Airline Fined: दिव्यांग बच्चे को नहीं दी फ्लाइट में चढ़ने की इजाजत.... एयरलाइंस पर 5 लाख का जुर्माना.... डीजीसीए ने लगाई कड़ी फटकार.... एयरलाइंस ने खराब किया माहौल.... नोटिस भी जारी......
DGCA impose Rs 5 lakh fine on Airline for not allowing boy with special needs on board IndiGo Airline Fined: दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में न चढ़ने देने पर इंडिगो एयरलाइन कंपनी पर पांच लाख का जुर्माना लगाया गया है। डीजीसीए ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया और घटना पर नाराजगी जाहिर की। एविएशन रेग्युलेटर नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एक दिव्यांग को फ्लाइट में चढ़ने से मना करने के चलते IndiGo एयरलाइंस पर बड़ी कार्रवाई की है। डीजीसीए ने कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। रांची एयरपोर्ट की घटना है। (IndiGo Ranchi incident: DCGA imposes ₹5 lakh fine on airline for denying boy with special needs to board flight)




DGCA impose Rs 5 lakh fine on Airline for not allowing boy with special needs on board
IndiGo Airline Fined: दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में न चढ़ने देने पर इंडिगो एयरलाइन कंपनी पर पांच लाख का जुर्माना लगाया गया है। डीजीसीए ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया और घटना पर नाराजगी जाहिर की। एविएशन रेग्युलेटर नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एक दिव्यांग को फ्लाइट में चढ़ने से मना करने के चलते IndiGo एयरलाइंस पर बड़ी कार्रवाई की है। डीजीसीए ने कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। रांची एयरपोर्ट की घटना है। (IndiGo Ranchi incident: DCGA imposes ₹5 lakh fine on airline for denying boy with special needs to board flight)
एयरलाइंस कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने कुछ दिन पहले रांची एयरपोर्ट पर एक दिव्यांग को फ्लाइट में चढ़ने से मना कर दिया था। इस पर एविएशन रेग्युलेटर DGCA ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया है। डीजीसीए ने कंपनी को कड़ी फटकार भी लगाई है। रेग्युलेटर ने कहा- कंपनी का ग्राउंड स्टाफ एक दिव्यांग बच्चे का ठीक से संभाल नहीं सका, उल्टा उसने परिस्थिति को और खराब किया। (IndiGo Fined Rs 5 Lakh For Not Allowing Boy With Special Needs On Board)
रेग्युलेटर ने कहा- इस मामले में उन्हें ज्यादा संवेदनशीलता से काम लेना था, जो उस बच्चे के लिए प्रक्रिया को आसान बनाते और उसे शांत करते। कंपनी के कर्मचारी ऐसा नहीं कर सके, उल्टा एक्स्ट्रीम कदम उठाते हुए अंत में यात्री को विमान में चढ़ने से मना कर दिया गया। डीजीसीए ने कहा- विशेष परिस्थितियों में असाधारण कदम उठाने होते हैं, लेकिन कंपनी के कर्मचारी सिविल एविएशन रिक्वायमेंट (रेग्युलेशंस) की भावना और प्रतिबद्धता को नहीं निभा सके और ऐसा करने में विफल रहे।
इसे देखते हुए डीजीसीए ने कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया है। ये जुर्माना संबंधित एयरक्राफ्ट नियमों के प्रावधानों के तहत लगाया गया है। इंडिगो, भारत की सबसे बड़ी एयरलाइंस है। कंपनी की पहचान सस्ती फ्लाइट सेवा और समयबद्धता को लेकर है।