शैक्षणिक संस्थानों को तम्बाकू मुक्त करने को बनाई जा रही रणनीति कोटपा एक्ट का कड़ाई से पालन है जरूरी

शैक्षणिक संस्थानों को तम्बाकू मुक्त करने को बनाई जा रही रणनीति कोटपा एक्ट का कड़ाई से पालन है जरूरी

 

 

जगदलपुर 18 सितम्बर। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास लगने वाली दुकानो में तंबाकू उत्पादों को रोकने हेतु राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा जिले में कार्ययोजना बनायी जा रही है। इससे विद्यार्थियों में धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन की बढ़ती लत को कम करने में सहायता मिलेगी। नशे से होने वाले दुष्प्रभावों व उनसे बचाव के लिये समस्त शैक्षणिक संस्थानों को तम्बाकू मुक्त बनाने हेतु बीते दिनों विशेष राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया था। 

 

तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी सह जिला सीएमएचओ डॉ.डी राजन ने बताया, "शिक्षण संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद सिगरेट, खैनी, बीड़ी, जर्दा, पान मसाला आदि की बिक्री पर रोक लगाना जरूरी है। नशा एक ऐसी आदत है जो समाज मे तेजी से फैल रही है । कम उम्र से ही बच्चे तंबाकू एवं तंबाकू उत्पादों के आदि होने लगे हैं, जिससे उनका शरीरिक, मानसिक व आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। अतः इसे रोकने के लिये कोटपा एक्ट की कड़ाई से पालन करने के साथ-साथ तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान बनाना बहुत जरूरी है।“

 

ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे 2016-17 के अनुसार छत्तीसगढ़ में 39.1 प्रतिशत लोग किसी न किसी प्रकार से तंबाकू का सेवन करते हैं। यह देश की औसत 28.4 प्रतिशत से अधिक है। इसमें से 7 प्रतिशत लोग ऐसे थे जिन्होंने 15 वर्ष की उम्र से पहले ही तम्बाकू का सेवन शुरू किया था। 29 प्रतिशत ने 15-17 वर्ष की उम्र से और 35.4 प्रतिशत ने 18-19 वर्ष में सेवन शुरू किया। यानी औसतन 18.5 वर्ष की आयु में तंबाकू का सेवन शुरू किया था।

 

कोटपा एक्ट जाने क्या है 

सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेद और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियम) अधिनियम,जिसे कोटपा एक्ट, 2003 के नाम से भी जाना जाता है ।

 

क्या कहती है धारा- 

 

धारा 4 क्या है

1.सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान अपराध है।

2.सार्वजनिक स्थानों के प्रभारी /मालिक हर प्रवेश द्वार एवं हर मंजिल से सुस्पष्ट स्थान पर एक काले धुएं के साथ सिगरेट अथवा बीड़ी के चित्र को काटती हुए प्रदर्शित होगी ।

3.बोर्ड के नीचे प्रभारी/मालिक (जिसके पास उल्लंघन की शिकायत की जानी है) का नाम व फोन नंबर लिखा हो, यदि सार्वजनिक प्रभारी/मालिक उल्लंघन करने पर कार्रवाई नहीं करता है, तो उस पर व्यक्तिगत अपराधों की संख्या के समतुल्य जुर्माना लगाया जायेगा ।

4.सार्वजनिक स्थानों पर (स्मोकिंग एड) सिगरेट, लाइटर एवं बीड़ी सिगरेट जलाने के लिए उपकरण (माचिस) उपलब्ध नहीं करवाये जायेंगे।

5.केवल 30 कमरों से ज्यादा वाले होटल, 30 व्यक्तियों से ज्यादा बैठने की क्षमता वाले भोजनालय एवं एयरपोर्ट में अलग स्मोकिंग जोन बनाया जा सकता है, लेकिन वह केवल कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही बनाया जा सकता है । 

उक्त नियमों के उल्लंघन पर ₹200 तक का जुर्माना किया जा सकता है ।

 

धारा 5 क्या है 

1.तंबाकू पदार्थों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध है।

2.तंबाकू पदार्थों को बेचने वाली दुकान पर काले अक्षरों में सफेद पृष्ठभूमि का बोर्ड लगा सकते हैं जिस पर ‘’तंबाकू से कैंसर होता है’’ लिखा होना चाहिए।

3.तंबाकू पदार्थों को बेचने वाली दुकान पर लगे बोर्ड चमकदार (बिजली युक्त) नहीं होना चाहिए।

4.टेलीविजन व फिल्मों में तंबाकू के दृश्यों को दिखाना अपराध है।

उक्त नियमों को उल्लंघन पर 1 से 5 वर्ष की कैद ₹1000 से ₹5000 का जुर्माना लगाया जा सकता है

 

धारा 6 क्या है

1.18 वर्ष से कम आयु वर्ग को तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है।

2.18 वर्ष से कम आयु वर्ग के द्वारा तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है।

3.नाबालिगों को तंबाकू पदार्थ बिक्री स्थान पर दिखाई नहीं देना चाहिए।

4.बिक्री के स्थान पर एक बोर्ड लगाना आवश्यक है ।

5.शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है ।