CG- शिक्षिका बर्खास्त: स्कूल शिक्षा विभाग से आदेश जारी... शिक्षिका ने पति के साथ मिलकर की लाखों की धोखाधड़ी... FIR के बाद से गायब... देखें आदेश.......
Chhattisgarh News, Female Teacher Dismissal, Order issued from School Education Department




Chhattisgarh News, Female Teacher Dismissal, Order issued from School Education Department
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है। शासकीय उन्नत अध्ययन शिक्षण संस्थान बिलासपुर की निलंबित उच्च वर्ग शिक्षिका मीना श्रीवास्तव के विरुद्ध प्रकरण की विभागीय जांच में अनाधिकृत अनुपस्थिति का आरोप प्रमाणित पाए जाने पर सेवा से पदच्युत (Dismissal) किया गया है।
मीना श्रीवास्तव, उच्च वर्ग शिक्षक (नि०) शासकीय उन्नत अध्ययन शिक्षण संस्थान, बिलासपुर की दिनांक 07.07.2012 से 11.03.2021 तक अनाधिकृत अनुपस्थिति के विरूद्ध विभागीय आदेश दिनांक 21.02.2022 द्वारा दिनांक 12.03.2021 से निलंबित करते हुए, विभागीय ज्ञाप दिनांक 12.05.2022 द्वारा आरोप पत्र जारी किए गए।
आरोप है की शिक्षिका की प्रतिनियुक्ति पर शासकीय उन्नत अध्ययन शिक्षण संस्थान, बिलासपुर में पदस्थी के दौरान दिल्ली की हेल्थ केयर कम्पनी के नाम पर ठगी के आरोप में शिक्षिका के विरूद्ध पुलिस थाना सरकंडा, बिलासपुर में अपराध क्रमांक 340/012 धारा 420, 34, भा.द.वि. के तहत अपराध पंजीबद्ध होने पर दिनांक 07.07.2012 से 11.03.2021 तक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहीं। शिक्षिका का उक्त कृत्य छ0ग0 सिविल सेवा आचरण नियम-1965 के नियम 3 के विपरीत गंभीर कदाचार है।
उक्त आरोप की जांच हेतु विभागीय आदेश दिनांक 28.09.2022 द्वारा छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-14 (5) के प्रावधानों के तहत संभागीय संयुक्त संचालक, बिलासपुर को जांचकर्ता अधिकारी एवं मनोज सिंह, प्राध्यापक ( उप संचालक संवर्ग) को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्ति किया गया था।
प्रकरण में विभागीय जांचकर्ता अधिकारी के द्वारा शासन को जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया, विभागीय जांच में पाया गया कि शिक्षिका मीना श्रीवास्तव एवं उसका पति बी. पी. खरे दोनों मिलकर आनंद हेल्थ केयर कंपनी में रकम जमा करने पर 10 प्रतिशत प्रतिमाह व्याज एवं मूलधन की वापसी की गारंटी लेकर प्रार्थी से तथा उसके अन्य परिचितों से करीब 15,00,000/- रूपये हड़प लेने व वापस नहीं करने के रिपोर्ट पर थाना सरकंडा बिलासपुर में अपराध क्रमांक 340/012 धारा 420, 34 भा०दं०स० के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। श्रीवास्तव के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध होने के पश्चात् दिनांक 07.07.2012 से मीना श्रीवास्तव पुलिस जांच में सहयोग न करते हुए, अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित हो गई तथा विभाग को भी सूचित नहीं किया गया और छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर पृथक-पृथक स्थानों से डाक/ कोरियर के माध्यम से भैषजिक अवकाश के कारण अनुपस्थिति रहने की सूचना भेजती रही। श्रीवास्तव की दिनांक 10.03.2021 को मान न्यायालय द्वारा प्रावधिक रूप से जमानत स्वीकार होने के पश्चात् दिनांक 12.03.2021 को अपने कर्त्तव्य पर उपस्थिति हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में श्रीवास्तव द्वारा अनाधिकृत रूप से कर्त्तव्य पर दिनांक 07.07.2012 से 11.03.2021 तक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थिति हेतु विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित पाए गए हैं।
वित्त विभाग, मंत्रालय, नवा रायपुर के परिपत्र दिनांक 22.03.2018 के अनुसार 03 वर्ष से अधिक लगातार अनुपस्थित शासकीय सेवक का किसी भी प्रकार का अवकाश मंजूर नहीं किया जाना है। इसी प्रकार सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र दिनांक 02.02.2000 के एक माह से अधिक अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले शासकीय सेवक के विरूद्ध किसी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किए जाने तथा ऐसे शासकीय सेवक के विरूद्ध छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के तहत दीर्घशास्ति के लिये विभागीय जांच संस्थित एवं आरोप सिद्ध होने पर सेवा से हटाने अथवा पदच्युत करने की शास्ति दिए जाने का नियम में प्रावधान प्रावधानित है।