पस्ता पुलिस द्वारा अवैध तरीके से क्रूरता पूर्वक मवेशी को लोड कर झारखण्ड के बूचड़ खाने की ओर ले जाने वाला पिकप वाहन को किया जप्त ..चालक फरार




बलरामपुर - जिले में लगातार हो रहे अवैध पशु तस्करी को रोकने एवं पशु तस्करो के विरूद्ध कड़ी कार्यावाही करने हेतु वरिष्ठ पुलिस अधिकारियो के निर्देश पर एसडीओपी के द्वारा पशु तस्करो के विरूद्ध कार्यावाही करने हेतु मुखबीर तैनात किया गया था जो आज पस्ता पुलिस को रात्रि गस्त के दौरान सूचना मिली कि एक सफेद रंग का पीकप में पशु तस्कर अवैध मवेशी कुरतापूर्वक लोड कर राजपुर तरफ से झारखण्ड की ओर ले जा रहे है कि सूचना पर थाना प्रभारी पस्ता द्वारा टीम गठित कर एवं ग्रामीणों से सहयोग लेकर फारेस्ट बेरियर के पास नाकाबंदी किया गया जो पीकप चालक पुलिस एवं ग्रामीणों को देखकर अचानक बेरियर से पहले ही पीकप मोडकर भागने लगा।
जिसका पीछा पुलिस एवं ग्रामीणों द्वारा पीछा करने पर चिलमा की ओर गहना डांड, सासू नदी के किनारे पीकप को छोड़कर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में भाग गया। टार्च जलाकर पीकप को देखा गया जो पीकप क्रमांक .. JH19D1988 में 04 रास बैल एवं 01 रास भैसा को रस्सी से गले एवं पैर को कुरता पूर्वक बांध कर पीकप के ढाला में बांधकर जकड़ कर रखा हुआ दिखा। पीकप का चालक का पता तलाश आसपास जंगल में ग्रामीणों की सहयोग से किया गया जो नहीं मिला पीकप चालक का यह कृत्य पशु तस्करी करने का पाये जाने से देहाती नालसी तैयार कर अपराध पंजीबद्ध कर छ.ग. कृषि पशु परीक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4.6.10 पशु कुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11घ के तहत पीकप कमांक JH19D 1988 के अज्ञात चालक के विरूद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। इस कार्यावाही में सहायक उप निरीक्षक जयप्रकाश कुजूर प्रधान आरक्षक अनिल पाण्डेय आरक्षक... सुनिल पैकरा, संजय तिर्की, आनंद बखला एवं ग्रामीण का सहयोग रहा।की ओर ले जा रहे है कि सूचना पर थाना प्रभारी पस्ता द्वारा टीम गठित कर एवं ग्रामीणों से सहयोग लेकर फारेस्ट बेरियर के पास नाकाबंदी किया गया जो पीकप चालक पुलिस एवं ग्रामीणों को देखकर अचानक बेरियर से पहले ही पीकप मोडकर भागने लगा। जिसका पीछा पुलिस एवं ग्रामीणों द्वारा पीछा करने पर चिलमा की ओर गहना डांड, सासू नदी के किनारे पीकप को छोड़कर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में भाग गया। टार्च जलाकर पीकप को देखा गया जो पीकप क्रमांक .. JH19D1988 में 04 रास बैल एवं 01 रास भैसा को रस्सी से गले एवं पैर को कुरता पूर्वक बांध कर पीकप के ढाला में बांधकर जकड़ कर रखा हुआ दिखा। पीकप का चालक का पता तलाश आसपास जंगल में ग्रामीणों की सहयोग से किया गया जो नहीं मिला पीकप चालक का यह कृत्य पशु तस्करी करने का पाये जाने से देहाती नालसी तैयार कर अपराध पंजीबद्ध कर छ.ग. कृषि पशु परीक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4.6.10 पशु कुरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11घ के तहत पीकप कमांक JH19D 1988 के अज्ञात चालक के विरूद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। इस कार्यावाही में सहायक उप निरीक्षक जयप्रकाश कुजूर प्रधान आरक्षक अनिल पाण्डेय आरक्षक... सुनिल पैकरा, संजय तिर्की, आनंद बखला एवं ग्रामीण का सहयोग रहा ।