धमतरी में विश्व आदिवासी दिवस और छ.ग.जोहार आदिवासी कला मंच के शिल्पकारों ने जिला स्तरीय प्रर्दशनी लगाए...जिलाध्यक्ष जीवराखन लाल मराई ने कहा आदिवासी समाज में कला और कलाकार की कमी नही... कमी है तो अवसर की...

धमतरी में विश्व आदिवासी दिवस और छ.ग.जोहार आदिवासी कला मंच के शिल्पकारों ने जिला स्तरीय प्रर्दशनी लगाए...जिलाध्यक्ष जीवराखन लाल मराई ने कहा आदिवासी समाज में कला और कलाकार की कमी नही... कमी है तो अवसर की...
धमतरी में विश्व आदिवासी दिवस और छ.ग.जोहार आदिवासी कला मंच के शिल्पकारों ने जिला स्तरीय प्रर्दशनी लगाए...जिलाध्यक्ष जीवराखन लाल मराई ने कहा आदिवासी समाज में कला और कलाकार की कमी नही... कमी है तो अवसर की...

धमतरी...विश्व के आदिवासी समुदाय ने 9 अगस्त को बड़े हर्षोल्लास के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाया। इसी अवसर पर धमतरी जिला में भी जिला स्तरीय विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में तकरीबन 20 हजार सर्व आदिवासी समाज के समाजिक जन सम्मिलित हुए!आयोजन स्थल पर आदिवासी संस्कृति मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा तो एक ऐसा भी स्थान था जहाँ लोग बड़े रोचकता के साथ समय दे रहे थे। छ.ग.जोहार आदिवासी कला मंच के बैनर तले जिला इकाई धमतरी की ओर से भव्य कला प्रदर्शनी लगायी गयी थी। जिसे देखकर हर उम्र के लोग प्रसंशा करने से थक नहीं रहे थे। बता दें कि जोहार मंच इससे पहले भी धमतरी जिला के नगरी तहसील में प्रदेश स्तरीय वार्षिक सम्मान समारोह एवं कला महोत्सव का आयोजन करके खूब वाहवाही लुटा था...

जिलाध्यक्ष भानुप्रताप कुंजाम के निर्देशन में यह कला प्रदर्शनी लगायी गई थी जिसमें कार्यक्रम प्रभारी अवध राम कंवर रंगोली कलाकार,चित्रकार निवासी हीरा गाड़ाडीह थे।वहीं आल छत्तीसगढ से कला प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकार रोशन ध्रुव (मूर्तिकला) दतरेंगा, सेजबहार,जितेन्द्र ध्रुव (चित्रकला)धमतरी, विकास शांडिल्य (लीफ आर्ट) मोदे,नगरी,महेंद्र मरकाम ( चित्रकला) चारगांव,नगरी,सुधीर देव (बोनसाई आर्ट) रतावा, नगरी,मानसिंग ध्रुव (मूर्तिकला) छुरा, गरियाबंद,डेलीयांश पेद्दा (चित्रकला)भानुप्रतापपुर, कांकेर,रेनुराज ध्रुव (चित्रकला) कुरूद,महेश बोर्झा(बोडरा, नगरी) गजेन्द्र मंडावी(चित्रकला) कांटाकुर्रीडिह,नगरी) तथा फलेन्द्र कश्यप (मूर्तिकला) सांकरा,नगरी ने अपनी कलाकारी से सबको आकर्षित किया।इस दौरान सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जीवराखन लाल मराई ने जोहार मंच के कलाकारो की भूमिका जिला स्तरीय कार्यक्रम में अहम बताया वहीं उन्होने कहा आदिवासी समाज में कला और कलाकार की कमी नही है आदिवासी समाज अपने आप में शोधकर्ता हैं!बस उन्हें अवसर की कमी है!प्रर्दशनी की सफल आयोजन में जोहर मंच के सलाहकार ईश्वर मंडावी रुपराय नेताम और सुरेन्द्र राज ध्रुव ने पूरी जोहार टीम को शुभकामनाएं दी है!