CG- पाकिस्तानी संस्था को नहीं मिलेगी जमीन: बवाल के बाद अफसरों ने किया स्पष्ट.... रद्द किया आवेदन.... दो अधिकारियों को नोटिस जारी.... आवेदन एवं प्रकरण प्रारंभिक स्थिति में ही निरस्त एवं नस्तीबद्ध.... जानिए मामला......




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रायपुर 3 जनवरी 2022। संस्था दावते इस्लामी छत्तीसगढ़ रायपुर का आवेदन एवं प्रकरण प्रारंभिक स्थिति में ही निरस्त एवं नस्तीबद्ध कर दिया गया था। रायपुर में पाकिस्तानी मूल के धार्मिक और सामाजिक संगठन दावते इस्लामी को जमीन दिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया। अब इस मामले में जिला प्रशासन की तरफ से सफाई जारी की गई है। कहा गया है कि दावते इस्लामी को कोई जमीन नहीं दी जा रही है। अखबार का एक इश्तिहार भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया था। जिसमें दावते इस्लामी की तरफ से 10 हेक्टेयर जमीन रायपुर के बोरियाखुर्द में मांगी गई थी। यह जमीन सामुदायिक भवन के लिए मांगी गई थी।
इश्तिहार में जमीन दिए जाने पर दावा आपत्ति की बात की गई थी। रविवार को ही भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस पूरे मामले में सवाल खड़े किए थे और कहा था कि आखिर किस वजह से इस संगठन को आनन-फानन में यह जमीन बांटी जा रही है। मामले में किरकिरी हुई तो जिला प्रशासन ने सफाई जारी की है। कहा गया है कि 10 हेक्टेयर जमीन दावते इस्लामी को नहीं दी जा रही है। संगठन ने आवेदन 10 हजार वर्ग फीट जमीन के लिए किया था, इस आवेदन को भी निरस्त कर दिया गया है। अनुविभागीय दंडाधिकारी रायपुर देवेंद्र पटेल ने स्पष्ट किया है कि संस्था दावते इस्लामी छत्तीसगढ़ रायपुर का आवेदन एवं प्रकरण प्रारंभिक स्थिति में ही निरस्त कर नस्तीबद्ध किया गया है।
उन्होंने बताया है कि आवेदक संस्था दावते इस्लामी छत्तीसगढ़ रायपुर की ओर से सय्यद कलीम द्वारा सामुदायिक भवन के निर्माण हेतु ग्राम बोरियाखुर्द स्थित शासकीय भूमि ख. न. में से 10 हेक्टेयर भूमि के आवंटन हेतु आवेदन पत्र कलेक्टोरेट कार्यालय में 28 / 1 / 2021 को प्रस्तुत किया गया था। आवेदन प्राप्त होने पर अत्तिरिक्त तहसीलदार द्वारा प्रारंभिक प्रक्रिया अंतर्गत इश्तिहार प्रकाशन हेतु ज्ञापन जारी किया गया। इश्तिहार प्रकाशन के उपरान्त आवेदक द्वारा अतिरिक्त तहसीलदार के न्यायालय में उपस्थित होकर अपना आवेदन ये कहकर वापस लिया कि त्रुटिवश उनके द्वारा रकबा 10 हेक्टेयर लिखा गया है, जबकि उन्हें केवल 10 हजार वर्गफुट की ही आवश्यकता है। उनके द्वारा आवेदन पत्र में खसरा नंबर भी गलत लिखा गया है। तत्पश्चात दिनांक 01 /01 /2022 को तहसीलदार न्यायलय द्वारा आवेदन पत्र निरस्त कर प्रकण नस्तीबद्ध कर दिया गया है ।
यह उल्लेखनीय है कि आरबीसी के प्रावधान के अंतर्गत 10 हजार वर्गफुट भूमि आबंटन तहसीलदार/ जिला स्तर पर नहीं किया जा सकता एवं किसी संस्था को भूमि आवंटन विस्तृत प्रक्रिया / दावा - आपत्ति के पश्चात शासन को अनुमोदन हेतु प्रेषित किया जाता है। संबंधित प्रकरण प्रारंभिक स्थिति में ही निरस्त हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इश्तिहार प्रकाशन में हुई त्रुटि के लिए प्रभारी अधिकारी भू आवंटन ( कलेक्टरेट ) एवं अत्तिरिक्त तहसीलदार को नोटिस जारी किया जा रहा है।