Employees Regularization : कर्मचारियों के लिए Good News मिल सकता है नियमितीकरण का लाभ, अनुपूरक बजट में शामिल करने की मांग, वेतन-पदोन्नति पर भी फैसला संभव….

कर्मचारी द्वारा अपनी मांगों के लिए अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। माना जा रहा है कि कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण को अनुपूरक बजट में शामिल किया जा सकता है।

Employees Regularization : कर्मचारियों के लिए Good News मिल सकता है नियमितीकरण का लाभ, अनुपूरक बजट में शामिल करने की मांग, वेतन-पदोन्नति पर भी फैसला संभव….
Employees Regularization : कर्मचारियों के लिए Good News मिल सकता है नियमितीकरण का लाभ, अनुपूरक बजट में शामिल करने की मांग, वेतन-पदोन्नति पर भी फैसला संभव….

Employees Regularization : कर्मचारियों को जल्दी नियमितीकरण का लाभ मिल सकता है। कर्मचारियों द्वारा इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं साढ़े 4 साल भी मांग पूरी नहीं होने के बाद अब कर्मचारी आंदोलन के मूड में आ गए हैं। घोषणा पत्र में सरकार द्वारा नियमितीकरण का वादा किया गया था। जिसके बाद अब कर्मचारी द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू किया गया है। आगामी चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों को मानते हुए नियमितीकरण पर जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

 

54 विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

छत्तीसगढ़ के 54 विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारी 33 जिलों में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नियमितीकरण का वादा अभी भी अधूरा है। जिसके बाद इस तरह के निर्णय लेने पड़ रहे हैं। जिला संयोजक तारकेश्वर साहू के मुताबिक सरकार ने संविदा कर्मचारियों से 2018 के चुनाव के घोषणापत्र में नियमितीकरण का वादा किया था लेकिन सरकार गठित होने के 4 साल 6 महीने के बाद वादे को पूरा नहीं किया गया है, जो पूरी तरह से गैर लोकतांत्रिक है।(Employees Regularization )

 

अनुपूरक बजट में उन्हें शामिल करने की मांग 

सरकार से मांग करते हुए कर्मचारी संघ ने कहा है कि आने वाले अनुपूरक बजट में उन्हें शामिल कर प्रदेश के समस्त संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा पूरा किया जाए। इससे पहले कभी सभी मंत्री गण, विधायकों और जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर नियमितीकरण की मांग की गई है। 4 साल के भीतर छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार द्वारा सभी विभागों से नियमितीकरण के लिए संविदा कर्मचारियों के आंकड़े की मांग की गई थी। कुछ विभागों द्वारा आंकड़े उपलब्ध कराए गए जबकि अन्य विभागों द्वारा अभी आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जिन विभागों द्वारा आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।  सरकार उनसे आंकड़े उपलब्ध कराने की मांग कर सकती है।  इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा।(Employees Regularization )

 

वही संविदा कर्मचारियों द्वारा नियमितीकरण की मांग पर हो रहे हड़ताल के बीच 2024 में होने वाले छत्तीसगढ़ में चुनाव में कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लग सकता है। वही 53 विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारी की हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई है।  कर्मचारी प्रदेश भर में प्रदर्शन कर रहे हड़ताल पर जाने वाले में स्वास्थ्य विभाग के अलावा पंचायत, कृषि शिक्षा विभाग के कर्मचारी शामिल हैं।(Employees Regularization )

 

कर्मचारी संगठन द्वारा नियमितीकरण की मांग जारी

बीते 4 सालों में अलग-अलग समय पर कर्मचारी संगठन द्वारा नियमितीकरण की मांग की जा रही है।  कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाए कई बार बातचीत की पहल करने के बावजूद प्रशासनिक अफसरों ने कोई चर्चा नहीं की है। कर्मचारियों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। संविदा कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें स्थाई किया जाए।  साथ ही उन्हें नौकरी की सुरक्षा 62 वर्ष तक प्रदान की जाए। इतना ही नहीं वरिष्ठता के लाभ सहित वेतन, ग्रेजुएटी, क्रमोन्नति-पदोन्नति सहित सामाजिक सुरक्षा, अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए।(Employees Regularization )