CG- 70 लाख की जमीन 7 लाख में खरीदी: जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कराकर बेचे थे.... भू-स्वामी की मौत पर 9 फंसे.... लाखों की जमीन को षडयंत्र पूर्वक कौड़ियों के दाम फर्जी रूप से कराई गई रजिस्ट्री.... महिलाओं का भी इस्तेमाल.... मास्टरमाइंड समेत 9 गिरफ्तार......
Land worth lakhs was fraudulently registered at the cost of shells Women were also used in the conspiracy




...
अंबिकापुर। सरगुजा पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। फर्जी तरीके से आदिवासी की जमीन को हथियाने वाले आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े। लाखों की जमीन को षडयंत्र पूर्वक कौड़ियों के दाम फर्जी रूप से रजिस्ट्री कराई गई। षड्यंत्र में महिलाओं का भी इस्तेमाल किया गया। माखन आ० लाली निवासी डिगमा के द्वारा एक लिखीत शिकायत थाना गांधीनगर को दिया गया की उसकी जमीन खसरा नं० 317 / 1 रक्या 0.39 हेक्ट को मुकेश मुण्डा, राहुल विश्वकर्मा, भोलू उर्फ विशाल मजुमदार तथा अन्य के द्वारा प्रार्थी को शराब के नशे में धुत कर बहला फुसलाकर कुल रक्बा में से 35 डिसमील जमीन को किसी अन्य आदिवासी के नाम पर बिकवा दिया गया।
इसके पैसे भी प्रार्थी को नहीं मिले। एवम विक्रय पत्र में अंकित ऋण पुस्तिका का नंबर भी प्रार्थी का नहीं है। उक्त शिकायत आवेदन की जांच करने में यह तथ्य सामने आए है कि प्रकरण में विशाल मजूमदार उर्फ भोलू जो जमील दलाल है तथा वह यह कार्य सूर्य प्रकाश साहु निवासी दर्री पारा के इशारे पर करते हैं भोलू तथा उसके साथी सोभाजित मंण्डल, दिनेश मंण्डल, रीता मंण्डल इत्यादि जमीन दलाली का कार्य करते हैं। विषयांकित प्रकरण में आवेदक की जमीन को कब्जा करने कि नियत से विशाल उर्फ भोलू के द्वारा अपने साथीयो राहुल विश्वकर्मा, रीता मंण्डल, ललिता के द्वारा आवेदक को बहला फुसलाकर तथा ललिता के साथ शादी का झांसा देकर उसे ललिता के नाम पर जमीन का कुछ हिस्सा राजिस्ट्री कराने राजी किया गया।
चूंकि आदिवासी जमीन होने के कारण जमीन की बिक्री हेतु सूर्य प्रकाश साहु द्वारा अपने नीचे काम करने वाले आदिवासी मुकेश मुण्डा के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करने को बोला गया। इसके पश्चात ललिता के द्वारा जमीन केता मुकेश मुण्डा को अपने भाई के रूप में आवेदक माखन को बताया गया तथा उसके नाम जमीन को रजिस्ट्री करने बोला गया। जमीन की रजिस्ट्री हेतु दस्तावेज का निर्माण प्रकाश साहु के कहने पर भोलू, सोभाजित मंण्डल तथा दिनेश मंण्डल के द्वारा तैयार कराया गया आवेदक माखन को संपूर्ण प्रक्रिया से दूर रखा गया।
आवेदक माखन अपनी जमीन बेचना नहीं चाहता था। क्योंकि उसके बेटो के बीच जमीन के बटवारे का केश न्यायालय में विचाराधिन था, किंन्तु आरोपियों के द्वारा षडयंत्र के तहत जमीन की रजिस्ट्री करा लिया था। जमीन की राजिस्ट्री के लिये स्टांप का क्रय सोभाजित मंण्डल के द्वारा किया गया। रजिस्ट्री दिनांक को विवादित जमीन को महज 7 लाख रूपये में खरीदा गया जबकि बजार भाव लगभग 70 लाख रूपये था। इसी बीच अनावेदक भोलू उर्फ विशाल, राहुल विश्वकर्मा, रीता मंण्डल और ललिता घरामी के द्वारा अवेदक के नाम एक खाता कैनरा बैक में खोला गया बैक का एटीएम और सीक्रेट पिन भोलु उर्फ विशाल अपने पास रखा।
मुकेश मुण्डा द्वारा दिये गये चेक को अनावेदक माखन के खाते में जमा कराये तथा उसके उपरांत उसके एटीएम के माध्यम से रूपये को भोलू उर्फ विशाल निकालने लगा। निकाली गयी राशि कुल लगभग 6 लाख रूपये थी, शेष रूपये आवेदक के खाते में है। इस प्रकार अनावेदको के द्वारा सूर्य प्रकाश साहु के इशारों पर आवेदक की जमीन को हथिया लिया गया। तथा कोई राशि भी आवेदक को नहीं प्राप्त हुयी। आवेदक शिकायत आवेदन देने के उपरांत दिनांक 10.02.2022 आवेदक माखन की मृत्यु हो गई है जिसकी मर्ग जांच क० 13 / 22 धारा 174 जा०फौ० की जांच पृथक से की जा रही है।
संम्पुर्ण मामले में अनावेदक भोलु उर्फ विशाल मजुमदार, राहुल विश्वकर्मा, सोभाजित मंण्डल, दिनेश मण्डल, अनिल चटर्जी, मुकेश मुण्डा, प्रकाश साहु, रीता मंण्डल, ललिता घरामी के द्वारा आवेदक माखन के साथ छल कपट और धोखाधडी करते हुये कुट रचित ऋण पुस्तिका के माध्यम से उसकी 35 डिसमील जमीन को सस्ते दाम पर किसी अन्य आदिवासी को सामने रख कर खरीदा जाना तथा बिकी राशि को स्वयं के द्वारा निकाल कर उपयोग किया जाना पाये जाने थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 59 / 2022 धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 भादवि पंजिबद्ध कर विवेचना में लिया गया। मामले में सभी 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया जा रहा है। मामले में विवेचना जारी है।