आज सभी धर्मों को एक करके और आपसी समझ और भाईचारे का निर्माण करके और किसी धर्म के लोगों को आहत न करके ही भारत विश्व शांति दूत और विश्व गुरु के रूप में उभरेगा.

Today, by uniting all religions and building mutual understanding and brotherhood,

आज सभी धर्मों को एक करके और आपसी समझ और भाईचारे का निर्माण करके और किसी धर्म के लोगों को आहत न करके ही भारत विश्व शांति दूत और विश्व गुरु के रूप में उभरेगा.
आज सभी धर्मों को एक करके और आपसी समझ और भाईचारे का निर्माण करके और किसी धर्म के लोगों को आहत न करके ही भारत विश्व शांति दूत और विश्व गुरु के रूप में उभरेगा.

NBL, 03/06/2022, Lokeshwer Prasad Verma,. Today, by uniting all religions and building mutual understanding and brotherhood and not hurting the people of any religion, India will emerge as a world peace ambassador and world guru.

भारत को विश्‍वविजेता नहीं बनना है। अलबत्‍ता, उसका लक्ष्‍य जोड़ने का होना चाहिए। भारत का अस्तित्‍व जोड़ने के लिए है किसी को जीतने के लिए नहीं, भारत किसी को जीतने के लिए नहीं बल्कि सभी को जोड़ने के लिए अस्तित्व में है, पढ़े विस्तार से... 

आज विश्व में एक ही देश है भारत जो सर्व धर्मों को जोड़ने व पालन व पोषण करने वाले देश है, जैसे नदी अनेक है पर समुन्दर एक है, वैसे ही भारत देश हमारा है, लेकिन आज कई कारणों से विसैला होते जा रहे हैं, जो पूर्व काल मे घटना घटते थे, और मानव जीवन खतरे में पड़ जाते थे कुछ विदेशी आक्रान्ताओ के कारण वैसे ही महसूस आज कई धर्मों के लोग कर रहे हैं, जबकि भारत देश सुरक्षा व अपने देश वासियो को सुरक्षित रखने के लिए विश्व मे नम्बर वन स्थान रखते हैं। क्योकी भारत दयालू व कृपालू देश है। 

जब देश के सर्व धर्म जुड़ जाएंगे  और आपसी भाईचारा क़ायम हो जाएंगे और अपने अपने धर्म व कर्म में मस्त रहेंगे और कोई आपसी झगड़ा नहीं होंगे तेरा धर्म बड़ा मेरा धर्म बड़ा की कोई खिचतान नहीं करेंगे तो देश मे पुण्य का मात्रा बढ़ जायेंगे उस परम सत्ता के मालिक के आशीर्वाद से क्योकी एक धर्म की नहीं अनेक धर्म का पूजा उपासना व प्रार्थना जुड़ जायेंगे तो चारों ओर खुशहाली ही खुशहाली होंगे, बस सर्व धर्म के लोगों मे राष्ट्र प्रेम होने चाहिए तो भारत को और भारत देश के रहवासियो का कोई कुछ भी अन्य बाहरी देश नुकशान नहीं पहुचा सकते, क्योकी एकता मे बहुत बल है। 

भारत देश वासियो को एक अपना ख्याल रखनी पड़ेगी सर्व धर्म के लोगों के द्वारा कही हमारे आपसी भाईचारा व प्रेम को खत्म करने वाले आसुरी शक्ति हमारे बीच मे तो नहीं है जो जोड़ने की जगह तोड़ने का काम कर रही  है और आप अगर ऐसे लोगों से सचेत हो गए इसका मतलब है आप सुरक्षित है। आपके विकास व आपके धर्म में कोई बाधा डाल नहीं सकता। 

भारत देश एक ऐसे प्लेट फार्म है जिसमे नाना प्रकार के धर्म के लोग निवास करते हैं, इन्ही के बीच भारत की राजनीति चलती है, और अपने राजनितिक फायदे के लिए धर्म के लोगों को टारगेट कर उसमे मतभेद पैदा करते है, और उसी मतभेद से उनके राजनीति आगे बढ़ती है और हम आम जन मानस दुश्मनो की तरह आपस मे लड़ते झगड़ते है, जबकि हम सभी को एक ही देश मे रहना है, कोई दूसरे देश रोटी कपडा व मकान रोजगार नहीं देगा न ही ये राजनीतिक नेता देगा हमें ये सब मिलेगा यह सब अपने हमारे अधिकार से हमारे मेहनत से और सर्व धर्म के आपसी भाईचारा क़ायम रखने से। क्योकी इन्ही राजनीती के द्वारा द्वेश पैदा के कारण व्यापार भी धर्म के साथ जुड़ गया है, और इससे सर्व धर्म के लोगों को नुकशान उठाना पड़ रहा है। यह भी देश के लोगों के लिए चिंता का विषय है। 

आज राष्ट्र के हर धर्म हर वर्ग को जोड़ने की ओर आगे बढ़े, क्योकी राष्ट्र सर्व धर्मों के लोगों की है, और इन्ही एकता से देश मजबुत बनेगा और देश विकास के पथ पर आगे बढ़ेगा, और देश मे आतंकवादी व नक्सल वादी संगठन कमजोर हो जाएगे और देश की राजनीति भी साफ सुथरी राजनीति करेगी,  जब हम लोकतंत्र मजबुत होंगे तब ये सारी चालाकी धरे के धरे रह जाएंगे,  क्योकी इनकी राजनीति हमारे देश के लोकतंत्र से चलती है। और हम लोकतंत्र के मजबुती को दुनिया देखे और हमारे एकता को देखकर अन्य देश ये कहने के लिए मजबुर हो जाए विशाल भारत देश सर्व धर्मों के देश होते हुए भी वहा का आवाम कितने शांति के साथ रहते हैं, तब भारत देश का गौरव बढ़ेगा और हम भारत विश्व गुरु बन कर उभरेंगे। और सर्व धर्म के लोग गर्व से कहेंगे हम सब शांति भारत के रहने वाले भारतीय है।