Sarason Ke Tel Ka Bhaav: खुशखबरी! 7वे आसमान से गिरा सरसों तेल का दाम! नया MRP देख झूम उठे लोग – और सस्ता होगा खाने का तेल,यहां जानें ताजा दाम...

Sarason Ke Tel Ka Bhaav: Good news! 7th The price of mustard oil fell from the sky! People got excited seeing the new MRP – edible oil will be cheaper, know the latest price here… Sarason Ke Tel Ka Bhaav: खुशखबरी! 7वे आसमान से गिरा सरसों तेल का दाम! नया MRP देख झूम उठे लोग – और सस्ता होगा खाने का तेल,यहां जानें ताजा दाम...

Sarason Ke Tel Ka Bhaav: खुशखबरी! 7वे आसमान से गिरा सरसों तेल का दाम! नया MRP देख झूम उठे लोग – और सस्ता होगा खाने का तेल,यहां जानें ताजा दाम...
Sarason Ke Tel Ka Bhaav: खुशखबरी! 7वे आसमान से गिरा सरसों तेल का दाम! नया MRP देख झूम उठे लोग – और सस्ता होगा खाने का तेल,यहां जानें ताजा दाम...

Sarason Ke Tel Ka Bhaav :

 

नया भारत डेस्क : देशभर में खाने पीने की वस्तुओं को लेकर आफत मची हुई थी, क्योंकि दिन-ब-दिन महंगाई बढ़ती जा रही थी लेकिन होली के बाद आपको गेहूं का आटा और मैदा (Maida) तो सस्ता मिलेगा ही, सरसों तेल भी सस्ता मिलेगा। पिछले दिनों आटा-मैदा की कीमतों में आई तेजी को देखते हुए सरकार ने एफसीआई (FCI) को खुले बाजार में गेहूं ज्यादा बेचने का निर्देश दिया है। एफसीआई ने ऐसा करना शुरू भी कर दिया है। सरकार का कहना है कि होली तक आटे की कीमत में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। अब सरसों का तेल (Mustard Oil) भी सस्ता होना शुरू हो गया है। (Sarason Ke Tel Ka Bhaav)

पिछले साल से ज्यादा रहा है उत्पादन

सरसों तेल क्षेत्र की शीर्ष संस्था सेंट्रल आर्गनाइजेशन ऑफ ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (COOIT) के अध्यक्ष सुरेश नागपाल के मुताबिक रबी फसल में इस साल कुल 113 लाख टन सरसों का उत्पादन हो रहा है। इसमें यदि पिछले साल के छह लाख टन का कैरी फारवर्ड भी जोड़ दें तो इस साल पेराई के लिए 119 लाख टन सरसों उपलब्ध है। इसमें रेपसीड या तोरिया के करीब दो लाख टन के उत्पादन को शामिल नहीं किया गया है। पिछले साल इसी रबी सीजन में 109.50 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ था। उनका कहना है कि इस साल मौसम की वजह से सरसों की यील्ड पर करीब पांच फीसदी का फर्क पड़ा है। (Sarason Ke Tel Ka Bhaav)

सरसों का रकबा बढ़ा है

इस साल देश में सरसों की खेती का रकबा बढ़ा है। COOIT से मिले आंकड़े के मुताबिक पिछले साल देश भर में 86.04 लाख हैक्टेअर क्षेत्र में सरसों की खेती की गई थी। यह इस साल बढ़ कर 92.48 लाख हैक्टेअर तक पहुंच गया है। हालांकि इस साल सरसों की उपज कम हुई है। पिछले साल प्रति हैक्टेअर सरसों की यील्ड 1,270 किलो रही थी। वह इस साल यह घट कर 1,221 किलो रह गई है। (Sarason Ke Tel Ka Bhaav)

सरसों तेल का भाव घटा

नागपाल ने बताया कि नई सरसों का दाम भी घट कर 5,000 से 5,200 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया है। इसलिए सरसों तेल की एक्स फैक्ट्री कीमत भी 125 रुपये लीटर से घट कर 106 रुपये तक आ गई है। उनका कहना है कि इस साल सरसों तेल के भाव में कोई खास कमी-बेशी की संभावना नहीं है। जब सरसों तेल की एक्स फैक्ट्री कीमत घटी है तो खुदरा बाजार में भी सरसों तेल का दाम घटना शुरू हो गया है। एक महीने पहले जो सरसों तेल 130 रुपये से 140 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, वह अब घट कर 120 से 125 रुपये लीटर पर आ गया है। (Sarason Ke Tel Ka Bhaav)

इंपोर्टेड खाद्य तेलों के भी दाम घटे

भारत में करीब 60 फीसदी एडिबल ऑयल का इंपोर्ट होता है। इनमें पॉमोलीन और सोयाबीन ऑयल की हिस्सेदारी दो तिहाई है। सूर्यमुखी के तेल की भी अच्छी हिस्सेदारी है। इस समय गुजरात के पोर्ट पर इंपोर्टेड रिफाइंड सोयाबीन ऑयल का थोक भाव 105 से 106 रुपये प्रति लीटर बैठ रहा है। (Sarason Ke Tel Ka Bhaav)