भारत के विपक्षी दलों के नेता सत्ताधारी दल और खासकर पीएम नरेंद्र मोदी से नफरत क्यों करते हैं और वे क्या संदेश देना चाहते हैं, देश के लोकतंत्र को क्या अपने नाकामियों को छुपाने का उपाय पीएम मोदी में ढूंढता है, देश के लोकतन्त्र गुमराह क्यों?

Why do the leaders of India's opposition parties hate the ruling party and especially PM Narendra Modi

भारत के विपक्षी दलों के नेता सत्ताधारी दल और खासकर पीएम नरेंद्र मोदी से नफरत क्यों करते हैं और वे क्या संदेश देना चाहते हैं, देश के लोकतंत्र को क्या अपने नाकामियों को छुपाने का उपाय पीएम मोदी में ढूंढता है, देश के लोकतन्त्र गुमराह क्यों?
भारत के विपक्षी दलों के नेता सत्ताधारी दल और खासकर पीएम नरेंद्र मोदी से नफरत क्यों करते हैं और वे क्या संदेश देना चाहते हैं, देश के लोकतंत्र को क्या अपने नाकामियों को छुपाने का उपाय पीएम मोदी में ढूंढता है, देश के लोकतन्त्र गुमराह क्यों?

NBL, 11/08/3023, Lokeshwer Prasad Verma Raipur CG: Why do the leaders of India's opposition parties hate the ruling party and especially PM Narendra Modi and what message do they want to give, does the country's democracy find a way to hide its failures in PM Modi, why is the country's democracy misguided? पढ़े विस्तार से.... 

विपक्षी दलों के नेताओं की धैर्यता पर सवाल खड़े हो गया है, देश के लोकतन्त्र के द्वारा जब तीन दिनों से लगातार संसद सदन में आप पक्ष और विपक्ष के सांसदो की चर्चाएं हो रहा था अपने अपने बातों को लेकर और सदन की गरिमा बनाए रखे थे तो आज आप विपक्ष उस गरिमा को क्यों भंग कर दिये और क्या कारण है जो एकदम से सदन छोड़कर सदन से बाहर हो गए और आप विपक्षी दलों के नेता बोलते है देश के लोकतन्त्र की हत्या हो रहा है पीएम नरेंद्र मोदी सरकार के द्वारा जबकि अविश्वास प्रस्ताव आप विपक्षी दलों के द्वारा संचालित की गई थी सत्ता पक्ष सरकार को घेरने के लिए और बहुत सारी मुद्दाओ पर चर्चा हो रही थी तीन दिनों से और आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी था दोनों पक्षों के सांसदो के द्वारा लेकिन कुछ भी नही हुआ और देश के प्रधानमंत्री बोलना शुरू किया तो बहुत कुछ होने लगा आप विपक्षी दलों के सांसदो को आप विपक्षी सांसदो के चुने गए प्रधानमंत्री या बीजेपी के चुने गए प्रधानमंत्री नही है बल्कि हम देश के लोकतन्त्र के द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री है, और पूरे देशवासी का प्रधानमंत्री है।जब आप विपक्षी अविश्वास प्रस्ताव रखा प्रधानमंत्री के उपर तो कोई एक मुद्दा पर आप अविश्वास प्रस्ताव नही रखा था जो मणिपुर मणिपुर चिल्ला चिल्लाकर बोल रहे थे संसद की गरिमा को तार तार कर रहे थे और हम देश के लोकतन्त्र सब देख रहे थे जब देश के प्रधानमंत्री अपने नौ साल के कार्यकाल में क्या क्या कार्य किया देश में और उनके द्वारा देश का विकास कैसे हो रहा है और आगे कैसे होने वाला है देश के जनता को बताना उनका दायित्तव बनता है क्योकि उसके उपर आप विपक्षी पार्टियां अविश्वास प्रस्ताव रखे हुए थे संसद सदन में तो अपने कामो को तो देश को बताएगा देश के लोकतन्त्र को विश्वास दिलाने के लिए हम यह यह कार्य किया देश हित में अब इसमें चिड़ने वाली क्या बात हुआ आप विपक्षी दलों के नेताओं को चुपचाप सुन लेते और जो बात आप लोग रख रहे थे मणिपुर हिंसा को लेकर अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार नही बोलते अपने आखरी शब्दों तक तब आप उन्हें घेर सकते थे। 

