काल बनकर बरसे बादल, 52 की मौत: बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही….अब तक 52 की मौत, कई लापता, गृहमंत्री ने किया हवाई दौरा…..PHOTOS और VIDEOS में दिखा तबाही का मंज़र.....

काल बनकर बरसे बादल, 52 की मौत: बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही….अब तक 52 की मौत, कई लापता, गृहमंत्री ने किया हवाई दौरा…..PHOTOS और VIDEOS में दिखा तबाही का मंज़र.....

नई दिल्ली 21 अक्टूबर 2021।  उत्तराखंड  में बाढ़ और बारिश ( से अब तक 52 लोगों की मौत हो चुकी है। तकरीबन 4000 गांव बाढ़ में बुरी तरह से घिरे हैं. गृह मंत्री अमित शाह  आज उत्तराखंड में आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा किया.. गृह मंत्री अधिकारियों के साथ बैठक भी की. राज्य के कुछ इलाकों में जहां भूस्खलन हुआ है, वहां लापता लोगों की तलाश तेज़ की गई है. इस त्रासदी में 4000 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं, जिनमे से करीब 1000 बिजली कट जाने की वजह से अंधेरे में हैं. अल्मोड़ा और रानीखेत के इलाके भूस्खलन के बाद बाहर के इलाकों से अब भी कटे हुए हैं.

बारिश रुक गई है लेकिन बचाव की चुनौती बची हुई है. उत्तराखंड में अब लापता लोगों की तलाश तेज़ की गई है. बुधवार को नैनीताल ज़िले के तल्ला रामगढ में दो लोगों के शव मिले. अब भी जिन इलाकों में भारी भूस्खलन हुआ है. वहां कई लोग लापता हैं जिनकी तलाश चल रही है.एनडीआरएफ के आईजीअमरेंद्र सिंह सेंगर ने कहा कि आज हमने लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों में कुछ बॉडी रिकवर की है. जिन इलाकों में लोग लापता हुए हैं उनकी खोज जारी है.

गुरुवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. राज्य सरकार ने आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. वहीं जिन लोगों के घर आपदा में नष्‍ट हो गए हैं उन्‍हें 1.90 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. किसानों के साथ ही बाढ़ व भूस्‍खलन में अपने मवेशियों को खोने वालों की भी मदद की जाएगी.