आरक्षण के मुद्दे पर संविधान की रक्षा करने हेतु राज्यपाल महोदया का किया गया आभार प्रगट।




रायपुर/राज्य सरकार द्वारा 76% आरक्षण संशोधन विधेयक विधानसभा से पास कराने से नाराज़ प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए, सामान्य वर्ग के संगठनों के पदाधिकारियों ने राजभवन में राज्यपाल महोदया से मुलाकात की तथा असंवैधानिक 76% आरक्षण विधेयक पर उनके द्वारा किए जा रहे विधि सम्मत कार्यवाही के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
सामान्य वर्ग को राज्यपाल महोदया ने इस विधेयक पर संविधान सम्मत कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया है।
सामान्य वर्ग के प्रमुखों ने कहा की सामान्य वर्ग 50% आरक्षण का समर्थन करता है, जिसमें एससी, एसटी, ओबीसी का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके तथा 50% आरक्षण "ओपन फॉर ऑल कैटेगरी" के अनुसार हो जिसमे सभी वर्ग (एससी, एसटी,ओबीसी,जनरल) के युवाओं को अवसर मिल पाए।
आरक्षण सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन अनुसार होनी चाहिए।
76% आरक्षण नीति लाने से सभी वर्गो का नुकसान होगा, तथा प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर नहीं मिल पाएगा, जिसका दूरगामी परिणाम सभी समाजों एवं देश को भुगतना पड़ेगा।
सरकार की 76% आरक्षण नीति स्वेच्छाचारी और असंवैधानिक प्रतीत होती है, क्योंकि पूर्व में उच्च न्यायलय ने इस तरह की आरक्षण नीति 58% आरक्षण नीति 2012 तथा 82% आरक्षण नीति 2019 को असंवैधानिक करार दिया है।
अतः यह विधेयक केवल चुनाव जुमला साबित होगा तथा छत्तीसगढ़ के समाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली एवं आपसी मतभेद पैदा कर वोट बैंक की राजनीति की जा रही है, जिसे छत्तीसगढ़ के सारे समाज आपसी सौहार्द बनाएं रखते हुए इस विभाजन कारी नीतियों का विरोध करेंगे।
आज राजभवन में बस्तर संभाग से राजेंद्र मिश्र , संतोषचंद्र उपाध्याय, बिलासपुर संभाग अभिनव पांडेय, वीना दीक्षित, वेद राजपूत, दुर्ग से नविता शर्मा, रामभाऊ फरताडे, रायपुर से सुधीर नायक, यश वाधवानी, गौरव तिवारी, विवेक ठाकुर, विक्रम सिंह आदि ने बैठक में भाग लिया।