और पुरा देश आप विपक्षी दलों के साथ खड़े होते वाकई देश के प्रधानमंत्री मणिपुर हिंसा को लेकर गंभीर नही है मणिपुर वासियों का कोई सुध नही ले रहा है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजेपी सरकार करके बोलना उचित होता आप विपक्षी दलों के नेताओं को लेकिन प्रधानमंत्री जी के बातो को बिना सुने खुद संसद सदन छोड़कर चले गए आप विपक्षी दलों के नेताओं ने तो किस हिसाब से देश के लोकतन्त्र को जवाब देंगे या सफाई देंगे आप विपक्षी दलों के नेता देश के लोकतन्त्र को हमने इसलिए छोड़कर चले गए क्योकि प्रधानमंत्री हमारे पूर्वकाल के गलतियों को गिना रहे थे इसलिए छोड़ दिये सदन ऐसा बोलेंगे या गोल मोल जवाब देंगे देश के लोकतन्त्र को और सफाई देेेकर निकल लोगों हम अच्छे है और पीएम नरेंद्र मोदी सरकार अच्छे नही है करके। 

जब आप विपक्षी दलों के नेताओं के द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को तरह तरह के भाषाओं से सम्बोधित करते हैं, कभी पीएम मोदी चोर है, कभी पीएम मोदी हिटलर शाही है कभी पीएम मोदी अंधे राजा है कभी पीएम मोदी रावण है अहंकारी है क्या क्या नही बोलते अपने ही देश के प्रधानमंत्री को जबकि राजनीति अपनी जगह है लेकिन देश का प्रधानमंत्री अपनी जगह है जिसको देश के लोकतन्त्र ने चुनकर भेजे है अपने आप से नही बना है प्रधानमंत्री और पीएम नरेंद्र मोदी आप विपक्षी दलों के नेताओं की गाली देना या अपशब्द बातों से कहना क्या उचित है, जबकि आप लोगों के द्वारा कहे गए अपशब्दों को देश के पीएम नरेंद्र मोदी टानिक बोलकर हँस देते हैं, और कहते है पीएम नरेंद्र मोदी को आप जितना भले बुरे कहोगे उतना मुझे और मेरे बीजेपी को फायदा मिलता है। 

,मै जब आप विपक्षी दलों के नेताओं को भ्रष्टाचारी कहता हूँ आपको परिवार वादी कहता हूँ और आपको तुष्टिकरण करने वाले कहता हूं तो फिर आप लोगों को मिर्ची लग जाती हैं, क्योकि आप लोग ऐसा हो तो सुनते हैं और हम गलत बोल रहे है तो हमारे खिलाफ देश के कोर्ट में जाओ पीएम नरेंद्र मोदी हमें भ्रष्टाचार कहते है जब चोरी का दाग लगा है आप विपक्षी दलों के कुछ नेताओं के उपर तो सहन करना आपका मजबूरी है, पीएम मोदी को बुलाओ पीएम मोदी को बुलाओ हम उनसे जवाब मांगेंगे मणिपुर हिंसा मे मणिपुर क्यों जल रहा है क्यों नहीं थम रहा है वहाँ की हिंसा वहाँ के लोगों के लिए आप क्या कर रहे हैं पीएम नरेंद्र मोदी सरकार और जब मै सदन में जवाब देने आया इन विपक्षी दलों के नेताओं के आज्ञा अनुसार तो मेरे बातों को सुनने के लिए क्यों तैयार नहीं थे क्यों सदन से भाग गए और बोलते हो देश के पीएम मोदी सरकार मौन है जब मेरा मौन व्रत टूट गया और मै आप लोगों को जवाब देने के लिए आया तो हिम्मत क्यों नहीं हुआ आप लोगों को। 

