रेलवे अतिक्रमणकारी, बस्तर वासियों के विस्थापन पुनर्वास नीति को स्पष्ट करें, राज्य सरकार वह क्षेत्र के जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन - नवनीत चांद




शहर के प्रत्येक वार्ड में 60 कार्यकर्ता बनाने के लक्ष्य लेकर प्रत्येक वार्ड की समस्याओं के समाधान हेतु संघर्ष के लिए वार्ड -वार्ड पहुंचेगा मुक्ति मोर्चा जनता कांग्रेस जे का कार्यकर्ता शोभा गंगोत्री/संतोष सिंह
जगदलपुर। बस्तर अधिकारों की मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के बस्तर जिला अध्यक्ष के नेतृत्व व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे युवा विंग के संभागीय अध्यक्ष संतोष सिंह मुक्ति मोर्चा जगदलपुर शहर मंडल अध्यक्ष श्रीमती शोभा गंगोत्री की संयुक्त अध्यक्षता में जगदलपुर शहर के विभिन्न वार्ड के कार्यकर्ताओं की बैठक आज आहूत की गई जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति के आधार पर जगदलपुर शहर के 48 वार्डों में 60 कार्यकर्ता जोड़ने और उन्हें प्रशिक्षित करने का संकल्प लिया गया वही बस्तर जिला ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र के अंतर्गत 48 वार्ड में निवासरत लोगों की समस्याओं को सुनने वाह उनके समाधान हेतु प्रयास किए जाने हेतु पोस्टर लांच कर संपर्क नंबर जारी किया गया, तो वही विगत दिनों शहर के संजय गांधी वार्ड के निवास सज्जनों को रेलवे द्वारा अतिक्रमण खाली कराने हेतु नोटिस दिए जाने के विरुद्ध वही विगत 40 वर्षों से रहने वाले बस्तर वासियों के विस्थापन एवं पुनर्वास नीति पर राज्य सरकार बस्तर के क्षेत्र जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन द्वारा अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए आगामी दिनों में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
संजय गांधी वार्ड के निवासियों ने बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के पदाधिकारियों को आपबीती बताते हुए कहा की विगत 40 वर्षों से वह इस जमीन पर रह रहे है। तब न तो राज्य सरकार के विभाग न स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा हमे वहा रहने से रोका गया ,बल्कि वार्ड स्तर के जनप्रतिनिधियों द्वारा हमे सरकार के विश्वास पर बसाया गया था।आज अचानक पूरे वार्ड वाशियो को वार्ड से बेदखल करने का कार्य रेलवे के आला अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है।
वही जमीनी सच्चाई जानने के बाद भी राज्य सरकार , क्षेत्र जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है जिस कारण से आज हमें बेघर होने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है उत्पन्न समस्त परिस्थितियों को देखते हुए एवं पीड़ित पक्ष की बातों को सुनने के बाद बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के बस्तर जिला अध्यक्ष नवनीत चांद ने भाजपा युवा कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों उनकी सरकारों और उनकी सरकारों के अधीन कार्य करें संबंधित विभाग के प्रशासन को गरीबों के साथ इस तरह की खिलवाड़ के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि बस्तर पांचवी अनुसूची क्षेत्र है जहां कोई भी बड़ा फैसला बस्तर वासियों की सहमति व संवैधानिक प्रक्रिया के तहत की जाती है।
विगत 40 वर्षों से यह लोग बस्तर में निवास कर रहे हैं इसका प्रमाण विभिन्न प्रकार के टैक्स का भुगतान की प्रति है एवं वह हर सुविधाएं जो एक नागरिक को मौलिक अधिकार के रूप में मिलनी चाहिए वह सभी सुविधाएं विगत 40 वर्षों से पीड़ित पक्षों को मिल रहा है भूमि अधिग्रहण अधिनियम इस बात का उल्लेख है कि बस्तर में कोई भी परियोजना संचालन हेतु अधिग्रहण की गई जमीन में यदि संबंधित परियोजना विभाग द्वारा कोई कार्य नहीं किया जाता है तो 5 वर्ष के पीटने के पश्चात यह जमीन दूसरे हितों में भी हस्तांतरित की जा सकती है सवाल यह है कि 40 वर्षों में यह शहर बृहद तरीके से बड़ा पर 40 वर्षों से शासन करने वाली भाजपा व कांग्रेस की सरकार है ने कभी भी गरीबों के विस्थापन को ध्यान में रखते हुए नाही सरकारी जमीन आवंटित की गई और ना ही मकान आज प्रशासन केंद्र सरकार की योजना प्रधानमंत्री आवास का नया नामकरण कर ,मोर मकान मोर आश योजना के तहत विस्थापित जनों को मकान दिए जाने का वादा किया जा रहा है परंतु इस योजना की सच्चाई प्रभावितों से छुपाई जा रही है यह योजना साफ तौर पर यह कहती है कि एक बड़ा अंश योजना का लाभ लेने हेतु राज्य सरकार को देनी होगी ऐसे में जब यह पीड़ित अपना एक बड़ा आर्थिक अंश आपके मकान में लगा चुके हैं तब रेलवे के अतिक्रमण हटाने के अभियान के तहत यदि यह विस्थापित किए जाते हैं तो इनके लागत का मुआवजा व नए मकान की प्राप्ति कैसे करेंगे यह विषय बेहद गंभीर है पर इसकी गंभीरता को नाही बस्तर के स्थानीय जनप्रतिनिधि नहीं दोनों ही राष्ट्र पार्टियों के पदाधिकारियों एवं जिला प्रशासन समझ रहा है आगामी दिनों में बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ द्वारा संपूर्ण बस्तर वासियों के समक्ष पीड़ित पक्षों वास्तविक पक्ष रखकर उनका समर्थन प्राप्त कर विस्थापित लोगों को पुनर्वास पैकेज के तहत न्याय दिलाने हेतु संघर्ष करेगा।
दौरान बस्तर के कार मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों के रूप में राहुल पांडे, ओम मरकाम, मीना कोर , नीलकंठ दास, सुरेंद्र तिवारी पूजा गुरु दत्ता, बी भारती राव, लक्ष्मी दास गुरमीत ,कौर त्रिवेणी तिलक जानकी नाग ,किरण देवांगन, सुमति दास प्रमोद चौरसिया प्रमोद चौरसिया आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।