भगवान कब मिलते हैं? जब हम भगवान के लिए तड़पते है.
When does God meet? When we yearn for God.




NBL, 28/07/2022, Lokeshwer Prasad Verma, When does God meet? When we yearn for God.
हम इंसान कई प्रकार के विषयों से घिरे हुए हैं, और यही काम विषय हमें जकड़ कर रखे हुए हैं, आप सुबह उठते हैं, तो अपने हजारो विषयों का मंथन करते हैं, जो इन प्रपंचो को हमने खुद पैदा किया, जिसके चिंता मे हम रात और दिन डूबे हुए रहते है। पढ़े विस्तार से...
जो विषय आपने पैदा किया वही आपके विकार है, जबकि ईश्वर ने हमको साफ पाक पवित्र आत्मा देकर इस जगत मे भेजा है, लेकिन हम इंसान इस जगत मे आकर ही फँस जाते हैं, माया, मोह, दंभ के जाल मे और हम इंसान अपने कर्म और धर्म दोनों बिगाड़ लेते है। जैसे हमको दुध से भरे कटोरे मे मक्खी गिरे दिख जाए तो क्या हम उस दुध को पीते हैं, बिल्कुल भी नहीं। वैसे ही हम इंसान बुद्धिमान होते हुए भी कई विकार अवगुण को पाल कर अपने शरीर व जीवन में उतार लेते हैं। तो आप कैसे बुद्धिमान है, जो सब कुछ जानते हुए भी आप वो करते है जो आपके हित मे नहीं है। तो क्यों करते हो ? ये सवाल आपके बुद्धिमान बुद्धि के लिए है।
जबकि आप अपने धर्म ग्रंथ को जरा पढ़ कर देखो जिस भी धर्म को आप मानते हैं, उसमें हम इंसान के सभी सुखों का सार मिल जायेगा और आपके उस धर्म ग्रंथ मे आपके जीवन जीने का कला लिखा हुआ है, लेकिन आपके धर्म तो है, लेकिन धर्म के सार्थक स्वरूप का इस्तेमाल आपके जीवन में नहीं है।
अगर आप गृहस्थी है, तो सहन करना सीखो दया रखो, ममता रखो, शांति बनाये रखना सीखो धर्म संसकार सिखो और सीखाओ। तो आपके घर मे सभी प्रकार के सुख का प्रभाव बना रहेगा, चाहे सुख का दिन हो या दुखो का दिन आये दोनों काल में भी सुख से रहोगे ये परम सत्य है। आप अपने रिश्तों के धर्म को निभाओ इसके साथ साथ आप अपने धर्म ईश्वर का भी धर्म निभाओ तो आपके परिवार आपके जीवन मे कभी भी अवगुण रूपी राक्षस आपके घर व आत्मा मे कदम नहीं रख पायेगा।
ईश्वर को अपने पास बुलाना बड़ा ही सरल है, आप घर बैठे ईश्वर को अपने पास बुला सकते हैं, आप कर्म करते हुए ईश्वर को भजो, हर आपके कर्म मे भगवान का याद प्यार रहेगा तो ये आपके दिवाने पन देखकर ईश्वर को आपके पास आना ही पड़ेगा। जैसे मीरा जैसे रसखान, जैसे सबरी माता उस प्रभु के दिवाने थे और भगवान को इसके पास दौड़े दौड़े चला आना पड़ा। कोई आडम्बर की जरूरत नहीं जिस हाल मे हो आप उसी हाल मे पुकारो उस प्रभु को। उसके याद में रोओ उसके याद मे गाओ उसके याद मे नाचो उसके याद मे बड़बड़ाते रहिये एक मिनट एक, एक सेकंड उस ईश्वर से जुदा मत रहना तो ईश्वर भी आपसे जुदा कभी भी नहीं रहेगा। बस आपके कर्म और धर्म शुद्ध होना चाहिए। यही परम सत्य है, आडम्बरो से ईश्वर की प्राप्ति नहीं होता बल्कि आप अपने कर्म और धर्म दोनों पवित्र रख तो आपके जीवन में सभी सुख है ।। ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः।।