बालोद:स्मृति शेष- 2015 में देहदान की घोषणा भी बना था एक रिकॉर्ड.. मृत्यु के बाद परिवार वालों ने राजेश बाफना की इच्छा पूरी की...घर से मुक्तिधाम के लिए निकली अंतिम यात्रा में जहां सैकड़ों लोग शामिल हुए उसके बाद उनका देहदान हेतु राजनांददगांव मेडिकल कॉलेज में शरीर को ले जाया गया।

बालोद:स्मृति शेष- 2015 में देहदान की घोषणा भी बना था एक रिकॉर्ड.. मृत्यु के बाद परिवार वालों ने राजेश बाफना की इच्छा पूरी की...घर से मुक्तिधाम के लिए निकली अंतिम यात्रा में जहां सैकड़ों लोग शामिल हुए उसके बाद उनका देहदान हेतु राजनांददगांव मेडिकल कॉलेज में शरीर को ले जाया गया।
बालोद:स्मृति शेष- 2015 में देहदान की घोषणा भी बना था एक रिकॉर्ड.. मृत्यु के बाद परिवार वालों ने राजेश बाफना की इच्छा पूरी की...घर से मुक्तिधाम के लिए निकली अंतिम यात्रा में जहां सैकड़ों लोग शामिल हुए उसके बाद उनका देहदान हेतु राजनांददगांव मेडिकल कॉलेज में शरीर को ले जाया गया।

संजु जैन:7000885784
बालोद। बालोद शहर का प्रतिष्ठित बाफना परिवार में हमेशा एकजुटता की मिसाल देखने को मिला है। 1 दिसंबर 2015 को राजेश बाफना द्वारा अपने बाफना परिवार के सदस्यों का एक मिलन समारोह आदमाबाद रेस्ट हाउस बालोद में आयोजित किया गया था।

जिसमें परिवार के 150 लोग शामिल हुए थे। जिसमें मूलचंद बाफना व राजेश बाफना के ही प्रेरणा से यह पुनीत कार्य करने का निर्णय लिया व भिलाई से समाजसेवी पवन केसवानी को इस आयोजन में बुलवाकर परिवार के कुल 32 लोगों ने देह दान और 20 लोगों ने नेत्रदान देने की घोषणा की थी। जो कि पूरे प्रदेश में अपने आप में एक अनूठी मिसाल थी। जो कि 2015 एक साथ एक दिन में इतने सदस्यों ने एक साथ इतनी बड़ी घोषणा की जो विश्व में एक रिकॉर्ड बना था। परिवार के होनहार युवा राजेश बाफना जो हमेशा ही सामाजिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों में हमेशा अग्रणी रहे। उनका गुरुवार 6 अक्टूबर को सुबह उनका निधन हो गया। जिसके बाद परिवार वाले ने उनकी इच्छा अनुरूप उनका देहदान किया। घर से मुक्तिधाम के लिए निकली अंतिम यात्रा में जहां सैकड़ों लोग शामिल हुए उसके बाद उनका देहदान हेतु राजनांददगांव मेडिकल कॉलेज में शरीर को ले जाया गया। जहां पर अस्पताल की औपचारिकता पूर्ण कर शरीर को मेडिकल कॉलेज को दान दिया गया। समाज में इस तरह देखने को बहुत ही कम मिलता है यहां पर किसी का शरीर आने वाली होनहार पीढी डॉक्टरों के काम आये। इसमें बालोद के बाफना परिवार ने आज अनुकरणीय पहल किया जो समाज के सभी वर्गों के लिए प्रेरणादायक है।