वन कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को भाजपा का मिला समर्थन

वन कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को भाजपा का मिला समर्थन

सुकमा. सुकमा वन कर्मचारी संघ के द्वारा प्रांतीय आह्वान पर 13 सूत्रीय मांग को लेकर जिला मुख्यालय में वन परिक्षेत्र कार्यालय सुकमा के सामने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए। वही वन कर्मियों की हड़ताल में चले जाने से इसका फायदा वन तस्करों द्वारा उठाया जा रहा है, इन दिनों जंगल मे लगातार आग लगने से वनों व वन्य जीवों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। 

 

भाजपा जिला अध्यक्ष हुंगाराम मरकाम ने कहा कि जिले में वन विभाग के कर्मचारी बीते 6 दिनों के अनिश्चितकालीन आंदोलन पर बैठे हुए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री बीते विधानसभा चुनाव के दौरान कर्मचारियों के मांग पूरा करने की घोषणा किए थी लेकिन अब तक एक भी वादा पूरा नहीं किया है जिसके कारण से मजबूरन में आज कर्मचारी आंदोलन करें के लिए बाध्य हो गए हैं। वन कर्मचारियों की सभी मांगों को तत्काल मुख्यमंत्री पूरा करें।  

इन मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल

वनरक्षक का वेतनमान वर्ष 2003 से 3050 स्वीकृत किया जाए। वनरक्षक, वनपाल, उप क्षेत्रपाल कर्मचारियों का वेतनमान मांग अनुसार किया जाए। पुरानी पेंशन योजना लागू करें। छग राज्य गठन के पश्चात् नया सेट अप पुनरीक्षण करें। महाराष्ट्र सरकार की तरह 5 हजार रुपये पौष्टीक आहार, वर्दी भत्ता दिया जा रहा है, पदनाम वर्दी हेतु संबोधित नाम अन्य पहचान निर्धारण आदेश जारी करे। वनोपज संघ के कार्य हेतू 01 माह अतिरिक्त वेतन दिया जाए। काष्ट वनोपज प्रदाय से कमी मात्रा की वसुली निरस्त, राइटऑफ किया जाए। विभागीय पर्यटन स्थल में वन कर्मचारियों एवं सेवानिवृत्त वन कर्मचारियों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाए। वनपाल प्रशिक्षण अवधि 45 दिन किया जाए। वनपाल प्रशिक्षण केन्द्र कोनी (बिलासपुर) प्रारंभ किया जाए। मृत्य , वानिकी चोकीदार का समायोजन किया जाए। दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को नियमित करें। दवेवाड़ा वनमण्डल के उप वनमण्डलाधिकारी दन्तेवाड़ा अशोक कुमार सोनवानी को दन्तेवाड़ा वनमण्डल से तत्काल अन्यत्र हटाया जाए।

6 दिन भी हड़ताल जारी वन तस्करों की मौज

प्रांतीय आह्वान पर जिले के वन कर्मचारी पीछले 5 दिनो से लगातार हड़ताल पर बैठे हुए हैं, वन कर्मियों की हड़ताल को 6 दिन बीत गए हैं। अधिकारी एसी रूम में बैठकर मीटिंग कर रहे हैं और जंगलों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। वन कर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से जिले भर के तस्करों की मौज हो गई है, जगंलों में लकड़ी तस्करों की बड़ी तादाद सक्रिय हो चुके है।