Sahara India Payment : सहारा इंडिया के निवेशको के लिए बड़ी खबर! 10 करोड़ निवेशको को 9 महीने में वापस मिलेगा पैसा, जल्दी करें दस्तावेज तैयार, यहाँ देखें पूरी जानकारी...

Sahara India Payment : Big news for investors of Sahara India! 10 crore investors will get their money back in 9 months, prepare the documents quickly, see full details here... Sahara India Payment : सहारा इंडिया के निवेशको के लिए बड़ी खबर! 10 करोड़ निवेशको को 9 महीने में वापस मिलेगा पैसा, जल्दी करें दस्तावेज तैयार, यहाँ देखें पूरी जानकारी...

Sahara India Payment : सहारा इंडिया के निवेशको के लिए बड़ी खबर! 10 करोड़ निवेशको को  9 महीने में वापस मिलेगा पैसा, जल्दी करें दस्तावेज तैयार, यहाँ देखें पूरी जानकारी...
Sahara India Payment : सहारा इंडिया के निवेशको के लिए बड़ी खबर! 10 करोड़ निवेशको को 9 महीने में वापस मिलेगा पैसा, जल्दी करें दस्तावेज तैयार, यहाँ देखें पूरी जानकारी...

Sahara India :

 

नया भारत डेस्क : सहारा समूह की कंपनियों में पैसे लगाने वालों के लिए बड़ी खबर है. सहारा फर्मों के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा जांच की मांग भी की गई थी और चिट-फंड कंपनियों के खिलाफ मामले की जांच के दौरान एजेंसी द्वारा अब तक जब्त की गई राशि की मांग की गई थी. जिसका उपयोग निवेशकों को वापस देने के लिए किया जाए. भारत सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता 18 अन्य विभागों और जांच एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय के तहत एक हाई लेवल मीटिंग के बाद दायर आवेदन के लिए न्यायमूर्ति एमआर शाह और सीटी रविकुमार की पीठ के समक्ष जनहित याचिका पर पेश हुए थे. (Sahara India)

इसमें भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी), गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय, आयकर, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय सहित अन्य शामिल थे. तब सेबी-सहारा रिफंड अकाउंट नामक एक फंड से 5,000 करोड़ रुपये की राशि लेने की मांग की गई थी, जो अगस्त 2012 में शीर्ष अदालत द्वारा दो सहारा फर्मों – सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इंडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) को निर्देशित करने के बाद बनाई गई थी. (Sahara India)

आलू के चिप्स बेचकर महज 25 हजार रुपये कमाने वाले पिनाक पानी मोहंती ने करोड़ों निवेशकों के लिए राहत की उम्मीद जगाई है। पिनाक पानी मोहंती उड़ीसा के रहने वाले हैं। पिनाक (Pinak Pani Mohanty) ने वह कर दिखाया है जिसकी उम्मीद लाखों निवेशक छोड़ चुके थे। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बीते 30 मार्च को केंद्र सरकार की याचिका को मंजूर कर लिया है। (Sahara India)

जिसमें सरकार ने कहा था कि सहारा-सेबी (Subrata Roy) के 24,979 करोड़ रुपए के टोटल फंड में से 5,000 करोड़ रुपये तुरंत दिए जाएं, ताकि निवेशकों का पैसा लौटाया जा सके। सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश पिनाक पानी मोहंती की जनहित याचिका पर केंद्र सरकार की ओर से दायर एक आवेदन पर दिया है। मोहंती ने चिट फंड कंपनियों और सहारा क्रेडिट फर्म्स (Sahara Group) में निवेश करने वाले डिपॉजिटर्स को उनका पैसा वापस करने का निर्देश देने की मांग की थी। अब 9 महीने में निवेशकों को उनका पैसा वापस दिया जाएगा। (Sahara India)

लाखों खर्च करके लड़ी लड़ाई

पिनाक पानी मोहंती (Pinak pani mohanty) ने अपने संघर्ष को इकोनॉमिक टाइम्स से साझा करते हुए बताया कि वह सालाना 3.15 लाख रुपये कमाते हैं। और एक अनुसूचित जाति (Schedule Cast) के व्यक्ति के लिए यह लड़ाई लड़ना आसान नहीं था। लेकिन दोस्तों के सहयोग से ऐसा हो सका। अब तक इस पर याचिका पर उनके 4.80 लाख रुपये से ज्यादा पैसे खर्च हो चुके हैं। (Sahara India)

पिनका पानी मोहंती (Pinak pani mohanty) के मुताबिक, वह और उनके सामाजिक कार्यकर्ता दोस्तों ने 2015 से कुल 44 कंपनियों के पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का काम किया है। इनमें सहारा से लेकर रोज वैली, शारदा और सीशोर जैसी चिटफंड कंपनियां शामिल हैं। मोहंती भाजपा का एक कार्यकर्ता भी है। और उन्होंने जनवरी 2022 में सहारा मामले को लेकर जनहित याचिका दायर की थी। (Sahara India)

ये है पूरा मामला

बता दें कि पूरा मामला साल 2009 में सहारा के OFCD के समय शुरु हुआ था। सहारा स्कैम (Sahara scam) मुख्य रूप से सहारा ग्रुप की दो कंपनियों सहारा इंडिया रियल ऐस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SIRECL) और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (SHICL) से जुड़ा है। सहारा ग्रुप की एक कंपनी सहारा प्राइम सिटी ने अपने आईपीओ के लिए सेबी में आवेदन (DRHP) दाखिल किया था। (Sahara India)

डीआरएचपी में कंपनी से जुड़ी सारी अहम जानकारी होती है। जब सेबी ने इस डीआरएचपी का अध्ययन किया, तो सेबी को सहारा ग्रुप की दो कंपनियों की पैसा जुटाने की प्रक्रिया में कुछ गलतियां दिखीं। ये दो कंपनियां SHICL और SIRECL ही थीं। 25 दिसंबर 2009 और 4 जनवरी 2010 को सेबी को दो शिकायतें मिलीं। (Sahara India)

सेबी ने पाया कि SIRECL और SHICL ने ओएफसीडी के जरिए दो से ढ़ाई करोड़ निवेशकों से करीब 24,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। केंद्र सरकार ने पिनाक मोहन मोहंती की जनहित याचिका पर, एस्क्रो अकाउंट में जमा पैसों को निवेशकों को जारी करने की सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 5000 करोड़ रुपये लौटाने के आदेश दिए है। यह पैसा 9 महीने में एक न्यायधीश की निगरानी में लौटाया जाना है। (Sahara India)