Railway Employees: लाखों रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! कर्मचारियों के भत्तों एवं सैलरी को लेकर आया बड़ा update, जानिए क्या है खास...
Railway Employees: Great news for lakhs of railway employees! Big update brought about the allowances and salary of the employees, know what is special... Railway Employees: लाखों रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! कर्मचारियों के भत्तों एवं सैलरी को लेकर आया बड़ा update, जानिए क्या है खास...




Railway Employees:
लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की मांग है कि वेतन आयोग की सिफारिश से अधिक न्यूनतम सैलरी में बढ़ोतरी की जाए, लेकिन अब तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। इस बीच भारतीय रेलवे ने अपने कर्मचारियों को जबरदस्त खुशखबरी दी है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने लाखों रेल कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है।कर्मचारियों पर लगातार बढ़ रहे खर्च से चिंतित रेलवे बोर्ड ने अपने सातों जोनों को कर्मचारियों के ओवरटाइम, रात की ड्यूटी व यात्रा, ईंधन और रखरखाव खर्चों की समीक्षा करने को कहा है. रेलवे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई एक त्रैमासिक समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि रेलवे के सातों जोन में सामान्य संचालन व्यय (Ordinary Working Expenses, OWE) में वर्तमान वित्तीय वर्ष में मई महीने तक पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले औसतन 26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है. (Railway Employees)
इन जोन्स में इस मद में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के खर्चे में 37.9%, उत्तर रेलवे में 35.3%, दक्षिण मध्य रेलवे में 34.8%, दक्षिण पश्चिम रेलवे में 33.1%, उत्तर पश्चिम रेलवे में 29%, पश्चिम रेलवे में 28% और उत्तर मध्य रेलवे में 27.3% की वृद्धि दर्ज की गई है. समाचार एजेंसी के एक सवाल के जवाब में रेलवे ने कहा कि बजट अनुमानों में 2022-23 के लिए कुल परिचालन खर्च 2.32 लाख करोड़ रुपये है. चूंकि खातों का ऑडिट होना बाकी है, संबंधित आंकड़े फिलहाल अस्थायी (Provisional) हैं. रेलवे की ओर से कहा गया है कि उसने वित्त मंत्रालय की ओर से परिचालित की गई व्यय नियंत्रण और प्रबंधन उपायों के आधार पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. विभिन्न मोर्चों पर खर्चों को कम करने के लिए मंथन किया जा रहा है (Railway Employees)
खर्च घटाने के निर्देश :
सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान रेलवे बोर्ड ने जोन को अपने खर्च को कम करने के लिये तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया और महाप्रबंधकों को इस संदर्भ में कार्ययोजना बनाने को कहा. बोर्ड ने कहा, ओवरटाइम, रात्रि ड्यूटी भत्ता, किलोमीटर भत्ता जैसे खर्चों को नियंत्रित किया जा सकता है. इसपर नजर रखे जाने की जरूरत है. इसके अलावा, पूर्व रेलवे (ईआर), दक्षिणी रेलवे (एसआर), पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर) और उत्तर रेलवे (एनआर) जैसे जोन को किलोमीटर भत्ते को नियंत्रित करने की आवश्यकता है. यह भत्ता ट्रेन को संचालित करने वाले कर्मचारियों को दिया जाता है. वहीं दक्षिण-पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर), पूर्व-मध्य रेलवे (ईसीआर) और पूर्व तटीय रेलवे (ईसीओआर) को रात्रि ड्यूटी भत्ते पर अपने खर्च को कम करने के लिये कहा गया है. (Railway Employees)
कहां कितना बढ़ा है खर्च :
26 प्रतिशत के औसत से ज्यादा खर्च करने वाले ये जोन हैं पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (37.9 प्रतिशत), उत्तर रेलवे (35.3 प्रतिशत), दक्षिण-मध्य रेलवे (34.8 प्रतिशत), दक्षिण-पश्चिम रेलवे (33.1 प्रतिशत), उत्तर-पश्चिम रेलवे (29 प्रतिशत), पश्चिम रेलवे ( 28 प्रतिशत) और उत्तर-मध्य रेलवे (27.3 प्रतिशत). एक सवाल के जवाब में रेलवे ने पीटीआई-भाषा से कहा कि परिचालन खर्च को लेकर 2022-23 के लिये कुल बजटीय अनुमान 2.32 लाख करोड़ रुपये है. चूंकि खातों का ऑडिट होना बाकी है, संबंधित आंकड़े अस्थायी हैं. विभाग ने कहा, रेलवे ने वित्त मंत्रालय के व्यय नियंत्रण और प्रबंधन पर दिये गये दिशानिर्देश को जारी किया है। विभिन्न मोर्चों पर मितव्ययिता और किफायती उपायों को लागू किया जा रहा है. इसके अलावा, ईंधन की खपत को अनुकूलतम बनाने के साथ माल भंडार प्रबंधन में सुधार पर भी ध्यान दिया जा रहा है. (Railway Employees)