प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी से किसान होंगे सशक्त : जैन

प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी से किसान होंगे सशक्त : जैन
प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी से किसान होंगे सशक्त : जैन

प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी से किसान होंगे सशक्त : जैन
 

संसदीय सचिव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का माना आभार

जैन ने बघेल को बताया किसान पुत्र,  कांग्रेस सरकार किसानों की सच्ची हितैषी

जगदलपुर। संसदीय सचिव तथा जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने छत्तीसगढ़ के किसानों से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान की खरीदी करने के राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होने इसे किसानों की सशक्तिकरण की दिशा में कांग्रेस सरकार के द्वारा लिया गया ऐतिहासिक निर्णय बताया है। अब तक राज्य में किसानों से प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही थी। गुरुवार को राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने यह घोषणा की थी। 

जैन ने कहा है कि सीएम  भूपेश बघेल इससे पूर्व आगामी सत्र से 2800 रुपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य घोषित किया था। इन दोनों फैसलों के लिए जगदलपुर विधायक ने क्षेत्र के किसानों की ओर से मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

उन्होने कहा है कि यह फैसले बताते हैं कि राज्य के किसानों का सशक्तिकरण  बघेल की प्राथमिकताओ में से एक है।  जैन ने मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल को किसान पुत्र निरुपित करते प्रदेश की कांग्रेस सरकार को किसान हितैषी बताया है। 

कर्ज माफी से अब तक लिए गए अनेक फैसले

संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा है कि 2018 में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से अब तक किसानों के हितार्थ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अनेक निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट की पहली बैठक में किसानों की कर्ज माफी का ऐतिहासिक फैसला लिया गया था। इससे जगदलपुर विधानसभा  क्षेत्र के हजारों किसान लाभान्वित हुए थे।

सीएम ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अनेक स्थानों पर नवीन धान खरीदी केंद्र खोलने को मंजूरी दी है। इसके परिणामस्वरुप अब किसानों का धान उस गांव के खरीदी केंद्र तक आने लगा है और उन्हें अनेक दिक्कतों से निजात मिल गई है। कांग्रेस सरकार हर साल धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि कर किसानों की दशा सुधारने में अपना योगदान दे रही है। किसानों से संबंधित यह ऐसे विषय हैं जिनका समाधान करने की ओर भाजपा सरकार ने कभी ध्यान नहीं दिया जबकि छत्तीसगढ़ में भाजपा 15 साल लगातार सत्ता में रही।