूल विषय है। 

अब आप ही बताओ भारतीय मुस्लिम धर्म के मानने वाले मुसलमान भाईयो एवं बहनो भारत के अंदर पहला मस्जिद दक्षिण भारत केरल प्रदेश में बनी जब एक विदेशी मुस्लिम व्यापारी व्यापार करने आये दक्षिण भारत केरल में तो उनके अरदास के लिए केरल नरेश ने एक मस्जिद बनवाया जो भारत देश का पहला मस्जिद था जबकि उस समय काल में हजरत मोहम्मद जीवित था और हमारे भारतीय सनातनी हिंदू धर्म का अतिथि देवो भवः का परिचय दिया हमारे केरल प्रदेश सनातानी हिंदू राजा ने, यही मेहमानों का आदर करना आज भी हमारे हिंदुस्थान के सभी देशवासियों के मूल में आज भी है, जिसको भारतीय मुस्लिम धर्म के लोगों ने भी अपना कर चल रहे हैं अपने भारतीय संस्कृति सभ्यता को, क्योकि यहाँ के मुस्लिम खुद हिंदू धर्म से था.... 

लूट पाट के ध्येय लेकर विदेशी मुस्लिम धर्म समुदाय के लोग हिंदुस्थान आये और हिंदुस्थान के बहुत से हिंदुओं को मुस्लिम धर्म में शामिल किया क्योकि जान की डर भी बहुत कुछ करवा सकते हैं, क्योकि हमारे हिंदुस्थान के लोग आपस में मिलजुलकर शांति से रहने वाले लोग होते थे केवल एक राज्य के राजा के हाथों इनके जान माल का सुरक्षा होता था इन्ही सभी कारणों से राज्य के प्रजा लूट पाट जैसे बुरे कृत्य से कोसो दूर था, युद्ध अभ्यास भी इन लोगों ने कभी नहीं किया जो उनके राजा होते थे उनके सुरक्षा हेतु उनके अपने एक सेना हुआ करता था जो उनके राज्य के अच्छे या बुरे वक्त में काम आता था, वह भी पूर्ण ईमानदारी के साथ उनके सैनिक अपने राजा व उनके प्रजा व उनके राज्य के सुरक्षा हेतु अपने आप को बलिदान कर दिया करते थे।

इसलिए विदेशी मुस्लिम आक्रांता लोग प्री प्लान करके भारत में आता था, क्योकि हमारे देश के लोग शांत वातावरण में रहकर अपना जीवन जीते थे, इन्ही शांति प्रिय लोगों का भरपूर फायदा उठा कर देश के लोगों के साथ मारपीट कर इनके बेस कीमती धन दौलत को लुटा और इनको डरा धमका कर इनके उपर अपना आधिपत्य स्थापित करने में कामयाब रहे। क्योकि भारत में अनेक राज्यो मे अनेक प्रकार के अच्छे व मुर्ख राजाओं का राज सत्ता था और इन राजाओं का विस्तार अलग अलग हुआ करता था। विकास व विनाश कारी राजा दोनों हुआ करता था इन राजा लोग इन्ही जैसे राजाओं के साथ छल कर इन विदेशी आक्रांता मुस्लिम इन जैसे कमजोर राजाओं को हराकर डराकर इनके राज्य के बहुत से धन दौलत व हिंदु धर्म समाज के लोगों को मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए विवश कर दिया गया इन आक्रान्ताओ ने जो आज के भारत के आपसी भाईचारा के लिए दाग बना हुआ है भारतीय राजनीति कपट वोट बैंक का हिस्सा बन कर रह गए है देश के कुछ मुस्लिम समाज। 

आज इन्ही विदेशी मुस्लिम आक्रांताओ को भारतीय मुस्लिम अपना पूर्वज मानते हैं, जबकि वह लोग लूट पाट कर धन लेकर अपने देश चला गया जो हिंदू से मुस्लिम बना था वह हिंदुस्थान में ही रह गया जो अपने आप को कट्टर मुस्लिम मानते हैं और उन विदेशी मुस्लिम आक्रांता के जैसे अपने ही हिंदुस्थान में अपने ही पूर्वज के लोगों से लड़ झगड़ रहे है और अपने ही देश के सम्पत्ति को नुकसान पहुँचा रहे हैं, यह शब्द लेख में विचित्र जरूर लग रहा होगा लेकिन यही सत्य है। 

