महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन ने गंगा सप्तमी पर हरिद्वार में किया गंगा स्नान, आरती व पूजन

महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन ने गंगा सप्तमी पर हरिद्वार में किया गंगा स्नान, आरती व पूजन
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी उदासीन ने गंगा सप्तमी पर हरिद्वार में किया गंगा स्नान, आरती व पूजन

भीलवाड़ा। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी के शुभ पर्व पर हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा राजस्थान के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी ने हरिद्वार में गंगा स्नान, आरती व विशेष पूजन अर्चन किया। स्वामी जी ने जानकारी दी कि हिंदू धर्म में गंगा सप्तमी का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार,  गंगा सप्तमी गंगा मैया का पुनर्जन्म का दिन है,  ऐसा माना जाता है कि वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को भगवान शिव की जटाओं से धरती लोक पर गंगा मां की उत्पत्ति हुई थी। इस दिन गंगा स्नान व पूजन का भी महत्व है ।इस दिन गंगा में डुबकी लगाने और गंगा पूजन करने से अतीत और वर्तमान के सभी पाप धुल जाते हैं व  अनंत पुण्यफल की प्राप्ति होती है।
महामंडलेश्वर स्वामी हंसराज जी ने सम्पूर्ण विश्व के लिए सुख शांति की प्रार्थना की। स्वामी  जी के साथ महंत दिव्यानंद जी , महंत श्रवण मुनि जी व अन्य निर्वाण, संतों ने भी माँ गंगा की आरती व पूजन किया। इस अवसर पर आश्रम के संत गोविंद राम, ब्रह्मचारी इंद्रदेव, कुणाल व सिद्धार्थ भी उपस्थित थे।