जनसभा ने लिया इंद्रावती नदी तट पर विराजमान भीमाशंकर मंदिर के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी

जनसभा ने लिया इंद्रावती नदी तट पर विराजमान भीमाशंकर मंदिर के जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी

मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य के लिए पुजारी व श्रद्धालुओं ने जनसभा के अध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् से मांगी मदद

छत्तीसगढ़ / बस्तर । बस्तर ज़िला मुख्यालय जगदलपुर में प्राण दायनी  इंद्रावती नदी के तट पर राजा प्रवीरचंद भंजदेव के शासनकाल से विराजमान भगवान भीमा शंकर के मंदिर की स्तिथि काफी जीर्ण शीर्ण हो गई है। शिवलिंग के पीछे ही बरगद का एक वृक्ष है जो काफी विशाल होते जा रहा है जिस कारण मन्दिर की दीवार पर दरार आ चुकी है। अब इस  मंदिर के कायाकल्प व जीर्णोद्धार कार्य में नेतृत्व करने लिए मंदिर के पुजारी व श्रद्धालुओं ने जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् पर विश्वास जताते हुए मदद चाही है। डॉ. अरुण पाण्डेय् ने इसे अपना सौभाग्य बताया हैकि आम जनता के श्रद्धा के केंद्र शिव मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य में सेवा हेतु उन्हें अवसर प्राप्त हो रहा है।


मन्दिर परिसर में ही पुजारी व श्रद्धालुओं की एक बैठक बुलाई गई जिसकी अध्यक्षता डॉ. अरुण पाण्डेय् ने किया। इस दौरान उन्होंने मंदिर समिति के गठन करने व आम जनता के बीच जाकर मंदिर जीर्णोद्धार कार्य हेतु सहायता व सहयोग मांगने की सलाह दिया है। तथा सभी जनता और प्रशासन के सहयोग से इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर भव्य मंदिर निर्माण कर सकेंगे ऐसा विश्वास उन्होंने जताया है।

बैठक में प्रमुख रूप से चंचलमल जैन, अजय शेट्टी, गोरखनाथ बेसरा, राम बेसरा, योगेंद्र पाणीग्राही, रोहित लगे, मुन्ना बाबा, बुधरु बाबा, मनीष श्रीवास, देवदास, उमाशंकर तिवारी और आदि उपस्थित रहें।