CG - रायपुर नांका दुर्ग मसीही महिमा चर्च पर रविवार पूजा प्रार्थना करते समय उक्त असामाजिक तत्व के लोग कानून को हाथ मे लेकर चर्च के सी.सी टी. वि कैमरे को तोड़फोड़ कर, मार पिट कर पोलिस के सामने पथ्थर वार कर,धार्मिक संवेदनशीलता को चोंट पहुंचाने का कार्य किया गया है, यह कृत्य गैर कानूनी कृत्य है, जाएंगे न्यायालय - नरेन्द्र भवानी /छ.यु.म.




रायपुर नांका दुर्ग मसीही महिमा चर्च पर रविवार पूजा प्रार्थना करते समय उक्त असामाजिक तत्व के लोग कानून को हाथ मे लेकर चर्च के सी.सी टी. वि कैमरे को तोड़फोड़ कर, मार पिट कर पोलिस के सामने पथ्थर वार कर,धार्मिक संवेदनशीलता को चोंट पहुंचाने का कार्य किया गया है, यह कृत्य गैर कानूनी कृत्य है, जाएंगे न्यायालय - नरेन्द्र भवानी /छ.यु.म.
रायपुर : मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर बताया है कि छत्तीसगढ़ के हालात बहुत खराब कानून घुटना टेकने कि हालात मे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री कहते है सरकारे आएँगी जायेंगी लेकिन यह लोकतंत्र जीवित रहना चाहिए पर वास्तव मे कहा बचा है लोकतंत्र चारो तरफ ईसाई मसीही विस्वास करने वाले लोगो का मौलिक अधिकारो का हो रहा है खुलेआम हनन इनके अधिकारो का हत्या कर खुलेआम असामाजिक तत्व के लोग अपना धर्म सेवा के नाम पर पोलिस के सामने लगातार कई घटना को दें रहें है अंजाम, ऐसे मे बचा ही कहा लोकतंत्र !
आज दिनांक 3/03/2024 को रायपुर नांका दुर्ग मसीही महिमा चर्च मे रवीवार के दिन जबकि यह दिन चर्च मे आरधना का दिन होता जहां ईसाई मानने वाले जमा होकर पूजा प्रार्थना करते है और उसी दिन असमाजिक तत्व के लोग जमा होकर इसी चर्च के बाहार खड़े होकर हल्ला करने लगते है, चर्च के बाहार मे लगे सी. सी. टी. वि. कैमरा को तोड़ते है, नारे बाजी करते हुवे पथ्थर बाजी करते है, धक्का मुक्की कर मार पीठ करते है, और यह सब कृत्य पोलिस के सामने होता है कहा बचा है लोकतंत्र और कौन है लोग जो धर्म के नाम पर भारतीय संविधान के अंतःकरण कि स्वतंत्रता को पैरो तले बार बार कुचल रहें है, धार्मिक संवेदनशीलता को चोंटिल कर रहें है अच्छा शान्ति राज्य का शान्ति भंग करने का प्रयास कर रहें है वह भी खुलेआम, आखिर क्यूँ पोलिस एक्शन मे नहीं आ पा रहें है क्यूँ !
भवानी ने बताया है कि कोई भी व्यक्ति किसी की धार्मिक आस्था और किसी भी धर्म की किसी पवित्र वस्तु का अपमान नहीं कर सकता. अगर कोई ऐसा करता है तो वो दोषी माना जाएगा, जिसे कानून के तहत सजा दी जाएगी.भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और धर्मनिरपेक्षता को संविधान की प्रस्तावना (Preamble) में भी उद्धृत किया जाता है. इसके साथ ही, संविधान में प्रत्येक व्यक्ति को कई मौलिक अधिकार दिए गए हैं उनमें से नागरिकों को दिया गया अंतःकरण की स्वतंत्रता (Freedom of Conscience) और अपने धर्म का स्वतंत्रता से अभ्यास और प्रचार अत्यंत महत्वपूर्ण है.इन्हीं अधिकारों की रक्षा करने हेतु, देश के आपराधिक कानून में कई प्रावधान बनाए गए हैं ताकि जो लोग अपने कृत्यों के जरिए किसी धर्म या किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं या पहुंचाने का प्रयास करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके !
भवानी ने आगे कहा है कि इन्हीं अधिकारों की रक्षा करने हेतु, देश के आपराधिक कानून में कई प्रावधान बनाए गए हैं ताकि जो लोग अपने कृत्यों के जरिए किसी धर्म या किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं या पहुंचाने का प्रयास करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके.इसी उद्देश्य से भारतीय दंड संहिता की धारा 297, उन लोगों को दंडित करती हैं, जो कब्रिस्तान आदि में अतिचार (Trespass) करते हैं !
भारतीय दंड संहिता की धारा 297 के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से, या किसी व्यक्ति के धर्म का अपमान करने के इरादे से, या यह जानते हुए कि किसी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचने की संभावना है, या किसी व्यक्ति के धर्म का अपमान होने की संभावना है, फिर भी वह जानबूझकर किसी भी !
धारा 297 का सार: किसी अन्य व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धर्म का अपमान करने का इरादा या ज्ञान है, और जब उस इरादे या ज्ञान के साथ समाधि के स्थान पर अतिचार करना, मानव शव का अपमान करना, या अंतिम संस्कार समारोहों के लिए इकट्ठे हुए व्यक्तियों को परेशान करना है.तो यह अपराध कि श्रेणी मे आती है !
भवानी ने कहा है कि मामले मे पोलिस जल्द ही कार्यवाही करें अन्यथा दुर्ग मे होगा धरना प्रदर्शन ऐसे कानून और संविधान को कमजोर समझने वाले के खिलाफ करेंगे आवाज बुलंद हम !