अव्यवस्था या कहें मुर्दा व्यवस्था के बीच घुट-घुट कर जीने को मजबूर पंडरिया नगरवासी, वोट बैंक की दलाली ने किया पंडरिया नगर के व्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था को बर्बाद, सरकार बदली,चेहरे बदले लेकिन व्यवस्था में सुधार देखने को तरस गए नगर के नागरिक व आसपास के ग्रामीण, मुर्दा व्यवस्था से निजात पाने इंतजार कर रहे पंडरियावासी। देखें छत्तीसगढ़ प्रदेश के सबसे गंदा मुर्दा ट्रैफिक व्यवस्था का वीडियो…




कवर्धा/पंडरिया/प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ नगरवासी नगर विकास व अव्यवस्थित मुर्दा ट्रैफिक व्यवस्था से मुक्ति की राह देखते-देखते आंखें पथरा गई है,अब तो भगवान का ही सहारा है नगर वासियों को क्योंकि जनप्रतिनिधियों व शासन प्रशासन से उम्मीद करते-करते बहुत से नागरिक पंडरिया से इलाहाबाद त्रिवेणी संगम में विलीन हो चुके हैं।भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की नई सरकार व नए विधायक से नागरिकों को बहुत कुछ उम्मीदें हैं देखना होगा कि सरकार व क्षेत्रीय विधायक अपने नागरिकों के उम्मीद पर कहां तक खरा उतरते हैं प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद अब नगरवासी तबेला जैसी व्यवस्था में सुधार चाहते हैं ।
नगरवासी लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं व विकास को तरस रहे हैं।नगर में अनेक समस्याएं है।नगर में सबसे बड़ी समस्या बाजार व मांस-मछली की दुकानों के स्थानांतरण की है जो कोरोना काल से अव्यवस्थित चल रही है, नगर की सब्जी बाजार पुराने बाजार में ही संचालित हो रही है,जबकि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाया गया नया बाजार मवेशी,शराबियों व चोरों का अड्डा बना रहता है, वर्तमान हटरी सब्जी बाजार को लंबे समय से नए बाजार में शिफ्ट करने प्रयास किया जा रहा है,किन्तु राजनैतिक इच्छा शक्ति के अभाव व प्रशासनिक उदासीनता के चलते नए बाजार में शिफ्ट नहीं किया जा सका है पूर्व में कलेक्टर के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन व पुलिस नगर पालिका के आपसी सहयोग से बहुत ही शानदार व्यवस्था बनाया गया था सख़्ती के साथ पुराने हटरी को नये बाजार में शिफ्ट किया गया था लगभग एक वर्ष से रोजाना नये बाजार में सब्जी मार्केट और नगर के अंदर जितने भी मांस मटन मछली के दुकान है सभी को नये बाजार शिफ्ट किया गया था लेकिन वोट बैंक की राजनीति के चलते धीरे-धीरे मुर्दा व्यवस्था से पंडरिया पुनः ग्रसित हो गई है पंडरिया नगर में लोग जहां चाहे वहां मनमानी ढंग से गुंडागर्दी के साथ दादागिरी करते हुए टू व्हीलर,फोर व्हीलर गाड़ी खड़ी कर देते हैं पंडरिया का सब्जी बाजार गांधी चौक से महामाया रोड,गुरुद्वारा,मस्जिद रोड पर शासन प्रशासन को ठेंगा दिखाते हुए लगाया जाता है।नगर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है कुछ दिन अधिकारी मीडिया के आवाज उठाने पर गहरी निद्रा से जागते हैं उसके बाद फिर कुंभकरण की तरह सो जाते हैं।मिली जानकारी के अनुसार पुराने हटरी बाजार में नगर पालिका के द्वारा बाकायदा दीवार पर लिखवाया गया था की, सब्जी बाजार यहां ना लगाए लेकिन सख्त कार्यवाही के अभाव में लोकल सब्जी विक्रेताओं के द्वारा मनमानी तरीके से रोड के ऊपर दुकान लगाया जाता है रोजाना सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले सब्जी विक्रेता किसानों को मजबूरन थोक के भाव में कम कीमत पर अपना सब्जी लोकल सब्जी विक्रेताओं के पास बेचना पड़ता है क्योंकि ग्रामीण से आने वाले किसानों के बैठने के लिए वहां जगह नहीं है व पंडरिया मार्केट डे सोमवार के दिन बाहर से आने वाले व्यापारियों के लिए जगह नहीं रहती, मजबूरी वश बाहरी व्यापारी व किसानों को सोमवार के दिन नये बाजार की तरफ रुख करना पड़ता है अगर बाजार रोजाना शासन के निर्धारित स्थान नये बाजार में शिफ्ट किया जाता है तो सैकड़ो बेरोजगार लोगों को रोजगार मिलेगा व ट्रैफिक व्यवस्था में पूर्व की भांति सुधार हो जाएगा जिस तरीके से कवर्धा पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव रात और दिन अपने टीम के साथ कवर्धा जिला मुख्यालय का ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने में लगे हैं काबिल -ए-तारीफ है काश,पंडरिया नगर में भी जिलाधीश व पुलिस कप्तानों इतनी ही गंभीरता के साथ ध्यान देते तो पंडरिया नगर की मुर्दा चरमराई हुई ट्रैफिक व्यवस्था सुधर जाएगी।
''एक भेद है और वहां निर्भय होते नर-नारी, कलम उगलती आग, जहाँ अक्षर बनते चिंगारी"
रामधारी सिंह दिनकर