जनता का बहुमूल्य वोट पाने का नया फार्मूला, लालच, मोहक बजट, जो आधी हकीकत, आधा भ्रम, देश की राजनीति की नई चाल सावधान इंडिया।

New formula to get the valuable votes of the public

जनता का बहुमूल्य वोट पाने का नया फार्मूला, लालच, मोहक बजट, जो आधी हकीकत, आधा भ्रम, देश की राजनीति की नई चाल सावधान इंडिया।
जनता का बहुमूल्य वोट पाने का नया फार्मूला, लालच, मोहक बजट, जो आधी हकीकत, आधा भ्रम, देश की राजनीति की नई चाल सावधान इंडिया।

NBL, 09/03/2023, Lokeshwer Prasad Verma Raipur CG: New formula to get the valuable votes of the public, Greed, Seductive budget, which is half reality, half illusion, the new trick of the country's politics, Savdhaan India.

देश के राजनीति में बड़ा ही उलझन व सत्यता की कमी दिखाई देती है, जो देश के जरूरत मंद लोगों के लिए बड़ा ही सुहावना अवसर दिखाई देती है, लेकिन यह एक स्वप्न सा है, आज कल देश में भागम भाग राजनीति का खेल जारी है वह है, लोभ लुभावनी बजट जो आधा हकीकत आधा फसाना होता है, जो देश के लोगों का कीमती वोट लेने का मुख्य जरिया है, यह लुभावनी बजट, और वह भी पाँच साल के अंतिम चरण में ये लुभावनी बजट पेश होता है, जिसका कोई सत्य परख दर्शन आपको देखने को नही मिलेगा यह बजट राजनीतिक स्टंट है इन राजनीतिक नेताओ की बजट जो बड़ा ही दिलचस्प होता है।आने वाले चुनाव में ये बजट का जोर शोर से प्रचार किया जाता है, इन बजट पेश करने वाले नेताओ के द्वारा, इन बजट के द्वारा ही तो देश का उद्धार होता है, नल, जल, बिजली, स्वास्थ्य, व सड़क, शिक्षा के उपर काम होता है, कुछ बजट देश संस्कृति व देश के गरीबों को ध्यान में रखते हुए बजट पेश की जाती है, हमारे भारत देश कृषि प्रधान देश है और किसानों की बड़ी आबादी है देश के अंदर जिसके उपर भी ये बजट पेश की जाती है इन राजनीतिक नेताओ के द्वारा जो बड़े ही जादुई होते हैं, किसानों को अपनी ओर लाने के लिए और उनके कीमती वोट पाने के लिए और यह बजट इन राजनीतिक दलों के नेताओ के लिए वोट लेने का मुख्य जरिया है, बस वह नेता अपने बजट का बखान सही तरीका से ठीक से लोगों के दिलों के अंदर जगह बनाने की सही से अपने बनाई बजट को बता सके तो नेता जी व उनके पार्टी का तो बल्ले बल्ले।

इन बजट में एक चक्रव्युव होता है जिसके अंदर घुस गया एक बार तो बाहर निकलने का रास्ता बड़ा आसानी से नहीं मिलता घुमा फिरा कर आपको इनके बिछाये लुभावनी बजट में आना ही पड़ेगा जैसे युवा वर्ग के लिए रोजगार और जिसको रोजगार नही मिलेगा उनके लिए बेरोजगारी भत्ता, अब आप आ जाओ बुजुर्गो के पास तो उनके लिए वृद्धा पेंशन इनके बजट में आपको दिखेगा और फिर आगे बढ़ो तो सरकारी नौकरी पेशा लोगों के लिए भी कुछ न कुछ राहत उनको भी देता है, जो उन लोगों के लिए सोने पर सुहावना लगते हैं सरकार की लुभावनी बजट, आखिरी में अपने बजट में कर दाताओं के लिए फेस्लिटि देता है यह लुभावनी बजट देश के सभी वर्गों के लिए होता है यह बजट यह एक अनोखा बजट होता है जो पूरे देश व राज्यों के लोगों को गुमराह मे डाल देते हैं यह लुभावनी बजट। 

या तो राजनीतिक दल अपने चुनावी घोषणा पत्र में रंग बिरंगी लुभावनी मेनोफेस्टो मे लिखते हैं और अपने राज्यों के लोगों को आकर्षित करते हैं, और इनके बिछाये जाल में अगर जनता फंस गया तो समझो इनको उनके कीमती बहुमुल्य वोट मिल गया और पाँच साल के लिए राज सत्ता में काबिज हो गया उनके पार्टी, फिर पाँच साल तक के कार्यकाल में दस में से दो तीन को लागू करेगा बाकी उनके चुनावी घोषणा ठण्डे होकर फ्रिज हो जाते हैं, और यही इन बातों को लेकर देश राज्य के लोग धरना प्रदर्शन करने लगते हैं और उनके चुनावी वादे को याद दिलाते हैं, तो कुछ शर्म आती है इन नेताओ को तो वादा पूरा करने का एक बार फिर से आश्वासन दे दिया जाता है और उनके आवाजो को दबा दिया जाता है, ये सिलसिला पाँच साल तक यूँ ही चलता रहता है, सरकार और जनता के बीच। 

हम सभी देशवासी मिलकर अपने आस पास के क्षेत्रों में एक समूह समिति का गठन किया जाना चाहिए ताकि यह सरकारी बजट या इनके लुभावनी चुनावी घोषणा पत्र के वादे को लेकर आवाज उठाई जा सके और इन राजनीतिक नेताओ के उपर दबाओ बना सके ताकि इनके किये वादे जमीन पर दिख सके और इनके वादे पूरे हुआ तो ही इनको समर्थन हम आम जनता को देनी चाहिए तब कही जाकर हमारे देश के हर एक राज्य के गाँव व शहर का विकास व हमारे राज्य के जनता के अंदर खुशहाली दिखेगा और पूरे देश में चहुँओर विकास ही विकास दिखेगा। नहीं तो यह राजनीतिक नेता लोग हम देशवासीयो को लालीपाॅप पकड़ा देते हैं। 

इन राजनीतिक पार्टी की चुनावी वादे व इनके बनाये सरकारी बजट का हर वादे को पुरा करने के लिए एक छत के नीचे सभी वर्गों के लोग अपनी मुद्दा को लेकर आवाज उठा सकते हैं, यूनिटी आफ पावर एकता मे बल होता है, तो ही इन राजनीतिक नेताओ की आँख खुलेगा और सबका साथ सबका विकास एक साथ पूरे देश के लोगों के हित में होगा।