महिला महापौर महिलाओं के लिए ही असंवेदनशील - तरुणा साबे बेदरकर




महिला संवेदनाओं से विहीन है महिला महापौर व सभापति - तरुणा बेदरकर
हाथों में गंगाजल लेकर शराबबंदी का वादा करने वाली सरकार मोहल्ले मोहल्ले खोल रहीं शराब दुकान - तरुणा
छत्तीसगढ़ / जगदलपुर । विगत दिनों जगदलपुर शहर के हृदय स्थल पुराना बस-स्टैंड परिसर में निर्मित निगम की शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में प्रीमियम शराब दुकान खोलने का प्रस्ताव निगम की आम सभा में बहुमत के साथ पारित कर दिया गया और इलाके में जहां कुछ ही दूरी के दायरे पर कई विद्यालय, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य ब्रांच, सीताराम शिवालय एवं मस्जिद भी स्थित है साथ ही साथ यह वही सड़क है जो पथरागुड़ा, लालबाग, आमागुड़ा, सिविल लाइन, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और सनसिटी को शहर की मुख्य मार्केट, संजय मार्केट, प्रतापगंजपारा, शहीद पार्क, कुम्हारपारा व अन्य क्षेत्रों से जोड़ती है जिसके चलते दिन भर सैकड़ों महिलाएं, कॉलेज जाने वाली युवतियां और स्कूल जाने वाले बच्चियां का आवागमन होता रहता है।
अब तक इस क्षेत्र से शहर की महिलाएं बिना झिझक, बिना किसी डर के देर रात को भी आवागमन करती थी ऐसे जगह पर प्रीमियम ब्रांड की शराब की दुकान खोलना क्या आबकारी नीति का उलंघन नही है? छत्तीसगढ़ शासन की संशोधित आबकारी नियम के तहत शहर के भीतर किसी तरह की शराब की दुकान नहीं हो सकती और देशी - विदेशी तमाम शराब की दुकानों को शहर व हाईवे से दुरस्त किसी गांव में स्थापित किये जाने का प्रावधान बताई गई है। शायद नियमों को ताक पर रख कर और असंवैधानिक तौर - तरीकों से कार्य करना ही स्थानीय निगम शासन और प्रदेश सरकार अपनी शान समझ बैठी है। उक्त बातें आम आदमी पार्टी की जिलाध्यक्ष तरुणा साबे बेदरकर ने विज्ञप्ति जारी कर कही।
उन्होंने कहा कि किस प्रकार से निगम के सदन में यह प्रस्ताव पारित हो जाता जब ज्यादातर पार्षद महिलाएं हैं और खुद जगदलपुर की प्रथम महिला एक महिला है। ज्ञात हो कि ये वन्ही महिलाएं जो चांदनी चौक में शराब दुकान को हटाने के विरोध में कई आंदोलनों में समर्थन देते हुए मोर्चा खोली थी। लेकिन सत्ता पाते ही पार्षद - महापौर बनते ही महिलाओं की हक, अस्मिता, परेशानी, समस्याओं को दरकिनारे कर सिर्फ और सिर्फ प्रदेश शासन व कुछ नेताओं इशारों पर थिरकने वाली कठपुतली बन बैठी है निगम सरकार। उन्होंने कहा कि निगम में महापौर सभापति समेत 50% से ज्यादा महिला जनप्रतिनिधि है इसके बाद भी ऐसा प्रस्ताव सदन में पास हो जाना बहुत ही शर्मनाक है और सिर्फ और सिर्फ धनोपार्जन की ओछी राजनीति से प्रेरित है जिनको स्थानीय महिलाओं की सुरक्षा और अस्मिता से कोई सरोकार नहीं है।
जिलाध्यक्ष तरुणा साबे बेदरकर ने सभी महिला जनप्रतिनिधियों से सवाल करते हुए पूछा क्या वे शराब दुकान के बाजू में बने किसी रेस्टोरेंट पर नास्ता करते हुए सहज मेबसूस करेंगी? क्या चांदनी चौक पर जब गुजरती है तो शराबियों के अश्लीलता और गाली गलौच वाले शब्दों के बीच सहज महसूस करती है? उन्होंने कहा कि अगर स्थानीय महिला जनप्रतिनिधि इतना ही सहज महसूस करते हो तो अपने ही घर के भीतर का सामने प्रीमियम शराब दुकान खोलने की व्यवस्था सुनिश्चित कर दुकान का उद्घाटन करें। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन प्रीमियम शराब बट्टी शहर के हृदय स्थल पर खोलने की अपनी तुगलकी एवं महिला विरोधी फरमान को वापस नहीं लेती तो आम आदमी पार्टी की महिला विंग सहित पूरी पार्टी व्यापक जनांदोलन खड़ा करेगी।
● पहले बेहूदा गाने पर नाच अब बीच बाज़ार खुलवा रही शराब दुकान - आरती पटनायक
आम आदमी पार्टी के महिला विंग की जिलाध्यक्ष आरती पटनायक ने कांग्रेस नीत नगर पालिक निगम जिसकी महापौर व सभापति स्वयं महिला हैं पर टिप्पणी करते कहा हैकि ये अत्यंत शर्म की बात है कि गंगाजल हाथ में लेकर शराब बंदी का वादा करने वाली सरकार आज जगह-जगह शराब दुकान खोल रही है और आबकारी नियमों के विरुद्ध जाकर सत्ता के मद में जनता को अपने फैसले थोप रही है।
निगम में जब पहली बार युवा महिला महापौर और सभापति महिला बनी तब सुकून का अनुभव हुआ कि अब हमारे शहर में महिलाओं की समस्याओं का निजात मिलेगी। महिला महापौर महिलाओं की समस्या और भावनाओं को समझेंगी। लेकिन कुछ ही दिनों में यह सपना भी चूर चूर हो गया जब एक महिला महापौर नारी अस्मिता को तार-तार करने वाली बेहूदा गाने पर प्रशासनिक आयोजन में थिरकती नजर आई। उस चीज़ को भी भुलाकर यहां की महिलाओं ने ससम्मान हमेशा अच्छा काम करने हेतु प्रेरित किया।