GC : अब हवा से बातें करेंगी छत्तीसगढ़ धमतरी की बेटी..बोइंग 737 से आकाश में भरेंगी उड़ान.... बेटी की इस सफलता से अब न सिर्फ परिवार गौरान्वित महसूस कर रहा है बल्कि पूरे गांव में भी जश्न का माहौल... पढ़िए पूरी खबर...




छत्तीसगढ़ धमतरी.. वो कहते हैं..मंजिले उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है. पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. ये कहावत चरितार्थ कर दिखाया है धमतरी जिले के एक छोटे से गांव की बेटी ने. अपने परिश्रम से इस बेटी ने वह मुकाम हासिल किया, जिसकी कल्पना परिजनों ने भी नहीं की थी....
रुद्राणी का पायलट के लिए हुआ चयनजिले के भंवरमरा की रहने वाली रुद्राणी का चयन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी में हुआ है. यहां प्रशिक्षण के बाद रुद्राणी पायलट बन जाएंगी. रुद्राणी की सफलता न सिर्फ गांव बल्कि जिले सहित प्रदेश के लिए गर्व की बात है. ग्राम भंवरमरा निवासी किसान नेक लाल साहू और जिला महिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विद्या देवी साहू की बेटी रुद्राणी साहू की उम्र तकरीबन 19 वर्ष है.हाल ही में इन्होंने एक परीक्षा देकर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी फुरसतगंज रायबरेली में प्रवेश पाने में कामयाबी हासिल की है. रुद्राणी 28 सितंबर को फुरसतगंज में पहुंच कर अकादमी ज्वाइन करेंगी और तकरीबन डेढ़ साल तक कड़ी मेहनत ट्रेनिंग उन्हें करनी होगी. तब वह सभी प्रकार की विमान, हेलीकॉप्टर उड़ा पाएंगी...
बचपन से था पायलट बनने का सपना वैसे रुद्राणी धमतरी जिले की पहली ऐसे बेटी हैं जिन्होंने बतौर पायलट के तौर पर यह मुकाम हासिल की है...रुद्राणी साहू की मानें तो जब वह कक्षा दसवीं में थीं तभी से उन्होंने पायलट बनने का सपना देखा था और 12वीं के बाद उन्होंने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी थी...उन्होंने बताया कि इसके लिए कोचिंग नहीं कीं बल्कि सेल्फ स्टडी के माध्यम से लिखित परीक्षा दी थीं. वह बताती हैं कि उनके इस प्रयास में परिवार ने भर पूर मदद की...
बेटी पर परिजनों ने भी नहीं थोपा खुद का सपना रुद्राणी का सपना है कि वह भविष्य में बोइंग विमान उड़ाएं. परिवार का कहना है उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी बेटी एक पायलट बनेगी. पिता बेटी को आईएएस (IAS) बनाना चाहता था और उनकी मां उन्हें डॉक्टर बनाना चाहती थीं, लेकिन बेटी पायलट बनना चाहती थी. इसलिए पूरे परिवार ने मिल कर उनकी मदद किया और आज बेटी पर फक्र है.