स्कूलों का युक्तियुक्तकरण छात्र शिक्षक और बेरोजगारों कें साथ अन्याय _मनोज साक्षी

स्कूलों का युक्तियुक्तकरण छात्र शिक्षक और बेरोजगारों कें साथ अन्याय _मनोज साक्षी
स्कूलों का युक्तियुक्तकरण छात्र शिक्षक और बेरोजगारों कें साथ अन्याय _मनोज साक्षी

धमतरी...जिला पंचायत सदस्य और युवा आदिवासी नेता मनोज साक्षी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छतीसगढ़ सरकार कें स्कूलों कें युक्तियुक्त करण करने कें फैसले की निंदा करते हुवे कहा है की शासकीय स्कूलों में स्थापित 2008कें निर्धारित सेटअप में प्राथमिक शाला में न्यूनतम 3शिक्षक माध्यमिक शाला में 5शिक्षकों कें स्थान पर क्रमश 2और 4शिक्षकों की पदस्थापना से ना केवल प्राथमिक और माध्यमिक शाला का अध्यापन प्रभावित होगा बल्कि शासन की इस नीति से निजी स्कूलों को सीधा लाभ दिलाने की शासन की मंशा उजागर हो रही है तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने विधानसभा में 32000हजार शिक्षकों की नई भर्ती करने की घोषणा की जिससे जो युवा शिक्षक बनने का सपना देख रहे है उन युवाओं कें सपने पर कुठाराघात करते हुवे युक्तियुक्त करण से सीधे 32000हजार शिक्षकों कें पद हमेशा कें लिये समाप्त हो जाएंगे जिससे शासकीय स्कूलों की गुणवत्ता सीधे तौर पर प्रभावित होगी शासन की इस मंशा से बेरोजगारी भी बढ़नी तय है छतीसगढ़ सरकार स्कूलों क युक्तिकरण करने में लगी है वहीं दूसरी ओर शासकीय शराब दुकानों की संख्या बढ़ाने में लगी हुई है शासन कें युक्तियुक्तकरण करने कें निर्णय से पूरे प्रदेश में 4077स्कूल और आदिवासी ब्लॉक नगरी में 100स्कूल हमेशा कें लिये बंद हो जाएगा