CG- उप मुख्यमंत्री ने स्वीकारा : पुलिसकर्मियों के वेतन भत्ते हैं कम, पुनरीक्षण के लिए किया समिति का गठन…..
छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान पुलिसकर्मियों के वेतन-भत्तों का मामला उठा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुलिसकर्मियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देते हुए भत्ता कम होने की बात स्वीकार की। इसके साथ उन्होंने भत्ते के पुनरीक्षण के लिए समिति गठन की जानकारी दी।




रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान पुलिसकर्मियों के वेतन-भत्तों का मामला उठा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पुलिसकर्मियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी देते हुए भत्ता कम होने की बात स्वीकार की। इसके साथ उन्होंने भत्ते के पुनरीक्षण के लिए समिति गठन की जानकारी दी।
कांग्रेस की विधायक चातुरी नंद ने प्रश्नकाल में पुलिसकर्मियों को देय वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाओं का मामला उठाया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पुलिस कर्मियों को एक महीने का अतिरिक्त वेतन दिया जाता है। उन्हें 12 माह की बजाय 13 माह का वेतन दिया जाता है। सालाना 8 हजार रुपए किट भत्ता दिया जाता है। नक्सल क्षेत्र में तैनात पुलिस कर्मियों को मूल वेतन का 20 % एवं 15% प्रति माह दिया जाता है। संवेदनशील, अति संवेदनशील, सामान्य क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को सामान्य क्षेत्र के आधार पर क्रमश 50%, 35% और 15% अतिरिक्त वेतन दिया जाता है।
पुनर्निरीक्षण के लिए समिति गठित
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया की इन तमाम भत्तों और सुविधाओं के पुनर्निरीक्षण के लिए समिति गठित की गई है। विधायक ने कहा कि पुलिस कर्मियों को 18 रुपए साइकिल भत्ता दिया जा रहा है। 100 रुपए पौष्टिक आहार, 60 रुपए वर्दी धुलाई भत्ता और 1500 रुपए गृह भत्ता दिया जा रहा है, जो काफी कम है। मंत्री ने कहा कि इन सबके लिए अंतर विभागीय पुनरीक्षण समिति का गठन किया गया है, जिसमें इस पर विचार किया जा रहा है। विधायक चातुरी नंद ने वेतन और भत्ता बढ़ाए जाने की मांग की। मंत्री विजय शर्मा ने स्वीकारा कि भत्ता कम है अंतर विभागीय समिति बना कर इसका शीघ्र निराकरण किया जाएगा।