दहेज में लिया 1 रुपये: बहू को मुंह दिखाई पर सास-ससुर ने दिया 11 लाख की कार.... मुंह दिखाई में सौंपी कार की चाबी.... दुल्हन बोली, 'मैं बहू नहीं बेटी बनकर आई हूं'.......

दहेज में लिया 1 रुपये बहू को मुंह दिखाई पर सास-ससुर ने दिया 11 लाख की कार

दहेज में लिया 1 रुपये: बहू को मुंह दिखाई पर सास-ससुर ने दिया 11 लाख की कार.... मुंह दिखाई में सौंपी कार की चाबी.... दुल्हन बोली, 'मैं बहू नहीं बेटी बनकर आई हूं'.......

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डेस्क। राजस्थान के झुंझनूं में बिना दहेज की शादी और उसके बाद बहू को कार गिफ्ट में देकर इस सास-ससुर ने बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। खांदवा गांव में सात फेरे लेकर आई एक विवाहिता को उसके सास-ससुर ने मुंह में दिखाई में 11 लाख रुपये के कीमत वाली कार गिफ्ट दे डाली। जबकि दहेज में कुछ नहीं लिया और एक रुपये नारियल में रस्में अदा की। यह परिवार है खांदवा गांव का रहने वाला रामकिशन का परिवार। रामकिशन खुद सीआरपीएफ (CRPF) में एसआई (SI) है। सीआरपीएफ में SI ने अपने इकलौते बेटे की शादी में दहेज न लेकर मिसाल पेश की है। दंपती ने दहेज के नाम पर सिर्फ 1 रुपए और नारियल लिया है। यही नहीं, जब नई-नवेली बहू ससुराल आई तो सास ने मुंह दिखाई में उसे 11 लाख की लग्जरी कार गिफ्ट की। 

झुंझुनूं के इस दंपती ने अपने बेटे की शादी से पहले ही दहेज न लेने की शर्त रखी थी। खांदवा गांव के राम किशन यादव CRPF में SI के पद पर तैनात हैं। उनके इकलौते बेटे रामवीर की शादी अलवर के खुवाना गांव में 5 फरवरी को हुई। रामकिशन यादव और उनकी पत्नी कृष्णा ने तय किया था कि वह अपने इकलौते बेटे की शादी बिना दहेज करेंगे। शगुन के तौर पर परिवार ने सिर्फ 1 रुपए और नारियल लिया। रविवार को जब बहू इशा घर आई तो सास ने मुंह दिखाई में कार गिफ्ट की। इसकी कीमत करीब 11 लाख रुपए है। बहू की मुंह दिखाई में कार देने की चर्चा अब पूरे गांव में हो रही है। सास कृष्णा ने इसे सरप्राइज रखा था कि वह बहू को मुंह दिखाई में कार देने वाली है। घर आते ही उन्होंने कार की चाबी थमा दी।


दुल्हन ईशा बीए सेकेंड ईयर की स्टूडेंट है। दूल्हा रामवीर भी एमएससी कर रहा है। पिता राम किशन ने बताया कि उन्होंने पहले ही तय कर रखा था कि दहेज नहीं लेंगे। पत्नी की जिद थी कि मुंह दिखाई में बहू को बड़ा गिफ्ट देंगे। इसके बाद तय किया कि वह कार गिफ्ट करेंगी। उन्होंने यह बात किसी को नहीं बताया। सरप्राइज ही रखा। जैसे ही बहू घर आई तो उसे कार की चाबी थमा दी। वहीं, ईशा ने बताया कि में इस घर में बहू नहीं, बेटी बनकर आई हूं।