Success Story: शादी के 14 साल बाद सविता सिंह बनी डिप्टी कलेक्टर, सूर्यवंशम फिल्म से मिलती-जुलती है इनकी जीवन कहानी...जाने इनका पूरा जीवन परिचय....
Success Story: After 14 years of marriage, Savita Singh became Deputy Collector, her life story is similar to the film Suryavansham... Success Story: शादी के 14 साल बाद सविता सिंह बनी डिप्टी कलेक्टर, सूर्यवंशम फिल्म से मिलती-जुलती है इनकी जीवन कहानी...जाने इनका जीवन परिचय....




Success Story :
नया भारत डेस्क : सविता सिंह साहिबगंज की डिप्टी कलेक्टर हैं। अपनी लगन और मेहनत से उन्होंने दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है। सविता सिंह की शादी 2006 में हो गई थी और उसके बाद से वह एक हाउसवाइफ के तौर पर ही घर के काम-काज संभालती थी। शादी के 2 साल बाद उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। बचपन से ही उनके मन में कुछ अलग करने की इच्छा थी। लेकिन हर के काम-काज के बाद उन्हें कुछ करने की फुर्सत ही नहीं मिल पाती थी। (Success Story)
शादी के कारण उनकी पढाई भी बीच में ही छूट गई थी। सविता को लगता था कि वह घर की चारदिवारी से बाहर ही नहीं निकल पाएंगी। लेकिन उनके पति विभूति सिंह ने उन्हें प्रोत्साहित दिया और उनकी पढाई पुनः शुरू करवाई। इसके बाद सविता ने अंग्रेजी से एमए (M.A) किया। अपनी शादी के 13 साल बाद 2019 में उन्होंने जेपीएससी की परीक्षा दी। 2020 में उसका परिणाम आया और वह डिप्टी कलेक्टर बन गईं। खूंटी में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 2022 में साहिबगंज में डिप्टी कलेक्टर के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग हुई। (Success Story)
परिवार का नाम रोशन करने का देखा था सपना
डिप्टी कलेक्टर सविता सिंह की 21 साल की उम्र में ही शादी हो गई थी। उस समय सविता अपनी ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष में थी। शादी के बाद उसे लगने लगा कि उसके सपने कभी पूरे नहीं होंगे। लेकिन उसने घरवालों से बात की और उनके पति ने उन्हें प्रोत्साहित किया। बच्चे के पालन-पोषण के साथ ही सविता ने एमए में अपना एडमिशन करा लिया। (Success Story)
अंग्रेजी से एमए करने के बाद सविता ने 2 बार यूपीएससी की परीक्षा दी, मगर उन्हें सफलता नहीं मिली। 3 बार बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में सफल रही, लेकिन मुख्य परीक्षा को क्लियर करने में असफल रही। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी और भी सटीक और सही दिशा में की और जेपीएससी की परीक्षा दी। (Success Story)
वहां उनका चयन हो गया। सविता का बचपन से ही सपना था कि वह परिवार का नाम रोशन करे। देश की सेवा करे और अब उनका यह सपना पूरा हो गया है। सविता बताती हैं कि जीवन का हर एक क्षण मूल्यवान है। सभी को इसका महत्व समझना चाहिए। (Success Story)