CG ब्रेकिंग : कोरोना तो है ट्रेलर, पिक्चर तो अभी बाकी है - बाबा उमाकान्त...... ऐसा कोई भोजन मत खाओ जिसमें मांस का हिस्सा रहता है......

CG ब्रेकिंग : कोरोना तो है ट्रेलर, पिक्चर तो अभी बाकी है - बाबा उमाकान्त...... ऐसा कोई भोजन मत खाओ जिसमें मांस का हिस्सा रहता है......
CG ब्रेकिंग : कोरोना तो है ट्रेलर, पिक्चर तो अभी बाकी है - बाबा उमाकान्त...... ऐसा कोई भोजन मत खाओ जिसमें मांस का हिस्सा रहता है......

कोरोना तो है ट्रेलर, पिक्चर तो अभी बाकी है - बाबा उमाकान्त

ऐसा कोई भोजन मत खाओ जिसमें मांस का हिस्सा रहता है

अम्बिकापुर (छतीसगढ़)। बिमारियों से बचने का उपाय बताने वाले, कर्मों की सजा से बचाने वाले, इस समय के पूरे समरथ सन्त सतगुरु, परम दयालु, त्रिकालदर्शी, दुखहर्ता, उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त महाराज ने 9 अप्रैल 2023 प्रातः सिंगरौली (मध्य प्रदेश) में दिए व अधिकृत यूट्यूब चैनल जयगुरुदेवयूकेएम पर लाइव प्रसारित संदेश में प्रकृति द्वारा शाकाहारी और मांसाहारी जीवों में बनाई गयी कई विभिन्नताओं को गिनाते हुए कहा कि मांसाहारी जानवर चाट कर पानी पीते हैं जैसे कुत्ता, शेर, बिल्ली आदि। और शाकाहारी खींच कर पानी पीते हैं जैसे गाय, बैल, भैंस आदि। कुदरत ने अलग से बना दिया। न समझने के कारण लोग इनको मार काट देते, खा जाते हैं, अपने शरीर को गंदा कर लेते, खून को बेमेल कर लेते हैं। आदमी शाकाहारी खून लेकर के पैदा होता है और मांस खाने पर खून बेमेल हो जाता है जिससे रोगी हो जाता है फिर दवा फायदा नहीं करती। जब जानकारी हो जाए तब ऐसा नहीं करना चाहिए।

सिंगरौली में महाराज ने दी चेतावनी

ऐसे नशे का सेवन मत करना जिससे बुद्धि भ्रष्ट हो जाए जैसे शराब, गांजा, भांग, अफीम, कोकीन या अन्य जो तेज नशे वाली चीजें बाजारों में आ गई। आमदनी पैसे के लिए गोलियों में, लिक्विड में लोगों ने सप्लाई कर दिया। आज मैं बैढ़न, सिंगरौली में आपको बता कर जा रहा हूं कि मांस-शराब और नशीली गोलियों की आमदनी से कोई भी देश तरक्की नहीं कर पायेगा। भारतीय संस्कृति को लाना पड़ेगा, पुरानी जो संस्कृति रही है, जो मानव धर्म है, उससे शांति आएगी, उसको लाना पड़ेगा। हमको यही कहना है- हाथ जोड़कर विनय हमारी, तजो नशा बनो शाकाहारी।

अस्पताल में रिसर्च करो, शाकाहारी कम, मांसाहारी ज्यादा मिलेंगे

बाबा उमाकान्त ने 8 अप्रैल 2023 प्रातः अंबिकापुर (छत्तीसगढ़ ) में बताया कि नुकसान, बीमारी पैदा करने वाली अखाद्य चीजों जैसे मांस, मछली, अंडा को मत खाओ। ये बीमारी पैदा करते, खून को बेमेल कर देते हैं। जो चीज आदमी खाता है उसी का खून बनता है। पशुओं का मांस खाने से बने मांसाहारी खून का तालमेल शाकाहारी खून से नहीं खाता। इसीलिए बीमारियां बढ़ती चली जा रही हैं। अस्पताल खुलते चले जा रहे हैं फिर भी डॉक्टरों से ज्यादा मरीज बढ़ते चले जा रहे हैं। रिसर्च करो, चले जाओ अस्पतालों में, भर्ती मरीजों से पूछो कितने शाकाहारी और कितने मांसाहारी लोग हैं। शाकाहारी कम मिलेंगे, मांसाहारियों को बीमारियां ज्यादा होती है। 

कोरोना तो है ट्रेलर, पिक्चर तो अभी बाकी है

बीमारियाँ अभी आपने क्या देखी है? करोना कुछ नहीं। यह तो है ट्रेलर। आगे देखना कैसी-कैसी बीमारियां, तकलीफ आएंगी। लोगों को कर्मों की सजा मिलेगी जिससे आज तक कोई बच नहीं पाया। जिन (जानवरों) को मारते, काटते हो, सोचो उसे कितना दर्द होता है। अगर आपकी उंगली कट जाए, आपके बच्चे को कोई एक थप्पड़ मार दे तो कितना दर्द तकलीफ होती है और जिसको पालते-पोसते, खिलाते हो उसी बच्चे का बकरे बकरी का गर्दन काट देते हैं। तो इसकी सजा मिलेगी कि नहीं मिलेगी? जिसको बना नहीं सकते हो, उसको आप बिगाड़ने के हकदार कहां से हो गए? संकेत देकर के गए महात्मा- जो गल काटे और का, अपना रहा कटाये, साहब के दरबार में, बदला कहीं न जाए। जो दूसरे का गला काटता है, समझ लो अपना गला काटने की तैयारी कर रहा है। इसीलिए हत्या हिंसा से बचो और हिंसा किया हुआ मांस को मत खाओ।

ऐसा कोई भोजन मत खाओ जिसमें मांस का हिस्सा रहता है

मांस खाने वाले पैसे वाले लोग कहोगे कि हम मारते काटते नहीं खरीद कर, पैसा देकर लाते हैं। लेकिन अभी सब लोग मांस खाना बंद कर दें तो कोई बकरा, भैंसा, मुर्गा कटेगा? नहीं काटेगा। उनको आप रोक तो नहीं सकते हो लेकिन खुद छोड़ सकते हो, दूसरे को छुड़वा सकते हो। परिवार वाले, रिश्तेदारों को छुड़वा सकते हो। तो दया करो। दया बहुत बड़ा धर्म होता है। जीव की रक्षा करना बहुत बड़ा पुण्य का काम होता है। हिंसा हत्या न करो और न किसी जानवर को मारो, काटो और वो मारे काटे जाए, ऐसा कोई काम मत करो। ऐसा कोई भोजन आप मत खाओ, जिसमें मांस का हिस्सा रहता है। इन चीजों को आप छोड़ दो।