Travel Insurance : अगर आप घूमने फिरने के हैं शौकीन तो फ्लाइट में देरी या टिकट कैंसिल होने पर, ट्रैवल इंश्योरेंस से रिफंड करा सकते हैं पैसा....जाने पूरा प्रोसेस...

Travel Insurance: If you are fond of traveling, then in case of flight delay or ticket cancellation, you can get refund from travel insurance money....know the whole process... Travel Insurance : अगर आप घूमने फिरने के हैं शौकीन तो फ्लाइट में देरी या टिकट कैंसिल होने पर, ट्रैवल इंश्योरेंस से रिफंड करा सकते हैं पैसा....जाने पूरा प्रोसेस...

Travel Insurance : अगर आप घूमने फिरने के हैं शौकीन तो फ्लाइट में देरी या टिकट कैंसिल होने पर, ट्रैवल इंश्योरेंस से रिफंड करा सकते हैं पैसा....जाने पूरा प्रोसेस...
Travel Insurance : अगर आप घूमने फिरने के हैं शौकीन तो फ्लाइट में देरी या टिकट कैंसिल होने पर, ट्रैवल इंश्योरेंस से रिफंड करा सकते हैं पैसा....जाने पूरा प्रोसेस...

Travel Insurance Claim on Flight Ticket :

 

फ्लाइट में देरी या टिकट कैंसिलेशन, यहां तक कि फ्लाइट का री-शेड्यूल होना यात्रियों के लिए आम बात है. लेकिन चिंता न करें. आपको अब बड़ी राहत मिल रही है. अगर आपने कोई ट्रैवल इंश्योरेंस लिया है तो चेक करें उसमें फ्लाइट डिले का विकल्प है या नहीं. अगर यह ऑप्शन है तो आप फ्लाइट में देरी होने पर भी उसका मुआवजा क्लेम कर सकते हैं. कंपनी को इसका पैसा देना होगा. कई बार ऐसा होता है कि यात्री को किसी कारणवश एयरपोर्ट पर कई घंटों तक इंतजार करना होता है. 

इसकी लिमिट 120 से 150 मिनट तक है, लेकिन कोई बड़ी समस्या आ जाए तो यह समय बढ़ सकता है. इससे यात्री का खर्च बढ़ जाता है. ऐसा होने पर आप खर्च को क्लेम कर सकते हैं. ट्रैवल इंश्योरेंस में फ्लाइट देरी होने पर क्लेम पाने की सुविधा भी मिलती है. इसके तहत मौमस में खराबी के चलते फ्लाइट में देरी, एयरलाइन कंपनियों के क्रू मेंबर और सपोर्ट इंप्लॉयी की गैर-मौजूदगी, फ्लाइट में कोई टेक्निकल इश्यू, विमान की कोई मशीनरी या औजार खराब हो जाए, एयर ट्रैफिक जाम, क्रू शेड्यलिंग इश्यू या फ्लाइट में देरी या री-शेड्यूलिंग के चलते कैंसिलेशन हो जाए तो उसे इंश्योरेंस में कवर किया जाता है. (Travel Insurance Claim on Flight Ticket)

कब नहीं मिलता क्लेम :

फ्लाइट में देरी होने पर क्लेम तब नहीं दिया जाएगा जब फ्लाइट उड़ने से पहले यात्री को इसकी सूचना दे दी गई हो. क्लेम का पैसा तब नहीं दिया जाएगा जब यात्रियों को विमान सेवा से जुड़ी सर्विस में किसी हड़ताल के बारे में पहले ही नोटिस दिया गया हो. अगर एयरलाइन कंपनी हमेशा के लिए अपनी सर्विस बंद कर दे, तो भी क्लेम का पैसा नहीं दिया जाएगा. एक्सपर्ट के मुताबिक, ट्रैवल इंश्योरेंस लेने से पहले देख लेना चाहिए कि उसमें फ्लाइट डिले के क्लेम की क्या शर्तें हैं. अगर शर्तें मंजूर हों तो पॉलिसी लेनी चाहिए, वर्ना किसी और पॉलिसी पर गौर करना चाहिए. (Travel Insurance Claim on Flight Ticket)

फ्लाइट में देरी होने पर क्या करें :

फ्लाइट में देरी होने या टिकट कैंसिल होने पर उसका पैसा इस बात पर निर्भर करता है कि पॉलिसी का प्रीमियम कितना चुकाया गया है. इसका नियम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा के लिए भी अलग-अलग होता है. फ्लाइट में देरी होने पर अगर कोई यात्री होटल में रुकता है और उसे चार्ज देना होता है, तो एक रात का भी पैसा इंश्योरेंस कंपनी को चुकाना होगा. हालांकि ये सभी क्लेम तभी मिलेंगे जब आपकी पॉलिसी में यह सब शामिल होगा. पॉलिसी लेते वक्त इन बातों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए. फ्लाइट में देरी या फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्री ऑनलाइन या फोन कॉल के जरिये इंश्योरेंस एजंट से संपर्क कर अपना क्लेम सेटल करा सकता है.

अभी मॉनसून का सीजन चल रहा है जिसमें फ्लाइट में देरी आम बात है. इसका नियम है कि अगर फ्लाइट 2 घंटे से अधिक देर होती है, तो ट्रैवल इंश्योरेंस के तहत उसका पैसा चुकाना होगा. इसका फायदा लेने के लिए कुछ शर्तों पर गौर करना होगा. अगर अंतरराष्ट्रीय ट्रिप पर जाना है तो कुछ दिन पहले इंश्योरेंस ले लें. क्लेम में कितना पैसा मिलेगा यह आपकी पॉलिसी के प्रीमियम पर निर्भर करेगा. इसलिए पॉलिसी को लैप्स न होने दें, उसका पैसा समय पर चुकाते रहें. (Travel Insurance Claim on Flight Ticket)