केशकाल मे हुवे ईसाई समाज का शोभा यात्रा के बाद, धर्मान्तरण हेतु प्रेरित करने वाले ईसाईयों पर कार्यवाही का आवेदन,बजरंग दल के साथियों द्वारा गैर संन्वेधानिक कदम, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार व धर्म का प्रचार प्रसार का अधिकार सभी वर्ग के लोगो को है प्राप्त - नरेन्द्र भवानी

केशकाल मे हुवे ईसाई समाज का शोभा यात्रा के बाद, धर्मान्तरण हेतु प्रेरित करने वाले ईसाईयों पर कार्यवाही का आवेदन,बजरंग दल के साथियों द्वारा गैर संन्वेधानिक कदम, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार व धर्म का प्रचार प्रसार का अधिकार सभी वर्ग के लोगो को है प्राप्त - नरेन्द्र भवानी
केशकाल मे हुवे ईसाई समाज का शोभा यात्रा के बाद, धर्मान्तरण हेतु प्रेरित करने वाले ईसाईयों पर कार्यवाही का आवेदन,बजरंग दल के साथियों द्वारा गैर संन्वेधानिक कदम, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार व धर्म का प्रचार प्रसार का अधिकार सभी वर्ग के लोगो को है प्राप्त - नरेन्द्र भवानी

केशकाल मे हुवे ईसाई समाज का शोभा यात्रा के बाद, धर्मान्तरण हेतु प्रेरित करने वाले ईसाईयों पर कार्यवाही का आवेदन,बजरंग दल के साथियों द्वारा गैर संन्वेधानिक कदम, धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार व धर्म का प्रचार प्रसार का अधिकार सभी वर्ग के लोगो को है प्राप्त - नरेन्द्र भवानी

जगदलपुर : मामले मे छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बयान जारी कर कहा है की दिनांक 14 दिसंबर 2023 को केशकाल थाना अंतर्गत एक धार्मिक मामले मे स्थानीय बजरंग दल के साथियों द्वारा थाना मे लिखित शिकायत की गई और बकायदा आवेदन देकर कार्यवाही की मांग किया गया है और अपने अपने हक अधिकार हेतु हर जागरूक संघठन को ऐसा करना शोभा भी देता है !

आवेदन इस प्रकार रहा की दिनांक 12 दिसंबर को ईसाई समाज के लोग केशकाल मे शोभा यात्रा निकाल कर धार्मिक ग्रन्थ का ऐसे शब्द घर घर मे बोला जा रहा था जिससे धर्मान्तरण करने को प्रेरित करने जैसा शब्द रहा उस शब्दों को लिखित पोस्टर द्वारा बांटा भी गया जो जो यह धार्मिक ग्रंध के पोस्टर को बांटा है उसकी पहचान कार्यवाही की जावे अन्यथा धरना प्रदर्शन किया जाएगा !

छत्तीसगढ़ युवा मंच संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बड़े ही कड़े शब्दों ऐसे आवेदन देने वाले नेताओ को कहा की यह देश भारत देश है जहां बाबा भीमराव अम्बेडकर का भारतीय संविधान चलता है ना किसी का का मुह बोला शब्द और उसी संविधान मे हर वर्ग के लोगो को धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है और धार्मिक स्वतंत्रता के तहत !

भारतीय संविधान में धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है।

अनुच्छेद 25 से 28 में संविधान के तहत धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार की गारंटी है।

प्रत्येक भारतीय नागरिक को अपने धर्म का शांतिपूर्वक अभ्यास करने और बढ़ावा देने का अधिकार है।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 में कहा गया है कि सभी व्यक्ति समान रूप से अंतरात्मा की स्वतंत्रता और सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के लिए धर्म के स्वतंत्र रूप से प्रचार, अभ्यास और प्रचार करने के अधिकार के हकदार हैं।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 26 में कहा गया है कि सभी संप्रदाय धर्म के मामलों में अपने स्वयं के मामलों का प्रबंधन कर सकते हैं।

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 27 में कहा गया है कि किसी भी व्यक्ति को किसी विशेष धर्म या धार्मिक संप्रदाय के प्रचार या रखरखाव के लिए कोई कर देने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

ऐसे अधिकार प्राप्त के बावजूद थाना मे लिखित शिकायत कर विशेष ईसाई समाज को बदनाम करने की प्रयास करने जैसी यह कदम निंदनीय है इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस तो पहुंचेगा को साथ ही साथ क्षेत्र की शान्ति व्यवस्था भी होती है प्रभावित स्थानीय पुलिस प्राशासन ऐसे मामलो पर शान्ति बहाल कर सही मायने मे किस पर कार्यवाही करनी चाहिए मंथन करना चाहिए !