आपके पूर्वज या आपके अच्छे बुरे कर्मो का चिट्ठा खोलता हूँ तो भाग जाते हो और दिन रात मुझे कोसते फिरते हो तो क्या मुझे दर्द नही होता होगा मेरे देश के लोकतन्त्र को दर्द नही होता होगा क्योकि मै अपने देश के लोकतन्त्र के द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री हूँ मेरा भी तो करत्वय बनता है कि मै आप विपक्षी दलों के पुराने किए गए बुरे कर्म को देश के लोकतन्त्र को बताऊ ताकि आप लोगों के द्वारा फैलाया गया गुमराह लोकतन्त्र समझ सके कि आप लोग कितना साफ पाक हो जब आपकी सुनने की बात आती हैं तो तिलमिला जाते हो और मै बिना दाग धब्बे के नौ साल देश को विकास की ओर ले जा रहा हूँ तो मेरे लिए गलतियां ढूँढते रहते हो और तुष्टिकरण की राजनीति करते हो। 

जबकि मेरे बीजेपी सरकार सबका साथ सबका विकास और सबके विश्वास के साथ देश को आगे बढ़ा रहा है देश दुनिया में भारत की साख मजबूत कर रहा हूँ ताकि आर्थिक स्थिति से भारत मजबूत बने और आप विपक्षी दलों के नेताओं के द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को गिराने के चक्कर में मणिपुर हिंसा को लेकर राजनीति कर रहे है जबकि पहले के अपेक्षा मणिपुर शांत हैं और हिंसा तो मणिपुर हाईकोर्ट के कुछ बयानो से मणिपुर में दो पक्षों में हिंसा भड़की जिसके बारे में आप विपक्षी दलों के नेताओं को भी भली भाँति मालूम है और आप लोगों की राजनीति करना मणिपुर के आग में तेल का काम करेगा तो किसी के घर नही बना सकते हो तो कम से कम घर तो मत उजाड़ करो।  बाकी हमारी सरकार वहाँ शांति बहाली करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और बहुत जल्द मणिपुर अपनी जगह स्थिर होकर विकास की गति से आगे बढ़ेगी हम सब उनके साथ है हमारे दिल में है मणिपुर के भाई बहन और मै खुद पीएम नरेंद्र मोदी और देश के लोकतन्त्र मणिपुर के साथ खड़े है, बस आप लोगों से आग्रह करता हूँ कि आपसी भाईचारा के साथ आप मणिपुर के भाई बहन एक साथ शांति से जीवन यापन करे और देश के विकास में सहभागी बने।

आप विपक्षी दलों के नेताओं की सत्ता सुख पाने की भूख की तिलमिलाहट मे आपको असभ्य राजनीतिक बना दिया है, साम दाम दंड भेद आपके आचरणों में घर कर लिया है और जो आप संसद के संसदीय कार्य प्रणाली के रूल्स को तोड़ने के कारण ही आप विपक्षी दलों के कुछ सांसदो को सदन के कार्यवाही से निलम्बित करते है और अपने गलती का दोष पीएम नरेंद्र मोदी सरकार और हमारे मेजारटी को देते है बहुमत संख्या ज्यादा है इसलिए बीजेपी विपक्षी दलों के सांसदो को संसद सदन के कार्यवाही से निलंबित करवाते हैं ये दोषारोपण कर अपने अवगुणों को छुपाते है। 

जबकि आपके सत्यता के सामने सत्ता पक्ष की मेजारटी कुछ भी नही कर पाते बल्कि आप खुद अपने असभ्य भाषा असभ्य हरकत और असभ्य आचरण के कारण आप अपने आप को नही बचा पाते उस संसदीय कार्य प्रणाली के मंदिर से, आप खुद उस लोकतन्त्र रक्षा संसद मंदिर के गरिमा की रक्षा नही करते अंडिसीप्लीन हो जाते हो तो इसमें सत्ता पक्ष की क्या गलती। यहाँ तक आप देश में भी अंडिसीप्लीन हो जब जैसा भी करके राज सत्ता सुख पाने के लिए देश के लोकतन्त्र को गुमराह करते रहते हैं, जबकि आपके द्वारा फैलाये गए झुठ सामने आकर आपके असत्य सत्य के समाने आ ही जाता है और देश के सामने खुद आप विपक्षी दलों के नेता शर्मसार हो जाते है तो इसमें पीएम नरेंद्र मोदी सरकार और उनके मेजारटी की क्या गलती है। 

