फर्जी ग्राम सभा के आधार पर दिया जा रहा माइनिंग लीज...रोजगार गारंटी योजना पर ठेकेदारी पद्धति हावी: मनीष कुंजाम*

फर्जी ग्राम सभा के आधार पर दिया जा रहा माइनिंग लीज...रोजगार गारंटी योजना पर ठेकेदारी पद्धति हावी: मनीष कुंजाम*
फर्जी ग्राम सभा के आधार पर दिया जा रहा माइनिंग लीज...रोजगार गारंटी योजना पर ठेकेदारी पद्धति हावी: मनीष कुंजाम*

 

सुकमा.गुरुवार को सुकमा बस स्टैंड पर मनीष कुंजाम व रामा सोड़ी की अगुवाई में सीपीआई ने नौ सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर बस स्टैंड से रैली निकाल एसडीएम सुकमा को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान हड़मा मरकाम, गंगा राम नाग, देवा सोड़ी, करतम जोगा, आराधना मरकाम,शैलेंद्र कश्यप, महेश कुंजाम, राजेश नाग, बुधरा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

मनीष कुंजाम ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि मंत्री कवासी लखमा कहते हैं कि तेंदूपत्ता का भुगतान पर गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई करेंगे परन्तु जिले के डीएमएफ राशि, मनरेगा राशि मे हो रही गड़बड़ी पर कार्रवाई क्यों नही किया जा रहा है। जिले में मॉडल आश्रम के नाम पर भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जितनी कि बिल्डिंग नही होती उससे ज्यादा का मरम्मत कार्य किया जा रहा है। उसमें भी भारी अनियमितता बरती जा रही है तो ऐसे लोगों पर कार्रवाई क्यों नही हो रही। जनता के टैक्स के पैसे का बंदरबांट किया जा रहा है। ईडी के अधिकारियों को इनके सम्पत्ति की भी जांच करनी चाहिए। जिले के मुरतोंडा में सत्ताधारियों के करीबी द्वारा फर्जी ग्राम सभा के आधार पर माइनिंग का कार्य किया जा रहा जिसमे भी मंत्री का हिस्सा बंधा हुआ है। गांव गांव में विदेशी शराब बिक रही है और कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी ही इस कारोबार में लिप्त हैं।

मनरेगा योजना में भी कर रहे भ्रष्टाचार : कुंजाम

श्री कुंजाम ने कहा कि मनरेगा योजना में भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। अपने चहेते को काम देने के लिए पोरदेम में बिना प्रस्ताव के ही 1.5 एकड़ खेत मे पचास लाख का कार्य स्वीकृत कर दिया जबकि वह क्षेत्र वन विभाग का आता है। बिरसटपाल में तालाब बनाने वाले ठेकेदार बताते हैं कि मनरेगा कार्यों में भी 37% का चढ़ावा सत्ताधारियों व अधिकारियों को देना पड़ रहा है ऐसे में क्षेत्र का विकास कैसे होगा। जो ठेकेदार सत्ताधारियों की गुलामी कर रहे हैं उनका विकास हो रहा है बाकी अन्य को दरकिनार कर दिया जा रहा है। खुद कांग्रेसी कहते हैं कि नए चाटुकारों को चढ़ावा देने के कारण तव्वजो दिया जा रहा है।

ये है नौ सूत्रीय मांगें.....

मनरेगा मद, डीएमएफ व अन्य मदों को जनहित में व्यय करें न कि ठेकेदारों के अनुरूप, मॉडल आश्रम के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच की जाए,मनरेगा कार्यों का भुगतान तत्काल की जाए, ग्राम पंचायत स्तर पर यूथ क्लब के गठन ग्राम सभा के आधार पर की जाए, रिक्त नियुक्तियों पर स्थानीयों की भर्ती की जाए,फर्जी लीज स्वीकृति ( किकिरपाल टिन खदान, पुसपल्ली मार्बल खदान, मुलाकिसोली ग्रेनाइट खदान) निरस्त की जाए, पेशा कानून का पूर्णतः पालन हो, बेरोजगारी भत्ता दी जाए, गिरदालपारा सिंचाई परियोजना की निष्पक्ष जांच की जाए।