हिंदू धर्म के लोग हिंदुस्थान को हिंदू राष्ट्र इसलिए बनाना चाहते हैं, क्योकि हिंदू धर्म में धर्म के अनुसार एक इंसान दूसरे सभी धर्म इंसान को नुकसान नहीं पहुँचाता और सभी धर्मो के लोगों से प्रेम करना सिखाते हैं, वासुदेव कुटुंबकम का अर्थ है हम सभी देशवासियों एक साथ मिलजुलकर भाई चारे के साथ सबका विकास और सबके साथ रहे, कोई किसी प्रकार से मोल बैर का भाव न रखे और अपने आप अपने धर्म का सत्य भाव से पालन करे और अपना मूल धर्म पूर्वज में आना चाहे वह लोग गर्व के साथ आ सकता है की हम सब हिंदुस्थानी एक है, हम सभी धर्म के लोग सभ्य हिंदू राष्ट्र के निवासी है, और हम सभी अपने देश के सुरक्षा के लिए एक हाथ में माला और एक हाथ में भाला रखते हैं, जो विदेशी आक्रान्ता अपने देश के तरफ गलत नियत निगाह से देखेगा उसको हम मिट्टी में मिला देंगे, युनिटी आफ पावर जब देश के हर वर्ग हर धर्म हर जाति समाज के लोग एक हो जायेंगे और एक ही राष्ट्र होगा हिंदू राष्ट्र तो देश में सभी तरफ खुशीहाली ही खुशीहाली होगा भारत में चहु ओर विकास दिखेगा। 

लेकिन देश में कुछ अपने हिंदू धर्म व मुस्लिम धर्म व ईसाई धर्म के साथ साथ और देश के अन्य धर्मो के लोग ये नहीं चाहता की भारत हिंदु राष्ट्र बने जबकि सदियों पहले हिंदुस्थान हिंदु राष्ट्र था जो आपको उस समय काल का विकास आपको देखने को मिल जायेगा हमारे हिंदुस्थान के पूर्वजों का विकास जो देश विदेश के बहुत से शोध कर्ताओ के लिए आज भी रहस्य बना हुआ है, हमारे भारतीय सनातन धर्म संस्कृति के साथ जुड़े और इनके वैभव को जाने जो सभी सुखों का दाता है। 

हिंदू राष्ट्र से सर्व धर्मो के रक्षति पोषित करने के लिए उपयोगी है, इस हिंदू राष्ट्र से सभी धर्मो का विकास होगा क्योकि सनातन धर्म संस्कृति लोगों को सभ्य व सभ्य समाज की ओर ले जाती है, क्योकि हमारे सनातन धर्म ऋषि, साधु, संत व धार्मिक बाबाओ ने मनखे मनखे एक समान समाज को बल दिया है, हमें जाति समाज से उठकर सोचना होगा तभी भारत का विकास होगा और तभी सर्व धर्म के लोग शांति के साथ अपना विकास कर सकता है, अन्यथा देश का हाल बेहाल हो जायेगा और मानव जाति का पतन हो जायेगा सब तरफ बेरोजगारी और मंहगाई व गरीबी का शिकार हो जायेंगे मानव समाज और देश में गंदी राजनीति का विकास बढ़ जायेगा और सभी तरफ देश में विनाश ही विनाश दिखेगा और इन सबसे देशवासी का विकास थम जाएगा और और इससे राष्ट्र का पतन हो जायेगा, इन्ही को रोकने के लिए हिंदू राष्ट्र का होना अति आवश्यक है। क्योकि यही सनातनी धर्म सर्व धर्म देशवासियों के नफरत को काबू कर सकता है। एक मेव हिंदू राष्ट्र निर्माण से सभी देशवासियों को फायदा होगा। नफरत की लाठी तोड़कर प्यार की भारत बसायेंगे।