CG- 'नाराज फूफा' शादी में बाधा: फूफा की वजह से प्रेमी-प्रेमिका की नहीं हो रही थी शादी…. कमरे में बंद किया.... मोबाइल छीना.... फिर जो हुआ.... ऐसे बनी जोड़ी…..

Problem in Love Marriage सूरजपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य नीता विश्वकर्मा की अध्यक्षता में महिला आयोग की जन सुनवाई जिला पंचायत सभाकक्ष में रखी गई। एक प्रकरण में प्रेमिका ने आयोग में शिकायत यह था कि तीन से चार वर्ष से मै एक लडके से प्रेम कर रही हूं। मेरे फूफा के कारण मेरे माता पिता उस लडके से विवाह नही करा रहे हैं और मुझे घर में बंद कर दिया गया है और मेरे मोबाईल भी छिन लिया गया है। यह शिकायत आयोग में आते ही इसे तत्काल आयोग की सदस्य नीता विश्वकर्मा को जिम्मेदारी देते हुये इस प्रकरण को स्वतः संज्ञान में लिया गया था। (Public Hearing of Chhattisgarh State Commission for Women)

CG- 'नाराज फूफा' शादी में बाधा: फूफा की वजह से प्रेमी-प्रेमिका की नहीं हो रही थी शादी…. कमरे में बंद किया.... मोबाइल छीना.... फिर जो हुआ.... ऐसे बनी जोड़ी…..
CG- 'नाराज फूफा' शादी में बाधा: फूफा की वजह से प्रेमी-प्रेमिका की नहीं हो रही थी शादी…. कमरे में बंद किया.... मोबाइल छीना.... फिर जो हुआ.... ऐसे बनी जोड़ी…..

Problem in Love Marriage

 

सूरजपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्य नीता विश्वकर्मा की अध्यक्षता में महिला आयोग की जन सुनवाई जिला पंचायत सभाकक्ष में रखी गई। एक प्रकरण में प्रेमिका ने आयोग में शिकायत यह था कि तीन से चार वर्ष से मै एक लडके से प्रेम कर रही हूं। मेरे फूफा के कारण मेरे माता पिता उस लडके से विवाह नही करा रहे हैं और मुझे घर में बंद कर दिया गया है और मेरे मोबाईल भी छिन लिया गया है। यह शिकायत आयोग में आते ही इसे तत्काल आयोग की सदस्य नीता विश्वकर्मा को जिम्मेदारी देते हुये इस प्रकरण को स्वतः संज्ञान में लिया गया था। (Public Hearing of Chhattisgarh State Commission for Women)

 

इस प्रकरण की संपूर्ण जांच किया गया और लडके और लडकी के माता पिता एवं अन्य रिश्तेदार को समझाया गया और आपसी सहमति से लडके और लडकी का विवाह हो गया है। जिसकी संपूर्ण दस्तावेज के साथ संरक्षण अधिकारी नवा बिहान ने आयोग को सौंपी है। इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया। सुनवाई में कोरिया जिले के 21 प्रकरण एवं सूरजपुर जिले के 09 प्रकरणों की विभिन्न मामलों के प्रकरण रखे गए, जिसमें से 22 प्रकरणों पर सुनवाई किया गया, 12 का निपटारा कर नस्तीबद्ध किया गया वही 03 प्रकरणों को सुनवाई के लिए रायपुर बुलाया गया है। 

 

सुनवाई में कलेक्टर इफ्फत आरा, पुलिस अधीक्षक रामकृष्ण साहू, जिला पंचायत के सीईओ लीना कोसम, अधिवक्ता शमीम रहमान उपस्थित रही। जनसुनवाई में एक अन्य प्रकरण की सुनवाई करते हुए डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि एक प्रकरण में पति-पत्नि वर्तमान में अलग-अलग रह रहे है। आवेदिका वर्तमान में रायपुर मे कार्य कर रही है और अपना भरण पोषण करने में सक्षम है। पति पत्नि को आयोग ने आगामी दिनांक सुनवाई में रायपुर कार्यालय में सुनवाई किया जायेगा।

 

एक अन्य प्रकरण में दोनो पक्ष देवरानी और जेठानी हैं, और अनावेदिका के द्वारा आये दिन आवेदिका के विरूद्ध दहेज प्रताड़ना की शिकायत की जाती हैं जबकि अनावेदिका अपने पति व सास ससुर से कोई शिकायत नही हैं इससे यह पता चलता की दोंनो की बीच वास्तविक में दहेज प्रताडना जैसे कोई बात नही है। दोनो के खिलाफ एक सहमति एवं बनाना आवश्यक है इस प्रकरण की निगरानी हेतु आयोग की सदस्य नीता विश्वकर्मा करेंगी और दोंनो के मध्य सहमति नामा बनवाये जाने के निर्देश के साथ इस प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।

 

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने आयोग के समक्ष लैंगिक उत्पीडन की शिकायत की थी जिसमें आन्तरिक जिला स्तरीय समिति ने अनावेदक को दोषी पाया था जिसकी पुनः जांच अनावेदक ने करने की मांग किया था उस पर अनावेदक की गवाही को सुना गया था। शिकायत समिति ने यह माना कि उमयपक्षो की बीच का विवाद शिक्षण संस्थान का आन्तरिक विवाद हैं कार्य स्थल पर लैगिक विवाद का कोई विषय नही है। आन्तरिक जिला स्तरीय समिति के आदेश के बाद आवेदिका ने एक साल बाद आयोग में शिकायत किया है और दोनो पक्षो को ऐसा लगता है कि सुनवाई निष्पक्ष नही हुई है। 

 

आयोग की सदस्य नीता विश्वकर्मा को इस प्रकरण से संबंधित सभी शिक्षिकाओं से गोपनिय गवाही लिये जाने के निर्देश आयोग की अध्यक्ष ने दिया है। दोनो पक्षो और शिक्षिकाओं के गवाही लेने के पश्चात इस प्रकरण का निराकरण किया जा सकेगा। बैठक में जिला अध्यक्ष भगवती राजवाडे़, महिला बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी चंद्रबेस सिसोदिया, एसडीओपी प्रकाश सोनी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।