नदी नाले किचड मार्गो को पार कर पहुची विधायक घोर नक्सल क्षेत्र के ग्राम मासूलखोई

नदी नाले किचड मार्गो को पार कर पहुची विधायक घोर नक्सल क्षेत्र के ग्राम मासूलखोई
नदी नाले किचड मार्गो को पार कर पहुची विधायक घोर नक्सल क्षेत्र के ग्राम मासूलखोई

छत्तीसगढ़ धमतरी जिले के अति नक्सल क्षेत्र नगरी ब्लाक के ग्राम मासूलखोई एक ऐसा गाव है जो आज विकास विहीन है इस गाव मे आजतक कोई विधायक या सासंद नही पहुचे है जहा ग्रामीणो द्वारा गाव मे शिक्षा व्यवस्था अच्छा व बच्चो के भविष्य सुधारने कई तरह की माग की गई जहा हमेशा इनकी मागो को अनसुना कर दिया गया ऐसे मे ग्रामीणो द्वारा गाव मे शिक्षा व्यवस्था सुधारने स्कूल भवन मे ग्रामीणो की सहयोग से अहाता निर्माण , मुख्य गेट , चेकर टाईल्स व बच्चो को शिक्षा से जोडने समूह द्वारा प्राइवेट स्कूल के तर्ज पर यूनिफार्म भी वितरण किया गया जहा गाव मे नये स्कूल लोकार्पण पर विधायक अंबिका मरकाम पहुची....

बता दे नगरी क्षेत्र का टायगर रिजर्व घोर नक्सल क्षेत्र है जहा अच्छे अच्छे अधिकारी व नेता जाने से परहेज करते है आज भी ऐसे कई ग्राम है जहा आज तक किसी भी विधायक सासंद का कदम नही पडा...ठीक ऐसे ही ग्राम मासूल खोई विकासखंड मुख्यालय से चालीस किलो मीटर की दूरी पर बसा है जहा पहुचने से पहले खल्लारी मंदिर मे विधायक अंबिका मरकाम व पूर्व विधायक लक्ष्मी ध्रुव ने पूजा अर्चना कर क्षेत्र मे विकास व सुख शाति के लिये पूजा अर्चना की जहा ग्राम मे पहुचते ही विधायक का बाजे गाजे से स्वागत कर स्कूल का लोकार्पण कार्यक्रम किया गया...वही गाव मे विधायक के पहुचते ही गाव मे त्योहार जैसा माहौल हो गया बोले गाजे के साथ बच्चो ने नृत्य भी किया व हर तरह के पकवान बनाकर कर मेहमानो का स्वागत किया गया...

 ग्रामीणो ने विधायक से गाव मे सामुदायिक भवन , आगनबाडी , आहता , सीसी सडक , पूल की माग की.... जहा विधायक अंबिका मरकाम ने कहा की मै आपके पास आपके यहा विकास की ही बात करने आई हू और हमेशा आते रहूगी वही गोंडवाना भवन की घोषणा के साथ नर्तक दल को दस हजार देने की घोषणा की व बाकी सभी मागो को पूरा करने का आश्वासन भी दिया....वही ग्रामीणो ने स्कूल मे शिक्षक की कमी व पिछले दिनो एक शिक्षक पर चावल चोरी के इल्जाम के बाद उसे ब्लाक मुख्यालय के पास पोष्टीग देने को लेकर नाराजगी जताई व उस शिक्षक को फिर से वनाचल के ही स्कूल मे ड्यूटी देने की बात कही क्योकि हमेशा शिक्षक की माग पर अधिकारी द्वारा शिक्षक की कमी बताई जाती है