CG Liquor Raid : बन रही थी नकली शराब, कोचिया बनकर पहुंच गए डिप्टी कमिश्नर, फिर जो हुआ.....

जिला आबकारी विभाग को अवैध शराब की एक बड़ी खेप पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। स्वयं कोचिया बनकर पहुंचे उपायुक्त विकास गोस्वामी ने इस पूरे मामले को पकड़ा। उन्होंने एक फर्जी ग्राहक बनकर शराब तस्करों से बातचीत की और पूरी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया। 

CG Liquor Raid : बन रही थी नकली शराब, कोचिया बनकर पहुंच गए डिप्टी कमिश्नर, फिर जो हुआ.....
CG Liquor Raid : बन रही थी नकली शराब, कोचिया बनकर पहुंच गए डिप्टी कमिश्नर, फिर जो हुआ.....

रायपुर। जिला आबकारी विभाग को अवैध शराब की एक बड़ी खेप पकड़ने में बड़ी सफलता मिली है। स्वयं कोचिया बनकर पहुंचे उपायुक्त विकास गोस्वामी ने इस पूरे मामले को पकड़ा। उन्होंने एक फर्जी ग्राहक बनकर शराब तस्करों से बातचीत की और पूरी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया। 

जानिए पूरा मामला 

दरअसल, पिछले दिनों से आबकारी विभाग को अवैध शराब के निर्माण, विक्रय और परिवहन की शिकायत मिल रही थी। चूंकि ये शराब विक्रेता बहुत ज्यादा शातिर होते है, इसलिए डिप्टी कमिश्नर विकास गोस्वामी ने विगत चार-पांच दिनों तक अलग-अलग नंबर से ग्राहक बनकर इन तस्करों से बातचीत की और पूरी कार्रवाई को बड़ी ही गोपनीय ढंग से अंजाम दिया।

इसका परिणाम यह हुआ कि आरोपी मोतीलाल साहू और बिना होलोग्राम वाली 40 पेटी नकली गोवा शराब जब्त की गई। साथ ही जाँच के दौरान ही एक अन्य आरोपी युवराज साहू और चार पहिया वाहन अशोक लीलैंड पिक अप CG 25 K 2638 में परिवहन करते हुए देसी शराब निर्माण में प्रयुक्त 300 लीटर O.P.(Over Proof) या स्प्रिट बिना होलोग्राम वाली 12 पेटी नकली गोवा शराब जब्त की गई।

लावारिस हालत में 8 पेटी नकली गोवा शराब जब्त किया गया। कार्रवाई के दौरान उक्त पिक अप वाहन में नकली बड़ी मात्रा में खाली शीशियां, खाली ढक्कन, अवैध शराब निर्माण सामग्री बनाने में प्रयुक्त सामग्री भरी हुई मिली। डिप्टी कमिश्नर ने बरसते पानी में नाका लगाकर टीम बनाकर पूरी कार्रवाई को दिया अंजाम दिया। राज्य में यह अपनी तरह की पहली बड़ी कार्रवाई है, जिसमें इतनी बड़ी मात्रा में शराब और अवैध शराब निर्माण सामग्री बरामद की गई है। अवैध परिवहन में प्रयुक्त वाहन भी जब्त किया गया। उक्त दोनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम वर्ष 1915 यथा संशोधित वर्ष 2020 की धारा 34(1)क, 34(1)च, 34(1) ज, 34(2), 59(क)और धारा 36 के तहत अपराध दर्ज कर जेल भेजा जा रहा है।