CG New CM : भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में तय हुआ छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री का नाम, सीएम की रेस में दो नए नामों की इंट्री,इन नामों पर लग सकती है मुहर.....

नई दिल्ली में जारी भाजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक समाप्त हो गई है। जिसमें छत्तीसगढ़ समेत तीनों राज्यों के सीएम के चेहरों पर अंतिम निर्णय ले लिया गया है। ऐसा सूत्र बता रहे हैं। छत्तीसगढ़ सहित मध्य प्रदेश और राजस्थान के पर्यवेक्षक के नाम पर भी अंतिम मोहर लग चुकी है उनके नाम की घोषणा भर बाकी है।

CG New CM : भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में तय हुआ छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री का नाम, सीएम की रेस में दो नए नामों की इंट्री,इन नामों पर लग सकती है मुहर.....
CG New CM : भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक में तय हुआ छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री का नाम, सीएम की रेस में दो नए नामों की इंट्री,इन नामों पर लग सकती है मुहर.....

नई दिल्ली। नई दिल्ली में जारी भाजपा के केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक समाप्त हो गई है। जिसमें छत्तीसगढ़ समेत तीनों राज्यों के सीएम के चेहरों पर अंतिम निर्णय ले लिया गया है। ऐसा सूत्र बता रहे हैं। छत्तीसगढ़ सहित मध्य प्रदेश और राजस्थान के पर्यवेक्षक के नाम पर भी अंतिम मोहर लग चुकी है उनके नाम की घोषणा भर बाकी है। जो कि कल यानि 8 दिसंबर को हो सकती है।

सूत्र यह भी बता रहे हैं कि 8 दिसंबर को छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा प्रभारी ओमप्रकाश माथुर और छत्तीसगढ़ भाजपा सह प्रभारी नितिन नबीन के साथ पर्यवेक्षक राजधानी रायपुर पहुंच सकते हैं। तभी विधायक दल की बैठक का आमंत्रित की जाएगी और उसमें विधायकों की राय लेने के बाद नई दिल्ली से केंद्रीय नेतृत्व द्वारा जो नाम तय किया गया है। उसके नाम की घोषणा विधायक दल की बैठक में पर्यवेक्षक द्वारा किए जाने की संभावना है।


इसके बाद विधायक दल के नेता के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। विधायक दल के नेता का प्रस्ताव वरिष्ठ भाजपा विधायक रखेंगे और दूसरे वरिष्ठ विधायक उस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।

इस प्रक्रिया को पूरे होने के बाद विधायक दल के नए नेता पर्यवेक्षक और दोनों प्रदेश प्रभारी के साथ राजभवन जाकर राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने का अनुरोध पत्र सौंपेंगे। उसके बाद राज्यपाल सरकार गठन और मुख्यमंत्री सहित उपमुख्यमंत्री और कुछ मंत्री परिषद के सदस्यों के शपथ ग्रहण की तारीख तय करेंगे।

चुनाव परिणामों में भापजा को बहुमत मिलने के साथ सीएम पद के लिए जिन नामों की चर्चा शुरू हुई उनमें पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, प्रदेश अध्‍यक्ष अरुण साव, केंद्रीय राज्‍य मंत्री रेणुका सिंह, पूर्व आईएएस ओपी चौधरी का नाम प्रमुख है। ये नाम चर्चा में बने हुए हैं, इस बीच सोशल मीडिया में दो नए नामों की इंट्री हो गई है। इसमें एक संघ से जुड़े हुए हैं दूसरे प्रदेश के बड़े ओबीसी चेहरा हैं।

इस बीच मुख्‍यमंत्री का नाम फाइनल करने और इस मामले में राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व का संदेश लेकर पर्यवेक्षक कल रायपुर पहुंचने वाले हैं, जो विधायकों की बैठक लेकर राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व के निर्णय से अवगत कराएंगे। उधर, सीएम पद की दौड़ में शामिल केंद्रीय राज्‍य मंत्री और भरतपुर- सोनहत सीट से नवनिर्वाचित विधायक रेणुका सिंह ने आज दिल्‍ली में पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मिलीं।

15 साल तक सरकार में रही भाजपा पांच साल के वनवास के बाद फिर से सत्ता में लौट आई है। अब रायपुर से दिल्ली तक हर किसी के जेहन में यही सवाल है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा? 15 साल तक सीएम रहे डॉ. रमन सिंह इनमें सबसे आगे हैं। इसके बाद अरुण साव, विष्णुदेव साय, रामविचार नेताम, रेणुका सिंह और ओपी चौधरी तक के नामों की चर्चा हो रही है। वहीं आज अचानक सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों में दो नए नामों पर चर्चा शुरु हो गई है। ये नए नाम महाराष्ट्र के गवर्नर रमेश बैस और संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. पुर्णेंद्रु सक्सेना हैं।


सोशल मीडिया में बताया जा रहा है कि संघ की ओर से डॉ. पुर्णेंद्रु सक्सेना का नाम भी सुर्खियों में है। वे राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रांत संघ संचालक होने के साथ अस्थिरोग विशेषज्ञ हैं। उनके पिता भी छत्तीसगढ़ में संघ के पदाधिकारी रहे हैं। डॉ. सक्सेना ने अपनी स्कूली और मेडिकल की पढ़ाई रायपुर में ही की। तीन साल पहले ही उन्हें प्रांत संघसंचालक बनाया गया है। भाजपा की सत्ता में वापसी में आरएसएस की बड़ी भूमिका रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता पहले बोल चुके हैं की सीएम का नाम चौंकाने वाला होगा। इन सबके बीच एक और नाम अचानक से चर्चा में आया है, वो है रमेश बैस का नाम। बैस की छवि और राजनीतिक कैरियर बेदाग है। वे कुर्मी समाज से हैं पिछड़ा वर्ग से आते हैं। केंद्रीय मंत्री और फिर राज्यपाल के रूप में भारत के कई राज्यों की राजनीतिक और प्रशासनिक शैली को भलीभांति रूप से समझते हैं। यही वजह भी है कि उन्हें नई जिम्मेदारी देकर प्रमोट किया जा सकता है। बैस 1989 में रायपुर लोकसभा सीट से पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए। इसके बाद वे लगातार 7 बार इस सीट से सांसद चुने गए। अभी वे महाराष्‍ट्र के राज्‍यपाल हैं। इससे पहले वे त्रिपुरा और झारखंड के गर्वनर रह चुके हैं।