जब से मणिपुर हिंसा और वहाँ की महिला की कुकृत्य घटना सामने आया और आप विपक्षियों को मुद्दा मिल गया पीएम नरेंद्र मोदी सरकार को घेरने के लिए पूरे देश में राजनीति कर रहे थे पीएम मोदी जवाब दो पीएम मोदी जवाब दो और जब जवाब देने के लिए आपके संमुख आया तो खुद से बायकाट कर दिया आप विपक्षी दलों के नेताओं ने तो अब इसमे गलती पीएम नरेंद्र मोदी सरकार और उनका मेजारटी का कहा से है।

रह गया बीजेपी और उनके संख्या बल का तो हम देश के लोकतन्त्र ने बलवान बनाये बीजेपी को और मजबूत सरकार दिये और बीजेपी के माध्यम से मजबूत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हम देश के लोकतन्त्र को दिया जो देश विदेश सभी जगह अपने भारत देश का साख मजबूत कर रहे हैं और जब हमारे देश के प्रधानमंत्री विदेश जाते है और सम्मान देते हैं उनको तो हम भारतीय लोकतन्त्र को सम्मान दे रहा है ऐसा हम भारतीय लोकतन्त्र महसूस करते हैं। 

जब डंके की चोट पर भारत के विकास की बात करते हैं देश के पीएम नरेंद्र मोदी तो हम देशवासियों को गर्व होता है कि हम भारतीय भी अमेरिका, जापान जैसे आधुनिक भारत में रहेंगे और हम सभी देशवासी आर्थिक विकास करेंगे और हर घर घर, घर मोटर कार बंगले होंगे हमारे आने वाले नई पीढ़ियां नई बुलन्दियों को छुयेंगे जैसे हमारे बुजुर्गो ने अपने देश भारत को अंग्रेज के चन्गुलो से छुड़ाया अपने त्याग, तपस्या व बलिदान से और आज हम नई पीढ़ियां उनके आर्शीवाद से नये आयाम स्थापित कर आधुनिक भारत की ओर अग्रसर हो रहे है। 

वैसा ही जब देश के पीएम नरेंद्र मोदी सरकार देश की उन्नति की बात करते हैं तो हम भारतीय को प्रत्यक्ष प्रमाण सहित सामने दिखने लगता हैं कि वाकई देश अब बदल रहा है और देश को बदलने के लिए एक दमदार पीएम देश को मिला है, यही है हम देश की लोकतन्त्र की ताकत।

हम भारत वासी कब तक झेलते रहेंगे गरीबी और कब तक कमजोर है हम कहते रहेंगे तकदीर को कब तक हम कोसते हुए रोते रहेंगे, हमें उठना है और हमें नया इतिहास रचना है हम सब कुछ वही करेंगे जो देश विकास की ओर जाए और हम कब तक तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले नेताओं को झेलते रहेंगे और देश को आग के हवाले करते रहेंगे कब तक इन अफवाह फैलाने वाले नेताओं के साथ उनका साथ निभाते रहेंगे अब नही बदल पाए हम देश के लोकतन्त्र तो कभी नही बदल पाएंगे अपने आप को बदलो और सबका साथ सबका विकास और सबके विश्वास के साथ जुड़ जाए अब अमृत काल में आप प्रवेश कर रहे है और अमरत्तव को प्राप्त कर भारत को संसार में पहला व पूज्यनीय देश बनाओ हर एक दिशा से यही हम देश की लोकतन्त्र का संकल्प होनी चाहिए।