भविष्य निर्माता युवाओं को राष्ट्र सेवा और देश के लिए कुछ कर गुजरने का एक अमूल्य अवसर मिला : लच्छू कश्यप अग्निपथ योजना को लेकर भाजपा ने किया प्रेसवार्ता




सुकमा. नरेन्द्र मोदी सरकार ने बीते मंगलवार को भारतीय युवाओं के लिए सशस्त्र बलों में सेवा हेतु एक ' अग्निपथ ' योजना को मंजूरी दी है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक क्रांतिकारी और परिवर्तनकारी पहल है जिसके माध्यम से देश के भविष्य निर्माता युवाओं को राष्ट्र सेवा और देश के लिए कुछ कर गुजरने का एक अमूल्य अवसर मिला है । इससे उनमें क्षमताओं व कौशल का निर्माण होगा , साथ ही देश का रक्षातंत्र और भी सशक्त होगा। उक्त बातें पूर्व विधायक लच्छू कश्यप ने कही। इस दौरान जिला अध्यक्ष हूँगाराम मरकाम, विशेष आमंत्रित सदस्य द्वय अरुण सिंह भदौरिया, धनीराम बारसे, सुकमा मंडल अध्यक्ष विनोद सिंह, जिला महामंत्री महेंद्र सिंह भदौरिया, जिला उपाध्यक्ष विश्वराज चौहान, विवेक यादव, दिलीप पेद्दी, मड़कम भीमा, राजकुमार कश्यप व अन्य उपस्थित रहे।
बुधवार को अटल सदन सुकमा में प्रेसवार्ता करते हुए पूर्व विधायक लच्छू कश्यप ने कहा कि चार साल की सेवा के बाद सबसे बेहतरीन 25 % अग्निवीरों को नियमित कैडर में जगह मिलेगी । शेष 75 % अग्निवीर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ( सीएपीएफ ) / राज्य पुलिस बल / अन्य सरकारी या कॉर्पोरेट नौकरियों में चयन के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाले अन्य उम्मीदवार की तुलना में अधिक सक्षम होंगे और योग्यता के आधार पर नौकरी पाने में अधिक सफल होंगे । अग्निवीरों की क्षमता आधुनिक हथियारों को अधिक पेशेवर रूप से संभालने में सक्षम होगी क्योंकि आधुनिक और परिष्कृत उपकरण अब केवल विशेष इकाइयों तक ही सीमित नहीं हैं , बल्कि फ्रंटलाइन इकाइयों की सबसे छोटी उप - इकाइयों तक भी फैल रहे हैं । बढ़ी हुई क्षमता के साथ , ये सैनिक भविष्य के युद्धों के लिए रक्षा बलों को कई स्तरों पर लड़ने के लिए तैयार करने के लिए खुद को बेहतर ढंग से ढालने में सक्षम होंगे । भारतीय रक्षा बलों को बड़े पैमाने पर जूनियर लीडरशिप की आवश्यकता है । उन कौशलों को बढ़ाने का वर्तमान तरीका जूनियर रंगरूटों को छोटी टीमों का नेतृत्व करने में सक्षम बनाने के लिए पूरी तरह सफल नहीं हो पाया है । पहाड़ी इलाकों में बढ़ती उम्र और उम्र से संबंधित शारीरिक क्षमता आपस में जुड़ी हुई है और कुछ मामलों में इसका प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ता है । अग्निपथ योजना इस चुनौती को कुशलता से हल करती है । इस प्रवेश प्रणाली के साथ , आने वाले वर्षों में यूनिट की औसत आयु प्रोफ़ाइल 32 से घट कर 26 वर्ष तक हो जाएगी । चूंकि हमारी चीन और पाकिस्तान के साथ मिलने वाली सीमा पहाड़ी इलाका है , इसलिए इन क्षेत्रों में कम आयु प्रोफ़ाइल वाली यूनिट उच्च ऊंचाई / अन्य पहाड़ी / कठोर इलाके में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगी और ये भविष्य में ऐसी लड़ाइयों में जीत में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन आज उग्र और अधिक हिंसक हो चला है । परिणामस्वरूप , राष्ट्रीय संपत्ति को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचता है । भारत का ' युवा उभार , जो इस समय देश का एक एसेट है , वह एसेट तभी बनी रह सकती है जब हमारी युवा शक्ति कुशल , नियोजित और अनुशासित हों । इसे सशस्त्र बलों से बेहतर कौन कर सकता है ?
श्री कश्यप ने कहा कि अग्निपथ योजना से जुड़े युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए अभी से कई मंत्रालय , राज्य सरकारें और निजी संस्थान मिल कर काम करने के लिए आगे आ रहे हैं । केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि अग्निवीर सैनिकों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में भर्ती में प्राथमिकता मिलेगी । इसी तरह उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , उत्तराखंड , असम और हरियाणा सरकार ने भी अपने - अपने राज्यों की पुलिस और अन्य संबंधित सेवाओं में भर्ती के लिए ' अग्निवीरों को प्राथमिकता देने का ऐलान किया है । कई निजी संस्थान भी इसके लिए आगे आये हैं और उन्होंने केंद्र सरकार के साथ मिल कर इस पर काम करने की इच्छा जताई है । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( UGC ) ने भी कहा है कि आयोग अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में शामिल होने वाले अग्निवीरों के कौशल को मान्यता देने की दिशा में काम करेगा । शिक्षा मंत्रालय ने 10 वीं पास अग्निवीरों को NIOS से 12 वीं सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की रूपरेखा तैयार की है। अग्निवीर योजना के माध्यम से युवाओं को न केवल दुनिया की सबसे अनुशासित और प्रोफेशनल आर्मी के साथ काम करने का अवसर मिल रहा है बल्कि ये योजना उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त भी कर रही है । वेतन के अलावा सेवा अवधि पूरी होने पर उन्हें ₹ 11.71 लाख कर मुक्त सेवा निधि पैकेज मिलेगा , जिससे वो आर्थिक रूप से भी सशक्त होंगे । देश में सभी राज्यों की पुलिस मिला कर लगभग दो करोड़ पुलिस के जवान हैं । असम राइफल्स में 65 हजार , रेलवे पुलिस में 76 हजार , सीआरपीएफ में 3 लाख , बीएसएफ में 2.75 लाख , एसएसबी में 95 हजार , आईटीबीपी में 90 हजार , सीआईएसएफ में 1.64 लाख जवान हैं । इन सब में अग्निवीरों को प्राथमिकता मिलेगी ।