पुष्पक एक्सप्रेस के रफ्तार की गड़गड़ाहट से भरभरा कर गिर गया रेलवे स्टेशन, मलबे में तब्दील हुआ प्लेटफार्म



मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में रेलवे इतिहास का अजीब हादसा हो गया.
बुरहानपुरः आम तौर पर रेल के रफ्तार की गड़गड़ाहट से पटरियां हिल जाती है लेकिन रफ्तार से पूरा रेलवे स्टेशन भरभराकर गिर जाए तो सुनकर भी कानों को भरोषा नहीं होता. यह पूरा मामला है बुरहानपुर जिले के नेपानगर से अलीगढ़ के बीच का जहां बुधवार को जंगल के बीच बने रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग पुष्पक एक्सप्रेस के तेज रफ्तार से गुजरने और उसके कंपन की गड़गड़ाहट से भरभराकर गिर गई. पूरे हादसे में एक राहत की बात यह रही कि किसी की जनहानी नहीं हुई.
देश के इतिहास में इस तरह की पहली घटना है जिसमें रेलवे स्टेशन की बिल्डिंग ट्रेन गुजरने से गिरी हो. यह बिल्डिंग केवल 14 साल पुरानी है. बतादें कि पुष्पक एक्सप्रेस करीब 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी. वैसे भी रोजाना ट्रेन इसी रफ्तार से गुजरती है. लेकिन बुधवार को जब ट्रेन स्टेशन से निकल रही थी तब कंपन इतना तेज था कि स्टेशन अधीक्षक कक्ष की खिड़कियों के कांच फूट गए. बोर्ड टूटकर नीचे गिर गए. मलबा पूरे स्टेशन परिषर पर बिखर गया. मौके पर तैनात एएसएम प्रदीप कुमार पवार ट्रेन को हरी झंडी दिखाने बाहर निकले. लेकिन बिल्डिंग गिरती देख फौरन वहां से दूर हो गए.
रेलवे कि माने तो इससे पहले इस तरह की घटना को लेकर किसी तरह से अंदेशा लगाना भी मुश्किल माना जा रहा था. वहीं जिले का चांदनी स्टेशन 2007 में बना था. जानकारी के अनुसार चांदनी रेलवे स्टेशन मुंबई-दिल्ली रेलवे का सबसे व्यस्ततम मार्ग है. हादसे के बाद शाम करीब 6 बजे तक चार ट्रेनों को आउटर पर रोका गया. धीरे-धीरे एक-एक ट्रेन को निकाला गया। भुसावल डीआरएम विवेक कुमार गुप्ता के मुताबिक चांदनी स्टेशन के बिल्डिंग के एक हिस्से का छज्जा टूटा है, जिसे रिपेयर कर लिया जाएगा. जांच के लिए टीम मौके पर पहुंची है. सभी ट्रेनें नियमित चला रहे हैं. ज्यादा नुकसान नहीं हुआ रेलवे अफसरों के अनुसार मौके पर पहुंचे रेलवे के इंजीनियरों ने स्टेशन के आसपास के ट्रेक की भी जांच की है. हादसे की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है.